For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")


सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम
  • दुर्ग (छत्तीसगढ़)
  • India
Share

अरुण कुमार निगम's Friends

  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • gumnaam pithoragarhi
  • atul kushwah
  • गिरिराज भंडारी
  • Drshorya Malik
  • किशन  कुमार "आजाद"
  • अशोक कत्याल   "अश्क"
  • Vindu Babu
  • बृजेश नीरज
  • Tushar Raj Rastogi
  • Neelkamal Vaishnaw
  • yogesh gupta
  • Ashish Srivastava
  • अरुन शर्मा 'अनन्त'
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR

अरुण कुमार निगम's Discussions

क्या यह मेरा भ्रम है ?
17 Replies

व्यक्तिगत जीवन की व्यस्तताओं व विवशताओं के कारण पूर्व की भाँति न तो लिख पा रहा हूँ और न ही प्रतिक्रिया ही प्रकट कर पा रहा हूँ किन्तु ओबीओ पर पोस्ट रचनायें प्रतिदिन नियमित तौर पर पढ़ रहा हूँ. हाँ !…Continue

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Jul 21, 2015.

विवाह की बत्तीसवीं वर्षगाँठ :
7 Replies

सपना-अरुण निगम (मदिरा सवैया)ब्याह  हुये  बत्तीस  सुहावन  साल भये नहिं भान हुआ  नित्य निरंतर जीवन में पल का पहिया गतिमान हुआ छाँव कभी  अरु धूप कभी  हर मौसम एक समान हुआ  शब्द सधे  सुर-ताल सजे  यह जीवन…Continue

Started this discussion. Last reply by Dr.Vijay Prakash Sharma Jun 11, 2014.

 

अरुण कुमार निगम's Page

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय रक्ताले साहब, उत्कृष्ट भावों से सुसज्जित शक्ति छन्द हेतु बधाइयाँ"
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा जी, चित्र से न्याय करता शानदार शक्ति छन्द। बधाइयाँ। "
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया मंजीत जी, चित्र को परिभाषित करता सुंदर शक्ति छन्द। वरिष्ठ जन के इंगित अनुसार किया गया सुधार इसे प्रभावी बना देगा।"
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब, दोनों ही छन्दों ने चित्र को पूर्णतः परिभाषित किया है। किंचित सुधार के संबंध में विद्वजनों ने विचार प्रकट कर ही दिए हैं।"
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्षमण जी, सुंदर प्रयास। आदरणीय कबीर साहब के इंगित पर विचार कीजिये, सफलता जरूर मिलेगी।"
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"भुजंगप्रयात छन्द - बड़ों की सुनो तो हँसो औ हँसाओउठाओ हथेली व ताली बजाओ।कहें वैद्य सारे, इसे आजमाओनदी के किनारे, ठहाके लगाओ।। तनावों भारी जिंदगी है सभी कीमशीनों सरीखी, लगी हाय फीकी।मिलें मित्र तो झुण्ड ऐसा बनाओहँसो जोर से और भाई हँसाओ।। हँसी से लहू…"
Apr 21

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई "
Apr 7

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"आदरणीय बासुदेव जी, सुन्दर सरसी छन्द में विषय से पूर्णतः न्याय हुआ है। सौपान को सोपान, हमरे को अपने, चुका रहें को चुका रहे कहना, मेरी दृष्टि में अधिक उपयुक्त होगा।"
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"सुन्दर कविता, सुंदर भाव किन्तु केंद्रीय भाव में खेत और खलिहान उभर नहीं पा रहे हैं। सादर...."
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"सुन्दर गीत , सुन्दर प्रयास। किन्तु केंद्रीय भाव में ग्राम्य अंचल से जुड़ी बचपन की स्मृतियाँ हैं। प्रदत्त विषयानुसार केंद्रीय भाव में खेत और खलिहान होने चाहिए थे। "
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"वाह तस्दीक़ साहब, गजल में क्या खूब रंग भरे हैं। लगभग हर वो बात जो खलिहान में होती है, आपने चंद लब्जों में बयां कर दिया है। आगजनी का डर, जंगली जानवरों का ख़ौफ़, मिलन का बहाना, किसान की पीड़ा....वाह !!!!!"
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"आदरणीय लक्ष्मण जी, सामयिक स्थितियों का सुंदर चित्रण हुआ है गजल में। चिंतन भी है, पीड़ा भी है। वाह!!!!"
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"वाह, खेत और खलिहान का मानवीकरण मन को छू गया। नाविक के नन्हें तीरों की चुभन, क्षणिकाओं में उतर आई हैं।"
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89
"खेत और खलिहान (दोहा छन्द) खेत और खलिहान में, रमते सदा किसानसच पूछें तो हैं यही, दुनिया के भगवान ।1। खेतों से कट कर फसल, आती है खलिहानइसी फसल से जी रहे, धरती के इन्सान ।2। खेत आज बंजर पड़े, सूने हैं खलिहानकृषक पलायन कर रहे, चिंतित हैं भगवान ।3। खेत…"
Mar 9

