For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुझाव एवं शिकायत

Information

सुझाव एवं शिकायत

Open Books से सम्बंधित किसी प्रकार का सुझाव या शिकायत यहाँ लिख सकते है , आप के सुझाव और शिकायत पर Team Admin जरूर विचार करेगी .....

Location: All world
Members: 99
Latest Activity: Jan 1

Discussion Forum

Response to Discussions 4 Replies

Dear friends:As many of us have noticed, usually there is not much response to the discussions at various Groups. This is true with English poems, as well, and one feels like a loner walking at night in the darkness in a big city with no street…Continue

Started by vijay nikore. Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Oct 13, 2017.

ग़ज़ल प्रकाशित नही होने के सम्बन्ध में 1 Reply

महोदय मैंने अभी अपनी एक ग़ज़ल को तीन बार पोस्ट किया परंतु प्रकाशित नही की गयीं है 3 दिन बीत गए । यदि कोई समस्या हो तो बताने का कष्ट करें ।

Started by Naveen Mani Tripathi. Last reply by योगराज प्रभाकर Oct 17, 2016.

ओबीओ का रंग 1 Reply

आदरणीय प्रधान  सम्पादक  जी ,                            नमस्कारमेरा  मानना है  कि हमारा  ओबीओ मंच साहित्य के  विविध  रंगों से  सरोबार  है। इसको  इतना फीका , उदास -सा  रंग यानी  रंगहीन-सा  बिलकुल नहीं  होना  चाहिए। मेंबर  होने  के  नाते ये  सिर्फ…Continue

Started by kanta roy. Last reply by Er. Ganesh Jee "Bagi" Jun 8, 2016.

कोई प्रदीप नील को बताएगा क्या ? 1 Reply

आदरणीय OBO टीम के वरिष्ठ सदस्य्गण ,मैं समझता हूँ कि यह उचित मंच है जहाँ मानकों के  आधार पर किसी चुटकुले को  लघुकथा , या लघुकथा को  चुटकुला घोषित किया जाता है।  अभी लघुकथा महा उत्सव ख़त्म हुआ है ,  थके होंगे तथा वहां शामिल रचनाओं के संकलन में व्यस्त…Continue

Started by प्रदीप नील वसिष्ठ. Last reply by योगराज प्रभाकर Dec 2, 2015.

थोड़ी हैरान हूं । 2 Replies

आदरणीय वरिष्ठ जन,सादर नमस्कार, मुझे शिकायत नहीं हैरानी है कि रचनाओं को जितने पाठक मिल रहे है उसकी तुलना में आधी मात्रा में भी प्रतिक्रिया नहीं मिलती।जबकि इस ग्रुप में काफ़ी सदस्य है । तो थोड़ी हताशा होती है । यूं लगता है जैसे लिखना व्यर्थ गया । सादर…Continue

Started by Rahila. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Nov 10, 2015.

छंद विधान के साथ संबंधित छंद का मानक/आदर्श वाचन का आडियो भी दिया जाये 1 Reply

एक निवेदनभरतीय छंद विधा में विभिन्न छंदों के मात्रिकता आंतरिक संरचना पर जानकारी उपलब्ध है । जिसके आधार पर मैं रचनाकर्म का अभ्यास करता हूॅ किंतु मुझे बार बार गेयता पर ध्यान देने का सुझाव दिया जाता है जो स्वागतेय  है इस परिप्रेक्ष्य में एक आग्रह है…Continue

Started by रमेश कुमार चौहान. Last reply by Prakash Chandra Baranwal Oct 6, 2015.

List of latest postings in various GroupsI 1 Reply

Just like OBO posts a list of the latest blogs on the right side of the screen, I suggest that OBO also post a list of latest additions to the various groups. This will serve the same significance as is presently offered to the 'blog posts'.…Continue

Started by vijay nikore. Last reply by Saurabh Pandey Jul 23, 2015.

क्या यह मेरा भ्रम है ? 17 Replies

व्यक्तिगत जीवन की व्यस्तताओं व विवशताओं के कारण पूर्व की भाँति न तो लिख पा रहा हूँ और न ही प्रतिक्रिया ही प्रकट कर पा रहा हूँ किन्तु ओबीओ पर पोस्ट रचनायें प्रतिदिन नियमित तौर पर पढ़ रहा हूँ. हाँ ! मासिक आयोजनों में सक्रिय रहने की यथा शक्ति कोशिश…Continue

Tags: है, ?, भ्रम, मेरा, यह

Started by अरुण कुमार निगम. Last reply by मिथिलेश वामनकर Jul 2, 2015.

