For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला
  • जयपुर rajasthan
  • India
Share

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Friends

  • seemahari sharma
  • पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"
  • Priyanka Pandey
  • Alok Mittal
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • D P Mathur
  • Dr Ashutosh Vajpeyee
  • यशोदा दिग्विजय अग्रवाल
  • अशोक कत्याल   "अश्क"
  • Dr. Swaran J. Omcawr
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • डॉ नूतन डिमरी गैरोला
  • बृजेश नीरज
  • वेदिका
  • Aarti Sharma
 

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Page

Latest Activity

vijay nikore commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"//माँ-बापू के सद्कर्मों से, आया माँ की गोद।मिला छत्र छाया में उनके,जीवन का आमोद।।// माता-पिता के प्रति ऐसी भावना हम सभी में जीवन भर कायम रहे  तो कितना अच्छा है। सुन्दर गीत के लिए बधाई।"
Thursday
रामबली गुप्ता commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"सरल, सहज भावों और शब्द चयन के साथ बहुत ही सुन्दर गीत रचा है आपने आदरणीय भाई रामानुज लक्ष्मण जी। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।सादर आपने उक्त गीत के लिए सरसी छंद को आधार बनाया है जिसकी मधुरिम गेयता के कारण रचना और सुंदर हो गयी है। वर्ष पार किये…"
Thursday
SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"बहुत सुंदर अभिव्यक्ति और सार्थक भ्रमर ५"
Tuesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"उत्तम भावपूर्ण गीत हुआ आदरणीय..सादर"
Tuesday
Mohammed Arif commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"सुंदर गीत की पेशकश पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय लक्ष्मण रामानुज जी ।"
Tuesday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"आद0 रामानुज लड़ीवाला जी सादर अभिवादन,बहुत सुंदर गीत,बधाई स्वीकार करें । अच्छा लगा पढ़कर।"
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्म दिवस की शुभ मंगल कामनाएं आपको आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी |"
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Mohammed Arif's blog post हाइकु
"अनुपम हाइकु के लिए बधाई श्री आरिफ मोहम्मद साहब"
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Sushil Sarna's blog post मधुर दोहे :
"सुंदर दोहे | अगली बार आपके कम से कम पाँच दोहें पढने को मिलने चाहिए भाई शुशील सरना जी "
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Sushil Sarna's blog post बंद किताब ...
"देहाकर्षण के परे भी एक आकर्षण होता है जहां भौतिक सुख के बाद का एक दर्पण होता है नशवरता से परे अनंत में समाहित अमर समर्पण होता है -- वाह ! सच्चे प्रेम को समर्पित सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई श्री सुशील सरना जी "
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post आज फिर दर्द छलका:-मोहित मुक्त
"आज फिर दर्द छलका। आँख फिर आज रोयी। - प्रेम विरह पर सुंदर नव गीत रचना के लिए हार्दिक बधाई श्री मोहित मिश्रा जी |"
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Manoj kumar shrivastava's blog post चरित्र गिर रहा है
"सुन्दर भावों की प्रस्तुती के लिए बधाई श्री मनोज कुमार जी "
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"जन्म दिवस के संदर्भ में सृजित गीत रचना सराहने के लिए आपका हार्दिक आभार जनाब समर कबीर साहब | सादर नमन "
Monday
Samar kabeer commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण
"जनाब लक्ष्मण रामानुज लड़ीवाला जी आदाब,बहुत सुंदर गीत,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला posted a blog post

जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण

मुक्त हृदय से आज करूँ मैं, सबका ही सत्कार,माँ वीणा सद्ज्ञान मुझे दो, जग में करूँ प्रसार ||माँ-बापू के सद्कर्मों से, आया माँ की गोद। मिला छत्र छाया में उनके,जीवन का आमोद।। वर्ष पार किये बहत्तर ये, पाकर सदा प्रसाद। स्वर्गलोक से मिलता मुझको,उनका आशीर्वाद।। माँ-बापू से पाया मैंने,जीवन में संस्कार।मिला सनातन धर्म रूप में, मुझको भारत वर्ष । ऋषि-मुनियों का देश यही है,इसका मुझको हर्ष || वन-उपवन में रोप सकूँ मै, कुछ सुन्दर से वृक्ष, मिले सफलता जनमानस को,पूर्ण करें सब लक्ष ||  चुका सकूँ मैं भारत माँ का,…See More
Monday
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
" जन्म दिवस के वर्षगाँठ की बहुत बह्सुत बधाई एवं मंगल शुभकामनाएं आदरणीय योगराज भाई जी, प्रभु आपको सदा स्वस्थ, सुखी रख और दिर्घायुं जीवन प्रदान करे | माँ सरस्वती आपकी लेखनी से रसधार बहाती रहे | फेसबुक पर आपकी   छवि देखकरचार आया था किपका…"
Nov 18

