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Sushil Sarna
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TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post अदेह रूप .....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। लाज़वाब प्रस्तुति।"
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TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post जाने के बाद ... लघु रचना
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। लाज़वाब प्रस्तुति।"
22 minutes ago
Sushil Sarna posted blog posts
26 minutes ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post काल कोठरी
"अजगरी रात, पराजित आस पास सरकता धुंधलका काल-कोठरी में हैं फ़ासलों में खोए दो भीगे हुए मन एकाकार आर-पार हिमाच्छादित नि:शब्दता वाह आदरणीय विजय निकोर जी आपका हर सृजन आत्मविभोर करता है। गहराइयाँ आकर्षित करती हैं। भाव प्रहार करते हैं। सूक्ष्मत्ता आकार लेती…"
23 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post जाने के बाद ... लघु रचना
"बहुत सुन्दर प्रस्तुति , आदरणीय सुशील सरना जी , बधाई , सादर।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post जाने के बाद ... लघु रचना
"आलरणीय सुशील सरना जी आदाब,                          प्रेम की तीव्रता को प्रदर्शित करती बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on Sushil Sarna's blog post जाने के बाद ... लघु रचना
"वाह खूबसूरत अभिव्यक्ति........"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

जाने के बाद ... लघु रचना

जाने के बाद ... लघु रचनागुजर गयी एक आंधी तुम्हारे स्पर्शों की मेरी देह की खामोश राहों से समेटती हूँ आज तक मोहब्बत की चादर पर वो बिखरे हुए लम्हे तुम्हारे जाने के बादसुशील सरना मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"बहुत खूब.."
Friday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्दा क्षणिकाएँ लिखीं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Friday
Anamika singh Ana commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी , बेहतरीन  क्षणिकाएं  रची हैं ।"
Friday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post बातें.....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस् प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'आगोश' को "आग़ोश" कर लें । 'अल्फ़ाज़ों' को "अल्फ़ाज़" कर लें । 'बे-हिज़ाब' को "बे हिजाब" कर लें…"
Friday
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post बातें.....
"सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय सुशील सरना जी। बहुत-बहुत बधाई। सादर। "
Friday
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"बढ़िया क्षणिकाएँ हैं आदरणीय सुशील सरना जी। हार्दिक बधाई स्वीकर कीजिए। सादर। "
Friday
Neelam Upadhyaya commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय सुशील  सरना जी, अच्छी प्रस्तुति।  बधाई । "
Friday
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post बातें.....
"खुब सुन्दर रचना"
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

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Sushil Sarna's Blog

अदेह रूप .....

अदेह रूप ...

सर्वविदित है

देह का शून्यता में

विलीन होना

निश्चित है

मगर

अदेह चेतना

सृष्टि में व्याप्त

चैतन्य कणों से

निर्मित

आदि अंत से मुक्त

अनंत

अभिश्रुति की

अभिव्यंजना है

मुझे तुमसे मिलने के लिए

उन अदृश्य कणों से निर्मित

धागों की अदेह को

अपने चेतन में

अवतरित करना होगा

मैं

मेरी देह सी

अतृप्त नहीं रह सकती

मैं

तुमसे

अवश्य मिलूंगी

अपने

अदेह रूप…

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Posted on June 25, 2018 at 11:59am — 1 Comment

अमर हो गयी .. (लघु रचना )

अमर हो गयी .. (लघु रचना )

स्मृति गर्भ में
एक शिला
साकार हो उठी
भाव अस्तित्व
उदित हुआ
शिला की दरारों से
आसक्ति
अदृश्यता की घाटियों से
प्रवाहित हो
स्मृतियों वीचियों पर
अक्षय पल सी
सुवासित हो
अमर हो गयी

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on June 24, 2018 at 1:27pm

जाने के बाद ... लघु रचना

जाने के बाद ... लघु रचना

गुजर गयी
एक आंधी
तुम्हारे स्पर्शों की
मेरी देह की खामोश राहों से
समेटती हूँ
आज तक
मोहब्बत की चादर पर
वो बिखरे हुए लम्हे
तुम्हारे
जाने के बाद

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on June 23, 2018 at 4:00pm — 4 Comments

कुछ क्षणिकाएं :

कुछ क्षणिकाएं :

1

शुष्क काष्ठ

अग्नि से नेह

असंगत आलिंगन

परिणति

मूक अवशेष

................

2

त्वचा हीन

नग्न वृक्ष

अवसन्न खड़े

अकाल अंत की

आहटों के मध्य

.............................

3

ईश्वर

किसी देवता का

सर्जन नहीं

गढ़त है वो

इंसान की

..........................

4

करता रहा

प्रतीक्षा

एक शंख

नाद के लिए

चिर निद्रा में सोये

मरघट में…

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Posted on June 21, 2018 at 4:04pm — 6 Comments

Comment Wall (34 comments)

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At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

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