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"वीनस केसरी जी को जन्म दिवस की बहुत बहुत बधाइयाँ"
Mar 1

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय सौरभ भाई जी, जन्मदिन की बधाइयाँ"
Dec 4, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
दुर्ग, छत्तीसगढ़
Native Place
durg
Profession
भारतीय स्टेट बैंक में मुख्य प्रबंधक
About me
nothing

अरुण कुमार निगम's Photos

  • Add Photos
  • View All

अरुण कुमार निगम's Blog

एक सामयिक ग़ज़ल - अरुण कुमार निगम

एक सामयिक ग़ज़ल.....

(१२२ १२२ १२२ १२)

समाचार आया नए नोट का

गिरा भाव अंजीर-अखरोट का |

 

दवा हो गई बंद जिस रात से

हुआ इल्म फौरन उन्हें चोट का |

 

मुखौटों में नीयत नहीं छुप सकी

सभी को पता चल गया खोट का |

 

जमानत के लाले उन्हें पड़ गए

भरोसा सदा था जिन्हें वोट का |

 

नवम्बर महीना बना जनवरी

उड़ा रंग नायाब-से कोट का |

 

मकां काँच के हो गए हैं अरुण

नहीं आसरा रह गया ओट का…

Continue

Posted on November 11, 2016 at 4:30pm — 4 Comments

आम गज़ल - अरुण निगम

आम  हूँ  बौरा रहा हूँ

पीर में  मुस्का रहा हूँ

मैं नहीं दिखता बजट में

हर  गज़ट पलटा रहा हूँ  

फल रसीले बाँट कर बस

चोट को सहला रहा हूँ

गुठलियाँ किसने गिनी हैं

रस मधुर बरसा रहा हूँ

होम में जल कर, सभी की

कामना पहुँचा रहा हूँ

द्वार पर तोरण बना मैं

घर में खुशियाँ ला रहा हूँ

कौन पानी सींचता…

Continue

Posted on March 1, 2015 at 2:00pm — 15 Comments

अच्छे दिन – अरुण कुमार निगम

पापा पापा बतलाओ ना , अच्छे दिन कैसे होते हैं

क्या होते हैं चाँद सरीखे, या तारों जैसे होते हैं.

 

बेटा ! दिन तो दिन होते हैं ,गिनती के पल-छिन होते हैं

अच्छे बीतें तो सुखमय हैं, वरना ये दुर्दिन होते हैं.

 

पापा पापा बतलाओ ना , अच्छे दिन कैसे होते हैं

क्या होते हैं दूध-मलाई , या माखन जैसे होते हैं.

 

बरसों से मैं सुनते आया, स्वप्न सजीले बुनते आया

लेकिन देखे नहीं आज तक, अच्छे दिन कैसे होते हैं

 

पापा पापा बतलाओ…

Continue

Posted on November 23, 2014 at 11:00pm — 10 Comments

कुंडलिया छन्द : अरुण कुमार निगम

 (१)

पिसते  हरदम  ही  रहे , मन  में  पाले टीस

तुझको भी मौका मिला, तू भी ले अब पीस

तू  भी  ले  अब  पीस , बना कर खा ले रोटी

हम  चालों   के  बीच , सदा चौसर की गोटी

पूछ   रहा  विश्वास , कहाँ बदला   है मौसम

घुन  गेहूँ  के  साथ , रहे  हैं   पिसते  हरदम ||

(२)

बिल्ली  है  सम्मुख  खड़ी , घंटी  बाँधे कौन

एक  अदद  इस  प्रश्न  पर ,  सारे  चूहे  मौन

सारे   चूहे   मौन   ,  घंटियाँ   शंख   बजाते

मजबूरी   में   नित्य  ,  आरती   सारे …

Continue

Posted on June 22, 2014 at 3:00pm — 6 Comments

Comment Wall (15 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:43pm on January 30, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
said…

आ० अरुण जी ,मित्रता निवेदन स्वीकार कीजिये मुझे मेसेज भेजने में सहूलियत होगी |

३ फरवरी तक माह की सर्वश्रेष्ठ रचना तथा सक्रिय सदस्य का नाम मुझे मेसेज करने की कृपा करें धन्यवाद .

