For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna
Share

Sushil Sarna's Friends

  • Dr. Geeta Chaudhary
  • Pratibha Pandey
  • सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Mohammed Arif
  • रामबली गुप्ता
  • Arpana Sharma
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Dipu mandrawal
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'
  • harivallabh sharma
  • narendrasinh chauhan
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Nilesh Shevgaonkar
 

Sushil Sarna's Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post पाप .... (दो क्षणिकाएँ )
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं । हार्दिक बधाई ।"
yesterday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post चंद क्षणिकाएँ :......
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी क्षणिकाएँ लिखीं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post चंद क्षणिकाएँ :......
"बहुत ही खूबसूरत क्षणिकाएँ लिखी हैं आपने मेरे मित्र सुशील जी।"
Sunday
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post पाप .... (दो क्षणिकाएँ )
"KHUB SUNDAR SIR "
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )तुम्हारे अत्याचारों को सह जाऊँगी तुम्हारी अर्धांगिनी हूँ मैं तुम देव हो मेरे पापी कहें या न कहें लोग तुम्हें पता नहीं मगर मैंने अगर प्रतिरोध किया तो निश्चित है मैं पापन कहलाऊँगी.................................क्या है पाप अंधेरों में किया गया घिनौना कृत्य या समाज के डर से झाड़ियों में फैंका गया पाप की पराकाष्ठा का अबोध क्रंदनसुशील सरना मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
Jan 14
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आदरणीयसु narendrasinh chauhan जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
Jan 14
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आदरणीयसुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
Jan 14
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आदरणीयलक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
Jan 14
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post चंद क्षणिकाएँ :......
"आदरणीयलक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
Jan 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post चंद क्षणिकाएँ :......
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । सुंदर क्षणिकाएँ हुई हैं । हार्दिक बधाई ।"
Jan 14
Sushil Sarna posted a blog post

चंद क्षणिकाएँ :......

चंद क्षणिकाएँ :......होती हैबिना हत्या के भी हत्या अदृश्य भावों की खून की लालिमा से भी गहरे लाल रिश्तों की................तमन्नाओं का झुंड बेबसी की बेड़ियाँ मिट गई ज़िंदगी रगड़ते- रगड़ते ऐड़ियाँ फुटपाथ पर............................भूख की झंकार प्रश्नों का अम्बार पेट का संसार.............................रिश्तों के राग पैसे की आग झुलसे अनुराग.......................फूल असली लगे सूँघे नकली लगे गंध नहीं होती कागज के फूलों मेंसुशील सरना मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Jan 12
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छे दोहे लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें । 'कह देंगे सब बेशरम,कैसी बीती रात' इस पंक्ति में सहीह शब्द है "बेशर्म"221,देखियेगा।"
Jan 9
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"सुशील जी, सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jan 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आद0 सुशील सरना जी सादर अभिवादन। इस बार एक अलग सृजन की बेहतरीन कोशिश की आपने,, अच्छा सृजन हुआ है। बधाई स्वीकार कीजिये।सादर"
Jan 9
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दिल की बात .... एक प्रयास ...
"आ. भाई सुशील जी, सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jan 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

Sushil Sarna's Photos

  • Add Photos
  • View All

Sushil Sarna's Blog

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )

तुम्हारे अत्याचारों को

सह जाऊँगी

तुम्हारी अर्धांगिनी हूँ मैं

तुम देव हो मेरे

पापी कहें या न कहें

लोग तुम्हें

पता नहीं

मगर

मैंने अगर प्रतिरोध किया

तो निश्चित है

मैं

पापन कहलाऊँगी

.................................

क्या है पाप

अंधेरों में किया गया घिनौना कृत्य

या

समाज के डर से

झाड़ियों में

फैंका गया

पाप की पराकाष्ठा का

अबोध क्रंदन

सुशील…

Continue

Posted on January 17, 2020 at 7:59pm — 2 Comments

चंद क्षणिकाएँ :......

चंद क्षणिकाएँ :......

होती है

बिना हत्या के भी

हत्या

अदृश्य भावों की

खून की लालिमा से भी गहरे

लाल रिश्तों की

................

तमन्नाओं का झुंड

बेबसी की बेड़ियाँ

मिट गई ज़िंदगी

रगड़ते- रगड़ते

ऐड़ियाँ

फुटपाथ पर

............................

