For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr. Vijai Shanker
Share

Dr. Vijai Shanker's Friends

  • jaan' gorakhpuri
  • pratibha tripathi
  • maharshi tripathi
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"
  • atul kushwah
  • savitamishra
  • गिरिराज भंडारी
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • Dr Ashutosh Mishra
  • vijay nikore
  • Shyam Narain Verma
  • Abid ali mansoori
 

Dr. Vijai Shanker's Page

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"आद0 विजय शंकर जी सादर अभिवादन।बढिया रचना से रूबरू करवाया आपने। बधाई"
Mar 26
Samar kabeer commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"आली जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब,बहुत दिनों बाद आपकी रचना के दर्शन हुए । बहुत ख़ूब वाह, सुंदर और प्रभावशाली कविता,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें । शीर्षक और पहली पंक्ति में 'फरक' को "फ़र्क़" कर लें । मुझे अपनी ग़ज़ल का एक शैर…"
Mar 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"आ. भाई विजय जी बहुत खूब लिखा । हार्दिक बधाई ।"
Mar 25
Ajay Tiwari commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय जी,  बहुत अच्छा व्यंग! इस काव्य-प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई."
Mar 25
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"वाह आदरणीय खूब लिखा.."
Mar 25
Shyam Narain Verma commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई"
Mar 23
Mohammed Arif commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर
"वाह! वाह!!  कितना कड़वा सच लिखा है आपने । सचमुच हम आज एक ऐसे वातावरण में जीने को अभिशप्त हैं जहाँ हमारा पढ़ा-लिखा  होना कोई मायने नहीं रखता है । पढ़-लिखकर हम अपने आपको शर्मिंदा महसूस करते हैं । हम भयभीत  उच्च शिक्षित हैं । बहुत ही…"
Mar 23
Dr. Vijai Shanker posted a blog post

कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर

क्या फरक पड़ता है ,कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने आपको और आपकी किसी भी बात को नहीं समझा। आपको , आप जैसे लोगों ने तो समझा और खूब समझा। आपकी नैय्या उनसे और उनकी नैय्या आपसे पार लग ही रही है , आगे भी लग जाएगी ।- मौलिक एवं अप्रकाशित  See More
Mar 23
Dr. Vijai Shanker commented on vijay nikore's blog post हृदय-सम्बन्ध ...क्षणिकाएँ (५-८)
"आदरणीय विजय निकोर जी , विछोह , एकाकीपन, किसी दुर्दम मझधार में पतवार का हाथ से छूट जाना , जैसी विकत परिस्थितियों को बहुत सुन्दर शब्द मिले। बहुत सुन्दर , गंभीर प्रस्तुति के लिए बधाई। सादर।"
Mar 7
Dr. Vijai Shanker commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post आमूल-चूल भूल (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी साहब , जबरदस्त लघु - कथा के लिए बधाई। हो सकता है इसे अन्य प्रस्तुतियों की तरह ही पढ़ कर लोग विस्मृत कर दें पर आपने इसमें जो उठाया है वह कदापि विस्मृत नहीं किया जा सकता है। वास्तव में जन- प्रतिनिधि ( या शासक ) होना एक बहुत…"
Mar 7
Dr. Vijai Shanker replied to मिथिलेश वामनकर's discussion ‘शब्दशिल्पी’ में प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित
"प्रिय मिथिलेश जी , शब्दशिल्पी के शुभ आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं। एक साधारण सा प्रश्न है , क्या इसमें प्रकाशनार्थ वह रचनाएं भी भेजी जा सकती हैं जो पूर्व में ओ बी ओ पर प्रकाशित हो चुकी है अथवा केवल नवीन और अप्रकाशित रचनाएं ही ? आपके उत्तर की…"
Mar 5
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय सुरेंद्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप जी , आपकी सुखद अभिव्यक्ति के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Feb 24
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय सुरेंद्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप जी , आपकी सुखद अभिव्यक्ति के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Feb 24
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय सुश्री रक्षिता जी , आपके सुझाव के लिए आभार , आपने कविता को पूर्ण मनोयोग से पढ़ा इसके लिए भी मैं आपका आभारी हूँ।निवेदन है कि मैं यह संकेत देना चाहता हूँ कि ऊँट सामने है पर आप उसे दिखावे के लिए हंडिया में ढूंढते हैं , यह आपकी त्रुटि या भ्रम…"
Feb 23
Rakshita Singh commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय जी नमस्कार बहुत सुन्दर रचना, परन्तु  अन्तिम पंक्ति में " यह भी सही है, के स्थान पर यह भी सही नही है, ज्यादा बेहतर है। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
Feb 23
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब , आपका ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Feb 22

Profile Information

Gender
Male
City State
UP
Native Place
Allahabad
Profession
Retired
About me
Educationist

.जिंदगी तुझे ही पढ़ लेते हैं ---डा० विजय शंकर

चलो किताबों को बंद कर देते हैंजिंदगी तुझे ही सीधे-सीधे पढ़ लेते हैं .किताबों में सबकुझ तेरे बारे में ही तो हैलो , तुझसे ही सीधे-सीधे बात कर लेते हैं.किताबें तो बहुत सी हैं , मिल भी जायेंगींउन को पढ़ लूँ तो क्या तू मिल जायेगी .मौत को कितने और कौन-कौन पढ़ते हैंपर उसका वादा है , सबको मिलती है .भरोसा नहीं , तू किसको मिले , कितनी मिलेतेरे लिये , तेरे चाहने वाले दिन रात लगे रहते हैं .अरे सब कुछ तो तेरे लिए ही है जिंदगी मेंतू है तो सब है , तू नहीं तो क्या है जिंदगी में .इसलिए चलो किताबों को बंद कर देते हैं .तू है , तुझसे सीधे-सीधे बात कर लेते हैं ...डा० विजय शंकर---------------( मौलिक और अप्रकाशित )

Dr. Vijai Shanker's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (18 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:38pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय डॉ.विजय शंकर मेहताजी सकारात्मक सोच को उद्घरित करती रचना के लिए बधाई । नव वर्ष मंगलमय हो !
At 4:58pm on November 5, 2015, Abid ali mansoori said…

देर से ही सही.. हर्दिक आभार आपका आदरणीय विजय शंकर जी!

