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rajesh kumari
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rajesh kumari's Discussions

ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून 9 सितम्बर 2017
52 Replies

ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को प्रणाम  इस बार ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून मे 9 सितम्बर 2017 को होना तय हुआ है जिस में आप सभी सादर आमंत्रित हैं.  आयोजन स्थल----होटल सिटी स्टार देहरादून,108,सुभाष रोड…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari on Monday.

एक ज़रूरी सूचना
1 Reply

हमारे ओबीओ से जुड़े एक मित्र श्री अलबेला खत्री जी बहुत गंभीर अवस्था में सूरत के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं जिस किसी से कोई भी सहायता बने कर सकते हैं भगवान् से प्रार्थना है वो जल्दी…Continue

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Apr 5, 2014.

सभी मित्रों को गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएं ,एक खुशखबरी के संग
15 Replies

मुझे गर्व है कि मेरे दामाद (थल सेना कर्नल) को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सेना मैडल से सम्मानित किया गया है|…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari Feb 22, 2013.

 

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rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह्ह्ह वाह्ह्ह आद० समर भाई  जी आप तो छंदों में भी कमाल करने लगे .प्रदत्त चित्र की आत्मा में उतरकर लिखे गये इन छंदों के लिए दिल से बारम्बार बधाई लीजिये |"
41 minutes ago

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rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छंद  खड़े सलामी की मुद्रा में,बाल, बालिका पाँच                                                                                                                              …"
52 minutes ago

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rajesh kumari and C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" are now friends
3 hours ago

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post सरसी छंद होली के रंग
"प्रिय  कल्पना भट्ट जी ,आपको ये छंद पसंद आये बहुत बहुत आभार आपका .एक पुरानी पोस्ट को ताज़ा करने का भी शुक्रिया ."
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"प्रिय कल्पना भट्ट जी ,आपको गज़लें पसंद आई मेरा लेखन सार्थक हो गया दिल से बहुत बहुत आभार |"
yesterday
KALPANA BHATT commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"दोनों ग़ज़ल लाजवाब है आदरणीया राजेश दी \ हार्दिक बधाई |"
Tuesday
KALPANA BHATT commented on rajesh kumari's blog post सरसी छंद होली के रंग
"बहुत सुंदर छंद कहे हैं आपने आदरणीया राजेश दी | मजा आया पढ़कर | बहुत बहुत बधाई आपको | सादर |"
Tuesday
Samar kabeer and rajesh kumari are now friends
Monday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"आद० आशीष श्रीवास्तव जी ,आपको गज़लें पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से बहुत बहुत शुक्रिया"
Monday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"आद० गुरप्रीत सिंह जी ,आपको गज़लें पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से बहुत बहुत शुक्रिया|"
Monday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"आद० नीरज कुमार जी,आपको गज़लें पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से बहुत बहुत शुक्रिया| "
Monday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"आद० सुनंदा झा जी ,आपको गज़लें पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से बहुत बहुत शुक्रिया |"
Monday
Ashish shrivastava commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"दोनों ग़ज़लें ज़ोरदार हैं , आदरणीया ।"
Monday
Gurpreet Singh commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"दोनों ही ग़ज़लें बहुत अच्छी हुई है आदरणीया राजेश कुमारी जी,,, आपको बहुत बहुत बधाई "
Monday

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rajesh kumari replied to rajesh kumari's discussion ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून 9 सितम्बर 2017
"आप अकेले हैं या कोई साथ में है ये भी बता दें एक रूम बुक करना है या शेयर करेंगे ?"
Monday

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rajesh kumari replied to rajesh kumari's discussion ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून 9 सितम्बर 2017
"आपका स्वागत है भैया आपका नाम नोट कर लिया है |"
Monday

Profile Information

Gender
Female
City State
dehradun (uttrakhand)
Native Place
muzaffarnagar
Profession
housewife
About me
ek insaan hoon jo jio aur jeene do me vishvaas rakhti hai.ateet se kuch seekht ihoobhav ishya ko sudharti hoon vartman ke saath bah rahi hoon dekho jaane kahan tak.n hoon

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ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')

2122  1212  22

(१)

 ये जो इंसान आज वाले हैं

कुछ अलग ही मिजाज वाले हैं

 

रास्तों पर अलग अलग चलते  

एक ही ये समाज वाले हैं

 

दस्तख़त से बनें मिटें रिश्तें   

कागजी ये रिवाज वाले हैं

 

रावणों की मदद करें गुपचुप

लोग ये रामराज वाले हैं

 

रोज खबरों में हो रहे उरियाँ

ये बड़े लोकलाज वाले हैं

 

मुंह छुपाते विदेश में…

Continue

Posted on August 9, 2017 at 1:05pm — 29 Comments

छंद – विजया घनाक्षरी(मापनीमुक्त वर्णिक)

छंद – विजया घनाक्षरी(मापनीमुक्त वर्णिक) 