समूह या फोरम में इतिहास को शामिल करने की आवश्यकता 6 Replies

 आदरणीय एडमिनआप सभी सुधी विद्वान है I आपको साहित्य और  इतिहास का संबंध ज्ञात है  I ऐतिहासिक कहानियों , उपन्यासों और काव्यों  से इतर इतिहास के लेख भी रोचक होते है और हमें अच्छी जानकारियां  भी देते है I   इस मंच पर  राजनीति और फिल्म संबंधी लेख के लिए…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव. Last reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Nov 26, 2014.

भोजपुरी प्रतियोगिता को दुबारा प्रारम्‍भ करने के संबंध में आग्रह पत्र 9 Replies

आदरणीय श्री गणेज जी                             सादर प्रणाम                                श्रीमान ना मेरा कद है और ना ही आपके किसी निर्णय के बारे में बोलने का हक ही है, परन्‍तु श्रीमान जी शायद आज पहली बार मैं इस वेवसाइट के अवलोकन करने एवं इसके…Continue

Started by Akhand Gahmari. Last reply by Akhand Gahmari Dec 5, 2013.

Comment Wall

Comment

You need to be a member of सुझाव एवं शिकायत to add comments!

Comment by Naveen Mani Tripathi on January 1, 2018 at 9:23pm

एडमिन से निवेदन है कि मेरी एक ग़ज़ल तीन दिन से अप्रूव होने के लिए प्रतीक्षा रत है ।

Comment by Dr. Vijai Shanker on October 13, 2017 at 5:28am
It appears that it has worked now . May be it was an Internet issue . The aproval is awaited now .
Thanks for your reply .

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on October 13, 2017 at 1:00am

कैप्चा Captcha मतलब Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart. यह किसी वेबसाईट और उसके सर्वर को सुरक्षित रखने की जांच प्रणाली है. इसमें किसी वेबसाईट पर कोई फॉर्म भरते समय, एकाउंट खोलते समय तथा कोई कमेन्ट या पोस्ट करते समय, यह सुनिश्चित किया जाता है कि उक्त प्रक्रिया करने वाला कोई रोबोट नहीं है बल्कि इंसान है. दरअसल कई हैकर्स सर्वर डाउन करने के लिए किसी सर्वर की वेबसाईट पर रोबोट सोफ्टवेयर (या अपनाप चलने वाला सॉफ्टवेयर) चला देते हैं. वह रोबोट आटोमेटिक फॉर्मफिल /कमेन्ट/ पोस्ट करते रहता है जिससे सर्वर पर बहुत अधिक लोड आ जाता है और सर्वर डाउन हो जाता है. जिससे वेबसाईट बंद हो जाती है. इससे सुरक्षा के लिए Captcha बनाया गया है. जिसमे i am not a robot को क्लिक करना होता है. पहले Captcha की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए किसी चित्र को क्लिक करना या कोई अल्फाबेट या नम्बर को भरकर सबमिट करना होता था. जो कि बहुत समय लेने वाली प्रक्रिया थी. कई बार कैप्चा के अक्षर या अंक बहुत अस्पष्ट होते थे इसलिए  अब reCaptcha की प्रक्रिया को अपना लिया गया है जिसमें केवल i am not a robot को क्लिक करना होता है. और आपका फार्म/पोस्ट/कमेन्ट सबमिट हो जाता है. इसमें समय भी नहीं लगता है.


यह प्रणाली चूंकि वेबसाईट को सुरक्षित रखने के उद्देश्य में सफल रही है अतः इसे एक समस्या के रूप में न देखकर सहर्ष स्वीकार करना चाहिए. इसमें अपने कमेन्ट या पोस्ट को सबमिट करने के बाद i am not a robot ही तो क्लिक करना है.  सादर 

Comment by Mahendra Kumar on May 4, 2017 at 7:28pm

आ. योगराज सर, लघुकथा गोष्ठी को विषयमुक्त किये जाने के सन्दर्भ में मैं आ. समर सर की बातों से सहमत हूँ। विषययुक्त गोष्ठी के दो प्रमुख लाभ हैं, पहला तो यह कि रचनाकार कुछ नया लिखने के लिए प्रेरित होता है और दूसरा यह कि एक ही विषय पर प्रस्तुत विभिन्न रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है। विषययुक्त गोष्ठियां एक रचनाकार को अपनी क्षमता को जानने और उसे सुधारने का अवसर भी प्रदान करती हैं। इसलिए मेरा सुझाव यही है कि लघुकथा गोष्ठी को पूर्णतः विषयमुक्त न किया जाए। इस सन्दर्भ में, गोष्ठी को विषयमुक्त किये जाने के अपेक्षा विषय को अधिक रोचक (हालाँकि ओबीओ लघुकथा गोष्ठी के विषय स्वयं में रोचक ही हुआ करते हैं) बनाने अथवा एक से अधिक विषय देने जैसे प्रयास किये जा सकते हैं। हाँ, बीच-बीच में गोष्ठी को विषयमुक्त किया जा सकता है। निश्चित ही ऐसे विषयमुक्त आयोजन में अलग-अलग फ्लेवर की लघुकथाएँ पढ़ने को मिलेंगी जैसा कि आ. रवि सर ने भी कहा है और जिसकी पुष्टि 25वीं लाइव लघुकथा गोष्‍ठी से भी होती है। सादर धन्यवाद। 