At 10:23pm on November 4, 2015, Abid ali mansoori said…

Haardik abhaar aapka!

At 3:46pm on July 1, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर,

आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 7:50pm on June 3, 2015, Tanuja Upreti said…
आभार आदरणीय
At 7:28pm on May 4, 2015, Seema Singh said…
आभार सर मार्गदर्शन के लिए
At 8:35am on April 17, 2015, Mohan Sethi 'इंतज़ार' said…

आदरणीय Dr. Vijai Shanker जी आप का हार्दिक आभार ....मंगलकामनाएँ...सादर  

At 6:57am on January 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, निवेदन स्वीकार करने के लिए आभार...

विद्यार्थी की मुक्त कंठ प्रशंसा आपका बड़प्पन और आपके हृदय की विशालता का प्रमाण है.

आपका  स्नेह और आशीर्वाद  सदैव मिलता रहे, इसके लिए सदैव प्रयास करता रहूँगा. नमन 

At 10:51pm on January 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, आभार, धन्यवाद.... आप लोगो के स्नेह और आशीर्वाद से ही मंच पर सक्रिय हो पाता हूँ. आपका आभार हार्दिक धन्यवाद 

At 4:40pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

Dr. Vijai Shanker's Blog

कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर

क्या फरक पड़ता है ,
कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने
आपको और आपकी
किसी भी बात को नहीं समझा।
आपको , आप जैसे लोगों ने तो
समझा और खूब समझा।
आपकी नैय्या उनसे और
उनकी नैय्या आपसे
पार लग ही रही है ,
आगे भी लग जाएगी ।

- मौलिक एवं अप्रकाशित
 

Posted on March 23, 2018 at 5:41am — 7 Comments

सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर

आप सही हैं,
वह भी सही है ,
हर एक सही है ,
फिर भी कुछ भी
सही नहीं है।
कुछ गिने चुने
लोग बहुत खुश हैं ,
यह भी सही नहीं है।
सच जो भी है ,
सब जानते हैं ,
बस मानते नहीं ,
यह भी सही नहीं है।
ऊँट सामने है ,
देखते नहीं,
हड़िया में ढूँढ़ते है ,
यह भी सही है।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on February 21, 2018 at 8:40am — 13 Comments

बंधन की डोरियां - डॉo विजय शंकर

कुछ डोरियां

कच्चे धागों की होती हैं ,

कुछ दृश्य होती हैं ,

कुछ अदृश्य होती हैं ,

कुछ , कुछ - कुछ

कसती , चुभती भी हैं ,

पर बांधे रहती हैं।

कुछ रेशम की डोरियां ,

कुछ साटन के फीते ,

रंगीले-चमकीले ,फिसलते ,

आकर्षित तो बहुत करते हैं ,

उदघाट्न के मौके जो देते हैं ,

पर काटे जाते हैं।

इस रेशम की डोरी

की लुभावनी दौड़ में ,

ज़रा सी चूक ,

बंधन की डोरियां

छूट गईं या टूट गईं ,

रेशम की डोरियां …

Continue

Posted on January 4, 2018 at 9:30am — 11 Comments

क्षणिकाएं - डॉ. विजय शंकर


  • 1.
    सच का कहीं दूर तक
    नहीं कोई पता है।
    हाँ ये सच है
    कि बहुत कुछ
    झूठ पर टिका है।
    2.
    रेत मुठ्ठी से जब
    फिसल जाती है ,
    जिंदगी कुछ कुछ
    समझ में आती है।
    3.
    रोज रोज के तजुर्बे
    यूँ बीच बीच में
    बांटा न करो ,
    ये जिंदगी गर
    एक सबक है तो
    उसे पूरा तो हो लेने दो

  • मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on December 24, 2017 at 7:52pm — 12 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"धन्यवाद आ. समर सर,मैंने अपनी प्रति में  सुधार कर लिया है सादर "
1 hour ago
Samar kabeer commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post अतुकांत
"जनाब डॉ.छोटेलाल सिंह जी आदाब,बहुत बढ़िया अतुकान्त कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"जनाब निलेश 'नूर' साहिब आदाब,बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 4थे…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Kumar Gourav's blog post क्षितिज
"जनाब कुमार गौरव जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post तन की बात - लघुकथा –
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,बहुत बढ़िया लघुकथा,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post गुलज़ार प्यार का
"आपका हार्दिक आभार, आदरणीय आशुतोष जी"
1 hour ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post गुलज़ार प्यार का
"आपका हार्दिक आभार, आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"'वो पहले भी दोस्त नहीं था' इस मिसरे को बदलने का प्रयास करें ।"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"धन्यवाद आ, तेजवीर सिंह जी आभार"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय नंद कुमार जी, एक ग़ज़लकार होने के नाते मैं भी इसी दुविधा से दोचार होता हूँ। मुझे लगता है कि…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on Kumar Gourav's blog post क्षितिज
"हार्दिक बधाई आदरणीय कुमार गौरव जी।बेहतरीन प्रस्तुति।आज की ज्वल्लंत समस्या को आइने में उतारती लघुकथा।"
3 hours ago
Nand Kumar Sanmukhani commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी, सादर नमस्कार । मेरे ग़ज़ल के बारे में आपका जो भी मत बना है, उसका मैं…"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service