Profile Information

Gender
Male
City State
JAIPUR
Native Place
India
Profession
Retired Govt service
About me
Interest in writing poems,stories and articles

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Photos

  • Add Photos
  • View All

About me

 Retired Accountant from Collectorate,Jaipur and Rajasthan Vidhan Sabha,Jaipur

 now working as an Advisor of SBI Life Insurance Co. Ltd.and Investment consultant

  I had been co-editor of "AGRAMMI" monthli magazine since 1975 to 1978, and Editor

 of "Nirala-Samaj" Quarterly both are social magazines of Agrawal community.Jaipur

   Articles published in Rajasthan Patrika, and Rastradoot daily fro JAIPUR in 1970 and 

   1980 decads

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Blog

जग में करूँ प्रसार (गीत) - रामानुज लक्ष्मण

मुक्त हृदय से आज करूँ मैं, सबका ही सत्कार,

माँ वीणा सद्ज्ञान मुझे दो, जग में करूँ प्रसार ||

माँ-बापू के सद्कर्मों से, आया माँ की गोद।

मिला छत्र छाया में उनके,जीवन का आमोद।।

वर्ष पार किये बहत्तर ये, पाकर सदा प्रसाद।

स्वर्गलोक से मिलता मुझको,उनका आशीर्वाद।।

माँ-बापू से पाया मैंने,जीवन में संस्कार।

मिला सनातन धर्म रूप में, मुझको भारत वर्ष ।

ऋषि-मुनियों का देश यही है,इसका मुझको हर्ष ||

वन-उपवन में रोप सकूँ मै, कुछ सुन्दर से…

Continue

Posted on November 19, 2017 at 7:30am — 8 Comments

जलकर करता उजियारा (गीत)

गीत - मुखड़ा -

करे तमस को दूर दीप ही, दूर भागता अँधियारा |

दीप निभाये धर्म सदा ही, जलकर करता उजियारा ||

सूर्य किरण उठ भोर झाँकती, नित्य सदा ही खिड़की से

दीन करे विश्राम डरे बिन, सदा मेघ की घुड़की से ।।

दीन-हीन के द्वार जहाँ भी, घिरने लगता अँधियारा

दीप निभाये धर्म सदा ही, जलकर करता उजियारा ।

दीप जलाएं द्वारें जाकर, छँटे दीन का अन्धेरा ।

सबको दे उजियार दीप ही,पर खुद का नही सवेरा ।।

दुख दर्दों की मार झेलता, दीन हीन सा…

Continue

Posted on November 3, 2017 at 2:00pm — 9 Comments

फ़रिश्ता (लघु कथा)

 
चार-पांच वर्ष का बच्चा प्रकाश मकान की दूसरी मंजिल पर छत पर खेलते हुए कटकर आई एक पतंग को लूटने के लिए बालकनी से खिड़की में झुका, तभी पाँव फिसलने से खडकी के बाहर छज्जे से लुडककर सडक पर गिरने लगा तभी सड़क पर दूर से देख एक व्यक्ति चिल्लाया “अरे ये बच्चा गिरा” |
उसी समय उस गली से ससुराल के मकान के नीचे से रोज की तरह गुजर…
Continue

Posted on November 1, 2017 at 7:51pm — 4 Comments

नई कमीज



माँ के निकाले हुए पुराने बर्तन बेचकर दीपावली त्योहार के लिए जरूरी सामान की सूची अनुसार पिताजी बाजार से पूजा का सामान, छोटे-छोटे पाँच फल, दो गन्ने, पाँव लड्डू-जलेबी, फूले-पतासे, लक्ष्मी जी का पाना, और रुई लाकर सामान माँ को देते हुए पूछा 21 की जगह 11 दीपक ही ले आता हूँ । इस पर माँ बोली -"मेरे पीहर के गांव कुंडा से कुम्हार आया था जो कल मना करने पर भी 21 दीपक रख गया है और पूछने पर भी रुपये नही बताये । अब उसे रुपये भाई-दूज के बाद दे आऊंगी । इस बार तो 21 दीपक ही…

