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आदरणीय योगराज जी , आदरणीय सौरभ जी , आदरणीय समर भाई जी , तथा जिस मित्र ने भी कभी भी मेरा मार्ग दर्शन किया सभी को  समर्पित  ,करती हूँ ये रचना .

जीवन निर्माता भाग्य विधाता सब दुःख हरता ईश्वर है़
तृण तृण परिभाषित राह प्रदर्शित पग- पग करता गुरुवर है़

गिर जाने पर हाथ बढ़ाना
हर मुश्किल में पार लगाना

गहन तमस में घिर जाने पर
भटकों को यूँ राह दिखाना

तेरी अनुकंपा के आगे
कष्टों की धुंध का छट जाना

पतझड़ के मारे तरुओं पर
हरित हरित पल्लव आ जाना

का का गा घा के जादू से
बड़ी बड़ी पोथी लिखवाना

कोरे निपट नये दीपक में
ज्ञान पुंज की ज्योत जगाना

तू शिक्षक है़ या रक्षक है़
तव चरणन में शीश झुकाना
राजेश कुमारी राज

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 7, 2019 at 5:31pm

आदरणीय समर भाई जी आपका दिल से आभार .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 7, 2019 at 5:30pm

आदरणीय भट्ट जी आपका ओबीओ पर हार्दिक स्वागत है़ .बहुत बहुत आभार आपको प्रस्तुति पसंद आई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 7, 2019 at 5:29pm

आदरणीय तेजवीर सिंह जी आपका बहुत बहुत आभार .

Comment by Samar kabeer on September 7, 2019 at 3:11pm

बहना राजेश कुमारी जी आदाब,शिक्षक दिवस पर बहुत उम्द: रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on September 6, 2019 at 12:38pm
बेहतरीन प्रस्तुति पर बधाई राज जी
Comment by TEJ VEER SINGH on September 5, 2019 at 8:01pm

हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमारी जी।बहुत सुंदर प्रस्तुति।

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"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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