For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

vandana
  • Female
  • सीकर राजस्थान
  • India
Share

Vandana's Friends

  • Kalipad Prasad Mandal
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • seemahari sharma
  • atul kushwah
  • vinay tiwari
  • Madan Mohan saxena
  • शिज्जु "शकूर"
  • Priyanka singh
  • annapurna bajpai
  • anand murthy
  • Dr Ashutosh Mishra
  • वेदिका
  • Abid ali mansoori
  • aman kumar
 

vandana's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
sikar rajasthan
Native Place
sikar
Profession
teacher
About me
keen interest in literature

vandana's Photos

  • Add Photos
  • View All

Vandana's Blog

दीप दान की थाती

नेह रचित इक बाती रखना

दीप दान की थाती रखना

 

जग के  अंकगणित में उलझे

कुछ सुलझे से कुछ अनसुलझे

गठबंधन कर संबंधों की

स्नेहिल परिमल पाती रखना

 

कुछ सहमी सी कुछ सकुचाई

जिनकी किस्मत थी धुंधलाई

मलिन बस्तियों के होठों पर

कलियाँ कुछ मुस्काती रखना

 

बंद खिडकियों को खुलवाकर

दहलीजों पर रंग सजाकर

जगमग बिजली की लड़ियों से

दीपमाल बतियाती रखना

 

मधुरिम मधुरिम अपनेपन…

Continue

Posted on October 14, 2017 at 9:30pm — 8 Comments

तरही ग़ज़ल -वंदना

सभी विद्वजनों से इस्लाह के लिए -

वज्न 2122   /   2122   /   2122   /   212  (2121)

कोई तुझसा होगा भी क्या इस जहाँ में कारसाज

डर कबूतर को सिखाने रच दिए हैं तूने बाज

 

तीरगी के करते सौदे छुपछुपा जो रात - दिन

कर रहे हैं वो दिखावा ढूँढते फिरते सिराज

 

ज्यादती पाले की सह लें तो बिफर जाती है धूप

कर्ज पहले से ही सिर था और गिर पड़ती है गाज

   

जो ज़मीं से जुड़ के रहना मानते हैं फ़र्ज़-ए-जाँ

वो ही काँधे को झुकाए बन…

Continue

Posted on February 1, 2014 at 7:30am — 25 Comments

तरही ग़ज़ल -वंदना

मंच पर सभी विद्वजनों से इस्लाह के लिए

२१२२  १२१२  २२१ 

पैरवी मेरी कर न पाई चोट                                                          

पास रहकर रही पराई चोट

फलसफे अनगिनत सिखा ही देगी

असल में करती रहनुमाई चोट

महके चन्दन पिसे भी सिल पर तो

रोता कब है कि मैनें खाई चोट

सब्र का ही तो मिला सिला हमको

सहते रहकर मिली सवाई चोट

तन्हा ढ़ोता है दर्द हर इंसां

क्यूँ तू रिश्ते बढ़ा न पाई  चोट…

Continue

Posted on January 2, 2014 at 8:00am — 22 Comments

भागीरथ के देश में ( लघुकथा )

प्राचार्य जी के साथ विद्यालय से निकल के कुछ दूर चले ही थे कि मुखिया जी ने पुकार लिया | बैठक में काफी लोग चर्चामग्न थे | बढती बेरोजगारी और आतंकवाद के परस्पर सम्बन्धों  से लेकर शिक्षित लोगों के ग्राम पलायन तक अनेक मुद्दों पर सार्थक विचार गंगा बह रही थी |कुछ देर बाद जब अधिकांश लोग उठकर चले गए तो मुखिया जी ने प्राचार्य जी से कहा –

“वो रामदीन के नवीं कक्षा वाले छोरे को पूरक क्यों दे दी ?”…

Continue

Posted on October 8, 2013 at 7:30am — 15 Comments

Comment Wall (8 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:54pm on January 30, 2014, NEERAJ KHARE said…
VANDNA JI LAGHU KATHA PASAND AAI ...BAHUT BAHUT DHANYVAD
At 12:15pm on December 10, 2013, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

वंदना जी

आपकी भावनाओ का  समादर  i

शुभ कामनाओ सहित  i

At 9:50pm on December 7, 2013, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीय वन्दना जी

सर्व श्रेष्ठ रचनाकार होना कोई हंसी खेल नही है i

आपको यह गौरव  मिला  i  आपको कोटि-कोटि बधाइयाँ i

ईश्वर आपको ऐसे ही  गौरवान्वित करे i

सादर i

At 2:34pm on December 7, 2013, Ayub Khan "BismiL" said…

bahut bahut mubarak ho Vandna Sahiba Aapko 

At 10:54am on December 7, 2013, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया वंदना जी ..आपकी बेहतरीन ग़ज़ल को इस माह की सर्वश श्रेष्ठ  रचना चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई ..सादर 

At 6:52am on December 7, 2013, Nilesh Shevgaonkar said…

आप की रचना को सर्वश्रेष्ठ रचना चुने जाने पर बधाइयाँ ..अभिनन्दन 

At 10:43pm on December 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया वंदना जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी प्रस्तुति  तरही ग़ज़ल (ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक-41) को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना पुरस्कार के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको पुरस्कार राशि रु 1100 /- और प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस नामित कृपया आप अपना नाम (चेक / ड्राफ्ट निर्गत हेतु), तथा पत्राचार का पता व् फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |


शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 

ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 12:02pm on July 1, 2013, DR SHRI KRISHAN NARANG said…

Vandana ji, open books main aapka swagat hai. Aap bhi kuch likhati hain ya nahi?

Dr Shri Krishan Narang, Ph.D(IISc)

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विमल शर्मा 'विमल' commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"वाह...अद्भुत बधाई आदरणीय"
5 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' posted a blog post

थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद

2 2 2 2चोरी-चोरी।ओ री छोरी।थामूँ तोरी।बाँहे गोरी।जागे नैना।पूरी रैना।खोएँ चैना।भूले बैना।आजा…See More
5 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post नवगीत-वेदना तुझको बुलाऊँ-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"बहुत बहुत शुक्रिया मित्र..आमोद"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय सुभाष लखेरा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय डॉ प्राची सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
indravidyavachaspatitiwari commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"मंहगाई पर कटाक्ष करने के लिए आपको बधाई। इतनी सुंदर कविता से मन प्रसन्न हो गया।"
yesterday
Profile IconArun kumar Sharma, विमल शर्मा 'विमल' and Dr. geeta Chaudhary joined Open Books Online
yesterday
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल

2×16इश्क रुई के जैसा है पर,ग़म से रिश्ता मत कर लेना.लेकर चलने में आफत हो इतना गिला मत कर लेना.एक समय…See More
yesterday
vijay nikore posted blog posts
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"भाई बधाई स्वविकरण मतला मज़ा नहीं दे ,"
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आपकी मोहब्बतों के लिए बेहद शुक्रिया।"
yesterday
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब,नमस्कार सर मैंने इस शब्द को हिरण के बच्चे के अर्थ में प्रयोग किया है बाकी आप…"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service