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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
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dandpani nahak left a comment for Nilesh Shevgaonkar
"मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का"
Jul 27
dandpani nahak left a comment for Nilesh Shevgaonkar
"हौसला बढ़ने का"
Jul 27
dandpani nahak left a comment for Nilesh Shevgaonkar
"आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का"
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"शुक्रिया सर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"सर,,, उसका नाम लिखते ही दंगे भड़क जाते हैं.. जाने दीजिये उसे "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"शुक्रिया "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"शुक्रिया आ. गुरप्रीत जी..मैं  वाकई अरसे बाद मंच पर हूँ...एक शख्स है जो अपनी हरक़तों के चलते मुझे ग़ज़ल कहने से रोकता है.. पता नहीं कब छुटकारा   मिलेगा "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. अन्जली जी,"वाआह" तो बेहतरीन हुई लेकिन ग़ज़ल कैसी हुई?? :D :) :)"
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. अंजली जी,मतला भरपूर हुआ है जिसके लिए विशेष बधाई .. समर सर के किसी कमेंट से ज्ञात  हुआ कि    सिफ़र को सिफ्र की तरह बाँधा जाता है...लेकिन क्या हाय बंधन   तख़ल्लुस में भी होता है यह मुझे नहीं पता..ग़ज़ल के लिए बधाई "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. लक्ष्मण जी,आपको     एक अरसे बाद पढ़ रहा हूँ...आप की ये प्रस्तुति पूर्व   से कमज़ोर लग रही है...समर सर और अंजली जी की बातों का संज्ञान लीजिये ..सादर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. अरुण जी,अच्छी ग़ज़ल हुई है... कॉलेज गए डिग्रियाँ लटकाए गले में.. कॉलेज में तो डिग्री लेने जाते हैं.. थोडा देखिएगा ..शेष ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई"
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. अनीस जी,बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई   है ..ढेरों दाद और मुबारकबाद "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. दण्डपाणी जी,अच्छी ग़ज़ल हुई है..  बहुत बहुत बधाई "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. मुनीष जी,ग़ज़ल पर अच्छा प्रयास हुआ  है..बधाई स्वीकार करें "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. बासुदेब जी,अच्छी ग़ज़ल हुई है... मतले में समर सर की बात पर गौर करें...चाँदनी शर्मा,,, ऐसा लगता है किसी का नाम हो... शर्मा को शरमा कर लें..सादर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. नादिर खान साहब,अच्छी ग़ज़ल हुई है.. समर   सर की बातों का संज्ञान लें .सादर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. राजेश दीदी,अच्छी ग़ज़ल हुई है.. लेकिन मतला कमज़ोर लग रहा है यह देख फ़िज़ा  के हुए रुख़सार गुलाबी लिपटी है कोई  बेल किसी तन्हा शजर से..ये शेर बहुत अच्छा लगा..बधाई "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"बह्र देख लें और मत्रक्रम के अनुसार तक्तीअ कर लेंसादर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. अमित जी,ग़ज़ल के प्रयास और सहभागिता के लिए बधाई.. समर सर की बातों का संज्ञान अवश्य लें सादर "
Jul 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ. आसिफ़ ज़ैदी साहब समरोह के उद्घाटन केतु बधाई..ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,, कुछ मिसरे ध्यान चाहते हैं जैसा समर सर ने बताया है..पुन: बधाई "
Jul 27

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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ग़ज़ल नूर की- लगती हैं बेरंग सारी तितलियाँ तेरे बिना

लगती हैं बेरंग सारी तितलियाँ तेरे बिना

जाने अब कैसे कटेंगी सर्दियाँ तेरे बिना.

.

फैलता जाता है तन्हाई का सहरा ज़ह’न में

सूखती जाती हैं दिल की क्यारियाँ तेरे बिना.

.

साथ तेरे जो मुसीबत जब पड़ी, आसाँ लगी

हो गयीं दुश्वार सब आसानियाँ तेरे बिना.

.

तू कहीं तो है जो अक्सर याद करता है मुझे

क्यूँ सताती हैं वगर्ना हिचकियाँ तेरे बिना?

.

वक़्त लेकर जा चुका आँखों से ख़ुशियों के गुहर   

अब भरी हैं ख़ाक से ये सीपियाँ तेरे बिना.…

Continue

Posted on July 2, 2019 at 7:30am — 7 Comments

ग़ज़ल नूर की- सोचिये फिर डूबने में कितनी आसानी रहे

.

सोचिये फिर डूबने में कितनी आसानी रहे

उनकी आँखों में जो मेरे वास्ते पानी रहे.

.

मैं किसी को जोड़ने में घट भी जाऊँ ग़म न हो

ज़िन्दगानी के गणित में इतनी नादानी रहे.

.

क़त्ल होते वक़्त भी मैं मुस्कुराता ही रहूँ

ताकि क़ातिल को मेरे ता-उम्र हैरानी रहे.

.

क़ाफ़िला यादों का गुज़रे रेगज़ार-ए-दिल से जब

आँखों में लाज़िम है सारी रात तुग़्यानी रहे.

.

क्यूँ भला सोचूँ वो दुश्मन है मेरा या कोई दोस्त

मैं रहूँ…

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Posted on November 2, 2018 at 6:45pm — 29 Comments

ग़ज़ल नूर की- सँभाले थे तूफ़ाँ उमड़ते हुए

सँभाले थे तूफ़ाँ उमड़ते हुए

मुहब्बत से अपनी बिछड़ते हुए.

.

समुन्दर नमाज़ी लगे है कोई

जबीं साहिलों पे रगड़ते हुए.

.

हिमालय सा मानों कोई बोझ है

लगा शर्म से मुझ को गड़ते हुए.

.

“हर इक साँस ने”; उन से कहना ज़रूर  

उन्हें ही पुकारा उखड़ते हुए.  

.

हराना ज़माने को मुश्किल न था  

मगर ख़ुद से हारा मैं लड़ते  हुए.

.

ज़रा देर को शम्स डूबा जो “नूर”

मिले मुझ को जुगनू अकड़ते हुए.

.

निलेश "नूर"

मौलिक/…

Continue

Posted on October 28, 2018 at 10:30am — 22 Comments

ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं

मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं

सदियों को नाप कर भी मैं पहुँचा नहीं कहीं.

.

ज़ुल्फ़ें पलक दरख़्त सभी इक तिलिस्म हैं

इस रेग़ज़ार-ए-ज़ीस्त में साया नहीं कहीं.

.

तुम क्या गए तमाम नगर अजनबी हुआ

मुद्दत हुई है घर से मैं निकला नहीं कहीं.

.

अँधेर कैसा मच गया सूरज के राज में

जुगनू, चराग़ कोई सितारा नहीं कहीं.

.

खेतों को आस थी कि मिटा देगा तिश्नगी

गरजा फ़क़त जो अब्र वो बरसा नहीं कहीं.

.

ये और बात है कि अदू को चुना गया…

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Posted on October 23, 2018 at 12:00pm — 18 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 8:17pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का
At 8:16pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
हौसला बढ़ने का
At 8:15pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

 
 
 

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