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rajesh kumari
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ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून 9 सितम्बर 2017
60 Replies

ओबीओ परिवार के सभी…Continue

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Sep 9, 2017.

एक ज़रूरी सूचना
1 Reply

हमारे ओबीओ से जुड़े एक मित्र श्री अलबेला खत्री जी बहुत गंभीर अवस्था में सूरत के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं जिस किसी से कोई भी सहायता बने कर सकते हैं भगवान् से प्रार्थना है वो जल्दी…Continue

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Apr 5, 2014.

सभी मित्रों को गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएं ,एक खुशखबरी के संग
15 Replies

मुझे गर्व है कि मेरे दामाद (थल सेना कर्नल) को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सेना मैडल से सम्मानित किया गया है|…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari Feb 22, 2013.

 

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rajesh kumari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"अच्छी ग़ज़ल कही है बहुत बहुत बधाई अभी ये आँख बोझिल है निहाँ कुछ बेक़रारी है---अभी आँखें ये बोझिल हैं --कर  सकते हो  वरना लग रहा है एक ही आँख बोझिल है न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है चरागों सा जला फिर भी अँधेरा कम नहीं होताधुआँ बनके…"
Tuesday

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rajesh kumari commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एक और रत्नाकर(लघुकथा)
"प्रिय कल्पना भट्ट जी बहुत बढ़िया लघु कथा है बहुत बहुत बधाई "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० रोहित डोबरियाल जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई आपका तहे दिल से शुक्रिया "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० लक्ष्मण धामी भैया ,आपको ग़ज़ल पसंद आई आपका तहे दिल से शुक्रिया "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० बृजेश कुमार जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई आपका तहे दिल से शुक्रिया "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद ० नरेन्द्र सिंह चौहान जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई आपका तहे दिल से शुक्रिया "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० तेजवीर सिंह जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई आपका तहे दिल से शुक्रिया "
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई बहुत बहुत शुक्रिया |आपकी कुछ शंकाएं हैं जिनको स्पष्ट करना चाहूंगी  १. शेर न. ३ में तकाबुले रदीफ़ दोष इतना बड़ा नहीं है ये कई जगह मान्य होता है  और इस शेर में ये जरूरी था | ४. शेर के उला में यदि आपके…"
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० मोहम्मद आरिफ़ जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
Tuesday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आद० सुरेन्द्र नाथ भैया ,पोस्ट पर देर से आने के लिए खेद है बाहर गई हुई थी कुछ दिनों से बहुत ज्यादा व्यस्तता थी | आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से आभारी हूँ "
Tuesday
narendrasinh chauhan commented on rajesh kumari's blog post आइना जब क़ुबूल कहता है (ग़ज़ल 'राज')
"आदरणीया राजेश कुमारी जी इस रचना पर बहुत बधाई आपको "
Feb 14
Rohit dobriyal"मल्हार" commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"बहुत खूब ....मुबारकबाद कुबूल फरमायें"malhar"
Feb 11
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"आ. राजेश दी , बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Feb 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"वाह बहुतखूब ग़ज़ल कही आदरणीया"
Feb 9
narendrasinh chauhan commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"हार्दिक बधाई आदरणीय. खुब सुन्दर गज़ल।"
Feb 7
TEJ VEER SINGH commented on rajesh kumari's blog post आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')
"हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमारी जी। लाज़वाब गज़ल। आना न मेरी जिन्दगी में तुम कभी सनम ,आए तो फुर्कतों का तसव्वुर भी आयेगा'कमसिन रहे वो नाज़नीं यारो दुआ करोआया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'"
Feb 7

Profile Information

Gender
Female
City State
dehradun (uttrakhand)
Native Place
muzaffarnagar
Profession
housewife
About me
ek insaan hoon jo jio aur jeene do me vishvaas rakhti hai.ateet se kuch seekht ihoobhav ishya ko sudharti hoon vartman ke saath bah rahi hoon dekho jaane kahan tak.n hoon

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आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'(ग़ज़ल 'राज')

221   2121   1221   212

गर बीज है जमीन में अंकुर भी आयेगा

,जागेगी ये अवाम तग़य्युर भी आयेगा



'ज़ह्नों में लाज़मी है तहय्युर भी आयेगा

बदलाव आयेगा तो तफ़क्कुर भी आयेगा



इंसानियत का आज कोई गीत गा रहा

 ,जब साज है नया तो नया सुर भी आयेगा



आना न मेरी जिन्दगी में तुम कभी सनम

,आए तो फुर्कतों का तसव्वुर भी आयेगा



'कमसिन रहे वो नाज़नीं यारो दुआ करो

आया अगर शबाब तकब्बुर भी आयेगा'



लिखदी ग़ज़ल समाज पे शाइर ने इक…

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Posted on February 6, 2018 at 5:30pm — 16 Comments

प्रीत रीति के खेल में ,ऐ साजन मैं हारी||  (मुक्तमणि छंद पर आधारित गीत 'राज')