विधान 32 वर्णों के चार समतुकांत चरण, 16 16 वर्णों यति अनिवार्य

8,8,8,8 पर यति उत्तम अंत में ललल अर्थात लघु लघु लघु या नगण अनिवार्य ।

 

सूखे कूप हैं इधर ,गंदे स्रोत हैं उधर,प्यासे वक़्त के अधर,मीठा नीर है किधर|

मैली गंग है उधर,देखें नेत्र ये जिधर,रोयें धरा ये अधर,जाए शीघ्र ये सुधर|

कोई भाव है न रस,कैसे शुष्क हैं उरस,वाणी नहीं है सरस,शोले रहे हैं बरस|   

बातों बात ये…

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Posted on August 1, 2017 at 10:44pm — 4 Comments

कब तक मूर्ख बनाएगा (गीतिका/ग़ज़ल 'राज')

2222 2222 ,2222 222

यह  भी खाया वह  भी खाया ,कब तक खाता जाएगा 

एक दिवस तो उगलेगा सब ,कब तक पेट पचाएगा 

 

अपनी ढपली अपना दुखड़ा ,कब तक राग सुनाएगा 

यह  करता हूँ वह करता हूँ ,कब तक ढोल बजाएगा 

 

झूठी बातों झूठे वादों ,से कब तक बहलाएगा 

परख रही है जनता तुझको,कब तक मूर्ख बनाएगा

 

शेर खड़े हैं  दरवाजे पर,छुपकर तू बैठा चूहे 

हिम्मत है तो बाहर आजा,कब तक नाक कटवाएगा 

 

सरहद…

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Posted on July 29, 2017 at 12:00pm — 18 Comments

मेरा कच्चा मकान क्या करता (ग़ज़ल 'राज')

२१२२  १२१२    २२

बात खाली मकान क्या करता

दास्ताँ वो बयान क्या करता 

 

पंख कमजोर हो गये मेरे  

लेके अब  आसमान क्या करता 

उसकी  सीरत ने छीन ली सूरत

उसपे सिंघारदान क्या करता 

 

रूठ जाते मेरे सभी अपने

चढ़के ऊँचे मचान क्या करता

 

नींव में झूठ की लगी दीमक 

लेके ऐसी दुकान क्या करता

 

बाढ़ में ढह गये महल कितने    

मेरा कच्चा मकान क्या…

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Posted on July 11, 2017 at 8:30am — 35 Comments

Comment Wall (38 comments)

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At 5:08pm on November 22, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया राजेश कुमारी जी दोहा प्रस्तुति पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

At 10:51pm on July 28, 2015, Prashant Priyadarshi said…

धन्यवाद आ. राजेश मैम, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया, उत्साहवर्धन के शब्द कहे, मेरी सोच-मेरे नजरिये की तारीफ़ की आपने, आपको पसंद आई मेरी कहानी, इसके लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आप सबों के प्रेरक वाक्य ही मेरी कलम को और धारदार और स्थापित करने में सहायक होंगे. धन्यवाद!!

At 9:26pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीया

           बिंदु नं 0 2 को ही समझना था  i 'कहते है गोपाल' का  उल्लेख कर आपने मेरे भ्रम का सटीक निवारण किया i आपका स्नेह यूँ ही बना रहे i सादर i

At 5:37pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया

आपसे सदा सीखता रहता हूँ i इसी जिज्ञासा में आपकी  निम्न टिप्पणी पर भी अपनी शंका का निवारण चाहूँगा i

 शैलि ,वैलि में गच्चा खा गए आदरणीय :))) और पकडे भी गए ......       स्वीकार है आदरणीया

अंग्रेजो ने किया     वात-आवरण  कसैला----रोले में विषम             इसे कुछ और स्पष्ट करें महनीया

चरण का गुरु लघु से होना है आपका किया =लघु गुरु 

कुण्डलिया का आरम्भ का शब्द और अंत का शब्द भी एक ही होना    मेरे संज्ञान में अब यह बाध्यता अब

चाहिए                                                                                     समाप्त हो गयी है

                  स म्म्मान आदरणीया i

At 4:43pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 8:39pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीया उत्साहवर्धक है आपकी टिप्पणी। मिल कर राह हमें ही है बनानी
At 12:22am on June 10, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें  आदरणीया राजेश दीदी

At 10:50am on March 3, 2014, vijay nikore said…

 हे माँ श्वेता शारदे ,  सरस्वती वन्दना (उल्लाला छंद पर आधारित )

इस रचना के feature होने के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीया राजेश जी।

 

सादर,

विजय निकोर

At 8:35pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

         

       आदरणीया राजेश कुमारी जी साधुवाद गज़ल पर दाद के लिये .

At 11:19am on July 27, 2013, CHANDRA SHEKHAR PANDEY said…

अनुरोध स्वीकार करके आपने मुझे उपकृत किया मैम, नमन

 
 
 

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