भूख की झंकार

प्रश्नों का अम्बार

पेट का संसार

.............................



रिश्तों के राग

पैसे की आग

झुलसे…

Continue

Posted on January 11, 2020 at 8:42pm — 4 Comments

दिल की बात .... एक प्रयास ...

दिल की बात .... एक प्रयास ...

कैसे बोलूँ मैं भला, अपने मन की बात।

ताने देंगे सब मुझे, जब होगी प्रभात।।

नैनों की ये सुर्खियाँ, बिखरे-बिखरे बाल।

कह देंगे सब बेशरम,कैसी बीती रात।।

नैनों के संवाद में, दिल ने मानी हार।

बेकाबू फिर हो गए, अंतस के जज़्बात।।

प्रणय पलों में अंततः, हारे सब स्वीकार।

अवगुंठन में रैन के, खूब हुए उत्पात।।

अंग -अंग में रच गयी प्रथम प्रीत की गंध।

श्वास-श्वास में बस गई, वो मधुर…

Continue

Posted on January 7, 2020 at 9:09pm — 8 Comments

प्रिय तुझसे मैं प्यार करूँ ...

प्रिय तुझसे मैं प्यार करूँ ...

स्मृति घरौंदों में तेरा मैं

कालजयी श्रृंगार करूँ

अभिलाष यही है अंतिम पल तक

प्रिय तुझसे मैं प्यार करूँ



श्वास सिंधु के अंतिम छोर तक

देना मेरा साथ प्रिय

उर -अरमानों के क्रंदन का

कैसे मैं परिहार करूँ

अभिलाष यही है अंतिम पल तक

प्रिय तुझसे मैं प्यार करूँ



मेरी पावन अनुरक्ति का

करना मत तिरस्कार प्रिय

दृग शरों के घावों का मैं

कैसे क्या उपचार करूँ

अभिलाष यही…

Continue

Posted on December 27, 2019 at 6:30pm — 6 Comments

Comment Wall (34 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
" //मत ले मैं आपने मंजर और खंजर इस्तेमाल कर लिया है इसलिए यह ग़ज़ल जर अंत वाले काफिये की कैद…"
11 hours ago
Samar kabeer commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"जनाब विवेक ठाकुर 'मन' जी आदाब,पहली बार ओबीओ पर आपकी रचना पढ़ रहा हूँ,आपका स्वागत है । ग़ज़ल…"
11 hours ago
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post एक अभागिन किन्नर
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,किन्नर पर रचना का अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । शीर्षक में…"
12 hours ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल-मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,लगता है ये ग़ज़ल आपने जल्द बाज़ी में कही है । 'मेरे कमरे में रात गए…"
12 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post दुनिया में सब इश्क़ करें तो कितना अच्छा हो (ग़ज़ल)
"बड़ी रदीफ़ क्या आपने अच्छी गजल पेश की है मित्र हार्दिक शुभकामनाएं"
13 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मिट्टी की तासीरें जिस को ज्ञात नहीं -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"अच्छी ग़ज़ल हुई है अभी तक चौथे में लखन के क्या मायने हैं यह समझ में नहीं आया सादर अभिनंदन"
13 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on khursheed khairadi's blog post एक ग़ज़ल ---नहीं आता
"एक बेहद शानदार गजल के लिए हृदय से दाद पेश करता हूं आदरणीय मित्र आदरणीय समर कबीर साहब गजल को देख ही…"
13 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल-मनोज अहसास
"मैं भी प्रयास करूंगा मित्र"
13 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"प्रिय मित्र इस ग़ज़ल की बहर क्या है यह स्पष्ट करें ग़ज़ल की बहर गजल के ऊपर लिख दिया करें इससे गजल…"
14 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसके पुरखे भटकाने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"अच्छी गजल हुई आदरणीय मित्र हार्दिक बधाई सतत प्रयत्नशील रहें सादर"
14 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल (चाहा था हमने जिसको हमें वो मिला नहीं)
"प्रिय मित्र आपने इस ग़ज़ल पर इसके अरकान नहीं लिखे हैं कृपया ग्रुप में जो भी गजल डालें उस पर उस के…"
14 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post ग्राहक फ्रेंडली(लघुकथा)
"शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण जी।"
18 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service