पर्वत जैसे दिन कटें ,रातें लगती भारी|  

 प्रीत रीति के  खेल में ,ऐ साजन मैं हारी||

 

 अधरों पर  मुस्कान है,उर के भीतर ज्वाला|

 पीनी पड़ती सब्र की ,भीतर भीतर हाला||

बिस्तर पर जैसे बिछी,द्वी धारी कुल्हारी|

प्रीत रीति के खेल में ,ऐ साजन मैं हारी||

 

सरहद से आई नहीं, अबतक कोई पाती|  

जल जल आधी हो गई,इन नैनों की बाती||

चौखट पर बैठी रहूँ देखूँ बारी बारी|

प्रीत रीति के खेल में ,ऐ साजन मैं…

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Posted on January 29, 2018 at 8:51pm — 16 Comments

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं

कंठ चीर तरु सरकंडों के

अल्गोज़े की बीन बनी है

अंतड़ियों के बान पूरकर

तिलचट्टों ने खाट बुनी है

मजबूरी ने कोख में फ़ाके बोए हैं

 

लूट खसोट के दंगल भिड़तु

किसने लूटी किसकी जाई

बुक्का फाड़ देवियाँ रोती

सनी लहू में साँजी माई

कंधों पे संयम के मुर्दे ढोए हैं

 

छल के पैने नाखूनों से

देह खुरचते जात धरम की

मक्कारी की आरी लेकर

लाश बिछाते लाज शरम…

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Posted on January 21, 2018 at 10:08pm — 18 Comments

पहाड़ी नारी  (लम्बी कविता 'राज')

पहाड़ी नारी  

कुदरत के रंगमंच का    

बेहद खूबसूरत कर्मठ किरदार   

माथे पर टीका नाक में बड़ी सी नथनी

गले में गुलबन्द ,हाथों में पंहुची,

पाँव में भारी भरकम पायल पहने

कब मेरे अंतर के कैनवास पर

 चला आया पता ही नहीं चला

 पर आगे बढने से पहले ठिठक गई मेरी तूलिका 

 हतप्रभ रह गई देखकर

एक  ग्रीवा पर इतने चेहरे!!!

कैसे संभाल रक्खे हैं  

हर चेहरा एक जिम्मेदारी के रंग से सराबोर

कोई पहाड़ बचाने का

कोई जंगल बचाने…

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Posted on January 4, 2018 at 7:30pm — 22 Comments

Comment Wall (39 comments)

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At 5:19pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीया राजेश कुमारी जी नमस्कार
मुझे बेहद ख़ुशी है की आपने मेरी पहली रचना पढ़ी
मुझे अभी बहुत सीखना है आशा है आप भविष्य में भी मेरी गलतियों की ओर इंगित करती रहेंगी
आपका बहुत बहुत आभार एवम् शुक्रिया
At 5:08pm on November 22, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया राजेश कुमारी जी दोहा प्रस्तुति पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

At 10:51pm on July 28, 2015, Prashant Priyadarshi said…

धन्यवाद आ. राजेश मैम, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया, उत्साहवर्धन के शब्द कहे, मेरी सोच-मेरे नजरिये की तारीफ़ की आपने, आपको पसंद आई मेरी कहानी, इसके लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आप सबों के प्रेरक वाक्य ही मेरी कलम को और धारदार और स्थापित करने में सहायक होंगे. धन्यवाद!!

At 9:26pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीया

           बिंदु नं 0 2 को ही समझना था  i 'कहते है गोपाल' का  उल्लेख कर आपने मेरे भ्रम का सटीक निवारण किया i आपका स्नेह यूँ ही बना रहे i सादर i

At 5:37pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया

आपसे सदा सीखता रहता हूँ i इसी जिज्ञासा में आपकी  निम्न टिप्पणी पर भी अपनी शंका का निवारण चाहूँगा i

 शैलि ,वैलि में गच्चा खा गए आदरणीय :))) और पकडे भी गए ......       स्वीकार है आदरणीया

अंग्रेजो ने किया     वात-आवरण  कसैला----रोले में विषम             इसे कुछ और स्पष्ट करें महनीया

चरण का गुरु लघु से होना है आपका किया =लघु गुरु 

कुण्डलिया का आरम्भ का शब्द और अंत का शब्द भी एक ही होना    मेरे संज्ञान में अब यह बाध्यता अब

चाहिए                                                                                     समाप्त हो गयी है

                  स म्म्मान आदरणीया i

At 4:43pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 8:39pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीया उत्साहवर्धक है आपकी टिप्पणी। मिल कर राह हमें ही है बनानी
At 12:22am on June 10, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें  आदरणीया राजेश दीदी

At 10:50am on March 3, 2014, vijay nikore said…

 हे माँ श्वेता शारदे ,  सरस्वती वन्दना (उल्लाला छंद पर आधारित )

इस रचना के feature होने के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीया राजेश जी।

 

सादर,

विजय निकोर

At 8:35pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

         

       आदरणीया राजेश कुमारी जी साधुवाद गज़ल पर दाद के लिये .

 
 
 

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