For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

narendrasinh chauhan
  • Male
  • anjar kutch gujarat
  • India
Share

Narendrasinh chauhan's Friends

  • Manisha Joban Desai
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • gumnaam pithoragarhi
  • savitamishra
  • Sushil Sarna
  • Madan Mohan saxena
  • Meena Pathak
  • vijay nikore
  • Dr.Prachi Singh
  • मिथिलेश वामनकर
 

narendrasinh chauhan's Page

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"खूब सुंदर रचना सर"
Jul 25
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post तन्हाई में ...
"ख़ूब सुंदर रचना"
Jul 25
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"बहोत लाजवाब रचना सर"
Jul 16
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post बूँद-बूँद गलती मानवता
"खुब सुन्दर रचना सर"
Jun 25
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post ताप संताप दोहे :
"खूब सुन्दर दोहावली सर "
Jun 20
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"खूब सुन्दर दोहावली सर "
Jun 20
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post चुप होना चाहता हूँ ....
"बहुत खूब  आदरनीय , कविता के लिए आपको हार्दिक बधाई"
Jun 1
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post जा रहे हम दूर-दूर
"बहुत खूब  विजय जी , कविता के लिए हार्दिक बधाईयाँ"
Jun 1
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post मर्म .....
"KHUB SUNDAR SIR."
Jun 1
narendrasinh chauhan commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post रंज-ओ-ग़म हो न अगर आँखें कभी रोती क्या ?(४४)
"सुन्दर रचना"
May 29
narendrasinh chauhan commented on Amar Pankaj (Dr Amar Nath Jha)'s blog post वादियाँ ख़ामोश ख़ामोशी भरा है ये सफ़र
"सुन्दर रचना"
May 29
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post बुढ़ापा ...
"खुब सुन्दर रचना सर "
May 29
narendrasinh chauhan commented on Amar Pankaj (Dr Amar Nath Jha)'s blog post ग़ज़ल:: सब ग़मों को भुला दिया जाए
"खुबसुन्दर"
May 28
narendrasinh chauhan commented on Amar Pankaj (Dr Amar Nath Jha)'s blog post ग़ज़ल:: सब ग़मों को भुला दिया जाए
"खुब सुन्दर रचन"
May 28
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post विदाई से पहले : 4 क्षणिकाएं
"खुब सुन्दर क्षणिकाए सर"
May 28
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post शृंगारिक दोहे :
"हार्दिक बधाई आदरणीय । बेहतरीन दोहे।"
May 21

Profile Information

Gender
Male
City State
anjar gujarat
Native Place
anjar
Profession
service
About me
READING

Narendrasinh chauhan's Blog

हृदय बाह्य

आग की तरह के  शब्द,
मेरी आत्मा में जलाते है ,
मैं अपने आप को खोया पाता हूँ ,
नियंत्रण, रखना प्रतीत नहीं हो सकता है,
इरादे लटक जाते 
फांसी पे एक ध्रुव की  ,
और प्यार धुंधला हो जाता  है,
आँखों की कालिमा से 

"मौलिक व अप्रकाशित" 

Posted on November 24, 2018 at 3:35pm — 5 Comments

और इस तरह

मेरी आँखें बंद करो

और इस तरह से

दुनिया को बंद करना

मैं तुम्हें फिर मिलूंगा

तुम  शानदार हो 

जीवित और ज्वलंत

मेरे सीने  से गहरी सांस लेना

मैं तुम्हारी मुस्कान  की तस्वीर बना लूँगा 

तुम्हारी  आंखों के पीछे का नरम  प्रकाश

मेरे दिमाग में यादों का  मीलो  चलना

इच्छा है कि मैं एक चील  की तरह झपट के 

और तुम्हें उस जगह  ले जाऊ 

जिस  जगह जहां आँसू गिरते थे 

जबकि हम आमने-सामने बैठे थे

एक दूसरे के गाल पर हाथ

फुसफुसाते हुए "सब ठीक…

Continue

Posted on November 3, 2018 at 2:30pm — 2 Comments

इच्छा

मैं

एक पंख  

बिना उद्देश्य से उड़ता 

भाग्य की हवा की चोटी पर अनियंत्रित

हवा की धाराओं पर 

मुझे 

कृपया प्रेरित करे  

शायद एक दिन

भाग्य एक यादृच्छिक हवा 

 मुझे ले जाये

जहां मैं कभी नहीं उड़ा

उस दिशा में

 जो अंततः

मुझे पहुचाये 

आपके करीब

अमोलिक अप्रकाषित 

Posted on September 4, 2018 at 12:28pm — 3 Comments

कविता

पेंसिल या पेन

किस तरह का स्याही

आप फैल रहे हैं?

आग पर कीबोर्ड

सपने और इच्छाएं

कुछ हास्य

कुछ आँसू

गंभीरता  एक खुराक

जीतने वाले शब्द

शब्दों को विभाजित करना

शब्द जो हमें एक साथ लाते हैं

शब्द जो जीवन बोलते हैं

कोई बात नहीं कविता या टुकड़ा

कविता है

और हमेशा जीवित रहेगी

मौलिक व अप्रकाशित.

Posted on March 22, 2018 at 1:13pm — 4 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:45pm on April 27, 2017, vijay nikore said…

मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए आभारी हूँ।

हरि ॐ.

विजय निकोर

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 103 in the group चित्र से काव्य तक
"आयोजन में सुधिजनों का स्वागत है."
3 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब मैं सदैव आपका बेहद शुक्रगुज़ार रहूंगा आपका मार्गदर्शन मेरे लिए…"
4 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना जी। मेरी क्षणिकाओं पर आपकी सुन्दर-सकारात्मक टिप्पणी समेरे लिए हर्ष हर्ष व्…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय ऊषा जी दिल को छूती क्षणिकाएँ ... दिल से बधाई।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Usha posted a blog post

कैसा घर-संसार?

दोनों पति-पत्नि अपने लव-कुश के साथ खुश थे। माताजी और पिताजी इस छोटे से परिवार में खुश तो थे लेकिन…See More
16 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

122 122 122 122न जाने किधर जा रही ये डगर है ।सुना है मुहब्बत का लम्बा सफर है ।।मेरी चाहतों का हुआ…See More
16 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी। बेहद ख़ुशी हुई कि आपको मेरी क्षणिकाएँ पसंद आयी। नया सोचने व् लिखने के लिए…"
18 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुश्री उषा जी , बहुत ही प्रभावशाली क्षणिकाएं बनी हैं , व्यंग भी है , तंज भी है। बधाई , सादर।"
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post अपनी अपनी धुन(लघुकथा)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
yesterday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्द: कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service