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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"अय ह्य ..क्या ग़ज़ल कही है भाई गुरप्रीत जी..तीन  दिन के आयोजन में एक से एक ग़ज़लें पढने को मिली लेकिन प्यास  अब बुझी है ..दिल   से दाद लीजिये "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. नादिर खान साहब,खूब ग़ज़ल हुई है ...ढेरों दाद और बधाई स्वीकार करें "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"शुक्रिया भाई गुरप्रीत जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"सर .. ग़ज़ल पढता लेकिन मतले पर अटक गया.. काफ़िया पी गए आप ठर्रे के साथ :))))"
5 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"शुक्रिया आ. योगराज सर अखण्ड भारत के पूर्वी बंगाल यानी बांग्लादेश में हूँ इसलिए मिष्टी रोशोगुल्ला और शोंदेश खा रहा हूँ.. ;))बाकी आप सबका आशीर्वाद है ..सादर "
5 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)
"शुक्रिया आ. सौरभ सर "
5 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)
"शुक्रिया आ. योगराज सर "
5 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. अफरोज़ जी, ग़ज़ल दो बार पोस्ट हो गयी है.."
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. राजेश दीदी..ख़ूब भालो...बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है ... बहुत बहुत   बधाई "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. अजीत जी,बहुत उम्दा ग़ज़ल पेश   की है आपने.. आप को कोटिश: बधाईयाँ "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. अफरोज़ साहब,ये ग़ज़ल भी ख़ूब हुई है ... इस ग़ज़ल के लिए ढेरों दाद "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. अजय तिवारी साहब,ये ग़ज़ल भी बहुत खूब हुई है.. हालाँकि इस का मतला थोडा कमज़ोर लगा..बाकी अशआर भरपूर है ..बधाई "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. गजेन्द्र जी,उम्दा मनोभावों से   सजी हुई   इस ग़ज़ल के लिए बधाई "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"शुक्रिया आ. अजय तिवारी जी "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"शुक्रिया आ. शिज्जू भाई "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"शुक्रिया आ. दिनेश भाई "
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"तीसरी प्रस्तुति . हाले दिल वो सुना गया है मुझे या फ़क़त आज़मा गया है मुझे. . पढ़ सकोगे तुम्ही वो ख़त हूँ मैं  आँसुओं से लिखा गया है मुझे. . मुझ को लहरों ने थाम रक्खा था मेरा साहिल डुबा गया है मुझे. . एक तिनका वो मेरे ईमाँ का ले के इस पार आ…"
9 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. शिज्जू भाई ये ग़ज़ल  भी ख़ूब रँगी है आपके रंग में ..बहुत बहुत बधाई "
9 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. समर सर..तीसरी दूसरी से बेहतर है, दूसरी पहली से बेहतर है और पहली, तीसरी से बेहतर है...मैं राजा दशरथ की रानियों की नहीं आप की ग़ज़लों की बात कर रहा हूँ ..इस ग़ज़ल के लिए ढेरों बधाईयाँ "
9 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आ. उस्मानी साहब,इस प्रस्तुति के लिए बधाई...शिज्जू भाई की बात से  सहमत हूँ...अब आप  अपनी तीनों रचनाओं   से अच्छे मतले और शेर    छाँट कर एक बेहतरीन मुकम्मल ग़ज़ल बना सकते हैं..इस प्रयास के लिए अभिनन्दन "
9 hours ago

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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Nilesh Shevgaonkar's Blog

ग़ज़ल नूर की - रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए

रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए,

राह भटके लोग जिनके रहनुमा होते गए.

.

तज़र्बे मिलते रहे कुछ ज़िन्दगी में बारहा

कुछ तो मंज़िल बन गए कुछ रास्ता होते गए.

.  

चुस्कियाँ ले ले के अक्सर मय हमें पीती रही  

वो नशा होती गयी हम पारसा होते गए.

.

उन चिराग़ों के लिए सूरज ने माँगी है दुआ

सुब्ह तक जलते रहे जो फिर हवा होते गए.

.

ज़िन्दगी की राहों पर जब धूप झुलसाने लगी

पल तुम्हारे साथ जो गुज़रे घटा होते गए.

.

फिर मुहब्बत के सफ़र…

Continue

Posted on August 8, 2018 at 1:46pm — 14 Comments

ग़ज़ल-ग़ालिब की ज़मीन पर

था उन को पता अब है हवाओं की ज़ुबाँ और

उस पर भी रखे अपने चिराग़ों ने गुमाँ और. 

.

रखता हूँ छुपा कर जिसे, होता है अयाँ और 

शोले को बुझाता हूँ तो उठता है धुआँ और

.

ले फिर तेरी चौखट पे रगड़ता हूँ जबीं मैं  

उठकर तेरे दर से मैं भला जाऊँ कहाँ और?

.

इस बात पे फिर इश्क़ को होना ही था नाकाम    

दुनिया थी अलग उन की तो अपना था जहाँ और.

.

आँखों की तलाशी कभी धडकन की गवाही 

होगी तो अयाँ होगा कि क्या क्या है निहाँ और.

.

करते हैं…

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Posted on May 13, 2018 at 9:12am — 13 Comments

ग़ज़ल नूर की -कब है फ़ुर्सत कि तेरी राहनुमाई देखूँ?

कब है फ़ुर्सत कि तेरी राहनुमाई देखूँ?

मुझ को भेजा है जहाँ में कि सचाई देखूँ.

.

ये अजब ख़ब्त है मज़हब की दुकानों में यहाँ

चाहती हैं कि मैं ग़ैरों में बुराई देखूँ.

.

उन की कोशिश है कि मानूँ मैं सभी को दुश्मन

ये मेरी सोच कि दुश्मन को भी भाई देखूँ.

.

इन किताबों पे भरोसा ही नहीं अब मुझ को,   

मुस्कुराहट में फ़क़त उस की लिखाई देखूँ.

.

दर्द ख़ुद के कभी गिनता ही नहीं पीर मेरा  

मुझ पे लाज़िम है फ़क़त पीर-पराई देखूँ.

.

अब कि बरसात में…

Continue

Posted on May 10, 2018 at 8:43pm — 12 Comments

ग़ज़ल नूर की - याद आया है गुज़रा पल कोई

याद आया है गुज़रा पल कोई
लेगी अँगड़ाई फिर ग़ज़ल कोई.
.
कोशिशें और कोई करता है
और हो जाता है सफल कोई.
.
ज़िन्दगी एक ऐसी उलझन है
जिस का चारा नहीं न हल कोई.
.
इश्क़ में हम तो हो चुके रुसवा
वो करें तो करें पहल कोई.
.
हिज्र में आँसुओं का काम नहीं   
ये इबादत में है ख़लल कोई.
.
इक सिकंदर था और इक हिटलर
आज तू है तो होगा कल कोई.
.
निलेश "नूर"
मौलिक/ अप्रकाशित  

Posted on May 9, 2018 at 7:54am — 11 Comments

Comment Wall (8 comments)

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At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

At 12:32pm on November 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे | कृपया अपना पता और नाम (जिस नाम से ड्राफ्ट/चेक निर्गत होगा), बैंक खता विवरणी एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |

सादर । 


आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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