Comment by Samar kabeer on May 4, 2017 at 5:49pm
गुस्ताख़ी की मुआफ़ी के साथ ये अर्ज़ करना चाहूँगा कि अगर लघुकथा गोष्ठी को विषय मुक्त करने से पुराने लघुकथाकार अपनी पुरानी रचनाएँ भुनाने लगेंगे,और नये लघुकथाकारों को जो अभ्यास कर रहे हैं आसानी हो जायेगी जो उनके अभ्यास के लिये मुनासिब नहीं होगा,विषय देने से बहुत सी बातों की इस्लाह हो जाती है,और सबको एक फ़िक्र रहती है कि कुछ नया लिखना है,ये फ़िक्र ख़त्म हो जायेगी ।
मिसाल के तौर पर अगर तरही मुशायरे में मिसरा न निकाला जाये तो क्या होगा ? ये कहने की ज़रूरत नहीं,इसलिये मेरा विनम्र निवेदन है कि लघुकथा गोष्ठी को विषय से मुक्त न रखा जाये ।

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 4, 2017 at 3:05pm

जनाब रवि प्रभाकर जी, कई और साथिओं ने भी आयोजन को विषयमुक्त कर देने के बारे में अनुरोध किया हैI आश्वस्त रहें इस पर अवश्य विचार किया जाएगाI  

Comment by Ravi Prabhakar on May 3, 2017 at 4:21pm

आदरणीय प्रधान संपादक जी, 25वीं लाइव लघुकथा गोष्‍ठी की अपार सफलता को देखते हुए मैं आग्रह करूंगा कि प्रतिमाह होने वाले आयोजन को किसी भी विषय से मुक्‍त रखा जाए । विषय पर लिखना न केवल कठिन होता है बल्‍िक इससे सारा प्रवाह एक ही तरफ हो जाता है । विषय मुक्‍त रखने से अलग अलग फ्लेवर की लघुकथाएं पढ़ने को मिलती हैं। सादर

Comment by Samar kabeer on April 21, 2017 at 5:44pm
इन्ना लिल्लाहि व् इन्ना इलयहि राजेऊन ।

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 21, 2017 at 3:31pm

जी, मोहतरम जनाब समर कबीर साहिबI श्रीमती कांता रॉय अब ओबीओ की सदस्या नहीं हैंI 

Comment by Samar kabeer on April 21, 2017 at 3:08pm
तो फिर ये मान लिया जाये कि उनकी सदस्यता निरस्त कर दी गई ?
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

1222 1222 1222 1222 अभी ये आँख बोझिल है निहाँ कुछ बेक़रारी है न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी…See More
2 hours ago
रामबली गुप्ता posted a blog post

गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता

गीतभावना में प्रेम का रस घोल प्यारे। प्रेम जीवन में बड़ा अनमोल प्यारे। भावना में.........शब्द-शर मुख…See More
2 hours ago
vijay nikore commented on Mohammed Arif's blog post कविता --पारदर्शिता
"//मगर ग़रीब के पास आधार कार्ड न होने सेराशन से वंचित किया जा रहा हैक्या इतनी पारदर्शिता काफी नहीं है…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post मेरा हमदम है तो हर ग़म से बचाने आए - सलीम रज़ा रीवा
"सुंदर गजल हुई है आदरणीय हार्दिक बधाई ।"
4 hours ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"आदरणीय बृजेश कुमार जी बहुत बहुत धन्यबाद।"
10 hours ago
Rakshita Singh commented on नादिर ख़ान's blog post सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते
"आदरणीय नादिर जी, बहुत ही उम्दा गजल।मुबारकबाद कुबूल करें।"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"रुमानियत को समेटे हुए सुन्दर रचना..."
10 hours ago
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"अनुपम सरस रचना हुई आदरणीय..सादर"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"क्या कहने आदरणीय दुबे जी ..बहुत ही सुन्दर गीतिका कही.."
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post वर्ना खुलता ही कहाँ ये मनस-पट------ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल कही आदरणीय पंकज जी...सादर"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Anita Maurya's blog post बोल देती है बेज़ुबानी भी
"बहुतखूब आदरणीया अनीता जी खूबसूरत मापनी पे बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही..सादर"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service