At 1:07pm on July 4, 2014, बृजेश नीरज said…

मेरा मित्रता निवेदन स्वीकार करने के लिए आपका हार्दिक आभार!

At 9:02pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय अरुण कुमार जी।
At 9:25pm on March 25, 2014, बृजेश नीरज said…

आदरणीय आपके पास मेरा मित्रता निवेदन बहुत लम्बे अरसे से लंबित है!

At 8:28am on October 2, 2013, vijay nikore said…

आदरणीय अरूण जी:

 

ओ बी ओ कार्यकारिणी टीम में शामिल होने के लिए आपको हार्दिक बधाई।

 

विजय निकोर

 

At 4:53pm on September 29, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

// चलो छत्तीसगढ़ से एक तारा और उभरा है

तुम्हारा नाम अब आये अरुण के नाम से पहले.//......

आदरणीय आपकी इस टिप्प्णी से अन्दाज़ा हुआ , आप भी छ्तीस गढ के हैं , बहुत खुशी हुई !! मै भी छतीस गढ से हूँ , भिलाई स्टील प्लांट मे हूँ !!  सादर !!

..

At 1:32pm on August 4, 2013, hemant sharma said…

बहुत बहुत धन्यवाद तथा  आपको जन्मदिन कि हार्दिक शुभकामनायें.........

 

At 1:18pm on August 4, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

भाई अरुण कुमार निगम जी, जन्म दिन की शुभ मंगल कामनाएं -

जन्म दिवस पर आपको, खुशियाँ मिले हजार

मन की बगिया भी रहे, जीवन भर गुलजार |

कृपा करे माँ शारदा, सदा  बहे  रसधार,

माँ से ही सबको मिले,सच्चा प्यार दुलार | 

 

At 7:39am on July 4, 2013, vandana said…

आपके द्वारा सरिता जी की पोस्ट पर दोहों सम्बन्धी टिप्पणी से मेरे भी कुछ सवाल हल हुए ....आभार 

At 8:52pm on May 26, 2013, sanju shabdita said…

respected sir sadar pranam,,aapko mere ghazal ka sher pasand aaya matlab mera likhna sarthak hua . aapke sneh evm aashirvad ki sada aawashyakta rahegi...

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohan Begowal replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जिंदगी   ये  न   हमारा  कि  पराया देखो। साथ चलना है तो बस साथ…"
2 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी, मुशायरे में सहभागिता के लिए मुबारकबाद। गिरह का शेर बहुत…"
3 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी, मुशायरे में सहभागिता के लिए दिली मुबारकबाद कबूल करें"
6 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"बहुत ही उम्दा पेशकश हुई आदरणीय दिनेश कुमार जी। बहुत मुबारक़"
11 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीया मंजीत कौर जी , ख़ूबसूरत पेशकश के लिए दिली मुबारकबाद कबूल करें।"
15 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी, अच्छी ग़ज़ल हुई। बहुत मुबारक आपको"
20 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय दंडपाणि नाहक जी , मुशायरे में सहभागिता के लिये मुबारक़। कुछ ख़याल बेहद उम्दा"
25 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब शकूर साहिब , अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं |"
25 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब नादिर साहिब आ दाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं | मतला यूं कर सकते हैं…"
30 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब वासुदेव साहिब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है , मतला और दूसरा शेर सही करना होगा , मुबारकबाद क़ुबुल…"
52 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"आदर्णीय समर कबीर साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिया तनाफुर पर विस्तृत जानकारी देने के लिये।"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब मोहन बेगोवाल साहिब, ग़ज़ल अभी और समय चाहती है, ज़्यादातर मिसरे बे बहर और रब्त की कमी के मारे…"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service