For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

aman kumar
  • Male
  • meerut
  • India
Share

Aman kumar's Friends

  • sakhi singh
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • vandana
  • sonal jain
  • Sumit Naithani
  • Pragya Srivastava
  • hina firdaus
  • D P Mathur
  • NEHA SHARMA
  • poonam singh
  • kalpana bahuguna
  • POOJA AGARWAL
  • Priyanka singh
  • Usha Taneja
  • Akhand Gahmari
 

aman kumar's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
meerut
Native Place
meerut
Profession
govt officer

aman kumar's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:55am on August 15, 2013, D P Mathur said…

रचना पसंद करने के लिए आपका तहेदिल से आभार और धन्यवाद !

At 9:20pm on June 13, 2013, Amod Kumar Srivastava said…

धन्यवाद अमन भाई...

At 11:06am on June 2, 2013, Vindu Babu said…
आदरणीय अमन जी आपका हमारी मित्र मण्डली में हार्दिक स्वागत् है।
शुभ शुभ
सादर
At 11:05am on June 2, 2013, Vindu Babu said…
आदरणीय अमन जी आपका हमारी मित्र मण्डली में हार्दिक स्वागत् है।
शुभ शुभ
सादर

aman kumar's Videos

  • Add Videos
  • View All

Aman kumar's Blog

चयन (एक लघुकथा)

इतनी मुश्किल से तो बेठने की जगह मिली, ऊपर से गाड़ी लेट ! उस पर साथ मे पहले से बेठा आवारा सा लड़का जो लगातार उसे घूरता ही जा रहा है ! और वो गुस्से मे अनदेखा करके थोड़ा पीछे हटकर मुह घुमाकर बेठ गयी I अचानक पड़ा लिखा सुदर्शन युवा बीच  के थोड़ी से स्थान मे फस कर बेठ  गया, और लड़की अचानक आवारा लड़के से बोल पड़ी,

"भैया गाड़ी लेट क्यूँ हो गयी ?"!

 मोलिक अपकाशित 

Posted on April 15, 2015 at 5:00pm — 15 Comments

सूरज का सातवा घोडा .....

आदित्य ,

तुम जीवन दाई हो

तुम्हारे ताप से जीवन चलता है

प्रेम भरा स्नेह मिलता है ,

समस्त धरा को ,

तूम दिनकर हो

रजनी को विदा करते हो

अनंत काल से ,

जीवन की मुस्कराहट आती है

तुम्हारे आगमन से ,

प्रभा आती है हरियाली में जिसके

ऊष्मीय स्नेह से प्रभाकर .,

दिन के नरेश ,  तुम्हारी सत्ता

धरती माँ को आभा देती है ,

खिलखाते है पुष्प .

फिर सोना उगले हरियाली ,

तुम्हारे ही तेज से ,भास्कर !

तुम समस्त जीवन…

Continue

Posted on January 12, 2015 at 5:00pm — 13 Comments

हो रहा भारत निर्माण !

कल तक, तो सुबह   ही खटर - पटर ,ची . चु  की आवाज़ सुनकर ही पता चल जाता  था कि  मेरे पड़ोसी अमर सिंह जी के बच्चो को लेने रिक्शाबाला  आ गया है | उम्र 50 से एक -आध साल ही उपर होंगी , पर गरीब जल्दी  बढता है , और जल्दी ही मरता है  इसलिए लगता 70 साल का था  | नाम कभी पता नही किया मैंने उसका , होंगा कोई राजा राम  या बादशाह खान क्या फर्क पड़ता है नाम से ?

 दाढ़ी भी  पता नही किस दिन बनाता था ? जब भी देखा  ,उतनी की उतनी , सफ़ेद काली , मिक्स वेज जैसी , न कम न ज्यादा ! पोशाक बिलकुल , भारतीय पजामा…

Continue

Posted on August 19, 2013 at 3:30pm — 4 Comments

मेरे जज्बात

मै अपनी तक़दीर पर कभी , रोया या नही रोया 

पर मेरे जज्बातों पर आसमा टूट के रोया |

मै क्या क्या बताऊ मे क्या क्या गिनाऊ ,

क्या नही पाया मैंने क्या नही खोया |

मेरी हर रात कटी है सो वीमारो के जैसे 

दर्द से जुदा होकर मै एक पल नही सोया |

मेरे जीने पे  जो जालिम , मातम मनाता रहा ,

मेरे मरने  पर वो जी भर के क्यों रोया |

मेरे दिल के जख्म फूलो से निखरते रहे   

मैंने कभी इनको मरहम से नही  धोया…

Continue

Posted on August 8, 2013 at 12:03pm — 13 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Chetan Prakash posted blog posts
21 minutes ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"गिरहः बारहा हम से ही सौगात दिखाई न गई क्या हुआ उनसे अगर बात बनाई न गई"
29 minutes ago
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"सौ जतन कर लिये हमने ये बुराई न गईआप और मैं की ज़माने से लड़ाई न गई तिफ़्ल महरूम रहेंगे सदा सच्चाई…"
41 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"इस हौसला अफ़ज़ाई के लिये दिल से शुक्रिया आदरणीय निलेश जी"
41 minutes ago
निलेश बरई (नवाज़िश) shared a profile on Facebook
41 minutes ago
निलेश बरई (नवाज़िश) updated their profile
51 minutes ago
Aazi Tamaam joined Admin's group
Thumbnail

भोजपुरी साहित्य

Open Books Online परिवार के सब सदस्य लोगन से निहोरा बा कि भोजपुरी साहित्य और भोजपुरी से जुड़ल बात…See More
51 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Saurabh Pandey's discussion गजल (भोजपुरी) // -सौरभ in the group भोजपुरी साहित्य
"सादर प्रणाम आदरणीय जनाब सोरभ पांडेय जी बेहद खूबसूरत ग़ज़ल है ऊपर से भोजपुरी भाषा का तड़का मज़ा आ…"
51 minutes ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय आज़ी साहब बहुत ही उम्दा ग़ज़ल कही आपने। बहुत बधाई आपको इस ग़ज़ल के लिए।"
54 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"2122 1122 1122 22 अपने  ही  दिल को  सज़ा  हमसे  सुनाई  न…"
1 hour ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी,बहुत ही ख़ूब ग़ज़ल हुई इस ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें.।"
1 hour ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"तरही ग़जलः 2122 1122 1122 22 ( 112 ) फिर मिलेंगे कई मौके ये सुझाई न गई । राहे उल्फत है कठिन बात…"
1 hour ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service