Continue

Posted on October 18, 2017 at 6:28pm — 18 Comments

दोहे

महिला दिवस पर रचित दोहे -



मही रूप देवी धरे, धैर्य गुणों की खान

साहस की प्रतिमूर्ति भी, नारी को ही मान | 



सृष्टि सृजनकर्ता यही,यही मही का अर्थ,

रणचण्डी भी बन सके, नारी सभी समर्थ ।



महिला से महके सदा,घर आँगन में फूल

वही सजाती घर सदा, मौसम के अनुकूल ।



जीवन के हर रूप में, नारी मन उपहार,

आलोकित जीवन करे, खुशियों के…

Continue

Posted on March 9, 2017 at 4:30pm — 4 Comments

आस्था (लघु कथा)

संतों तक को झूठी रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार कर सरकार अच्छा नहीं कर रही | देश विदेश में लाखों अनुयायी किसी के ऐसे ही बनते | मेरे घर से अपनी बहन के साथ इनके आश्रम में 15 दिन रहकर आई है | चेलों का बड़ा ख्याल रखा जाता है | नियमित व्याखान और पूजा पाठ चलता रहता है | बहुत पहुँचे हुए संत है, मैंने भी पुष्कर में इनके प्रवचन सुने है |

पाठक जी बोले - ये सब तो ठीक है ओझा जी, पर इनके खिलाफ अश्लील कारनामे और महिलाओं के साथ लिप्त पाए जाने के पुख्ता सबूत के आधार पर ही गिरफ्तार किया है | कई शहरों में…

Continue

Posted on February 21, 2017 at 12:22pm — 10 Comments

Comment Wall (59 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 3:25pm on November 19, 2015, pratibha pande said…

 जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ आपको आदरणीय लडीवाला जी  

At 4:56pm on November 19, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीय लडीवाला जी

आपको जन्मदिवस के अवसर पर ढेरो शुभ कामनाये i आप चिरायु हो और स्वस्थ रहें i

At 11:03am on October 2, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय लक्ष्मण भाई , आपका बहुत्बहुत आभार !!

At 9:56pm on September 23, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आदरणीय लक्षमण सर जी सादर धन्यवाद आपका स्नेह और आशीष यूँ ही बनाये रखिये

At 8:53am on September 2, 2013, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

लक्ष्मण भाई- सप्रेम राधे- राधे । सही सलाह एवं गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक् धन्यवाद ॥

At 8:30am on August 15, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय लडीवाला सर  प्रणाम , रचना पसंद करने के लिए आपका तहेदिल से आभार और धन्यवाद !

At 1:34pm on August 11, 2013, mrs manjari pandey said…

आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी हार्दिक आभार.

At 4:57pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

abhar laxman ji

At 8:15pm on July 23, 2013, Albela Khatri said…

aapke prem ke liye aabhari hun bahut bahut aabhaar evm dhnyavaad आपका स्नेह, दुलार, आशीष एवं आत्मीयता की सुगंध का झोंका मेरे जीवन में नया उजाला लाएगा ...ऐसा मुझे भरोसा है ........आपकी कृपादृष्टि के लिए कृतज्ञ हूँ

सादर

At 12:30pm on July 18, 2013, राज़ नवादवी said…

आदरणीय लक्ष्मण जी, हांलाकि मुझे दोहों का कुछ ख़ास ज्ञान नहीं है मगर क्या खूब कहा है आपने-

'बहका बहका दिख रहा, खुद का ही व्यवहार

जैसे सब कुछ ख़त्म है, मन मेरा लाचार | '

बधाई हो!

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"जनाब अजय तिवारी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । कुछ बातें आपके…"
9 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय नादिर साहब, खूबसूरत ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं. सादर "
19 minutes ago
Mohammed Arif commented on SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's blog post चीख रही माँ बहने तेरी -क्यों आतंक मचाता है
"आदरणीय सुरेंद्र कुमार शुक्ल जी आदाब, बहुत ही बेहतरीन और सामयिक रचनाएँ हैं । हर बुराई का अंत होना…"
21 minutes ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल--बह्र फेलुन×5+फा
"दाद-ओ-तहसीन का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय विजय निकोर जी ।"
30 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"जनाब महेन्द्र कुमार जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । लगता है आपने ग़ज़ल जल्दबाज़ी…"
33 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय नादिर खान जी आदाब, शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें । बाक़ी गुणीजन अपनी…"
34 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय महेंद्र जी , उम्दा ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं.  सादर"
36 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय अजय तिवारी जी आदाब, हर शे'र माक़ूल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल…"
39 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय सलीम साहब, बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं. सादर "
40 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय गोपाल नारायण जी, खूबसूरत ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं. सादर "
44 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीया राजेश कुमारी जी, उम्दा ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं. 'इक नामचीन शह्र में बदनाम हो…"
48 minutes ago
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"आदरणीय सुरेन्द्रनाथ जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है, हार्दिक शुभकामनाएं. सादर "
52 minutes ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service