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Aarti Sharma
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Feb 13, 2014
annapurna bajpai commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"आ0 आरती जी बहुत सुंदर रचना , बधाई आपको । "
Feb 13, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"Meena Pathak जी आपका तहेदिल से शुक्रिया कविता पसंद करने के लिए ..आभार "
Feb 13, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"रचना सराहने के लिए सहृदय धन्यवाद आदरणीय  Laxman Prasad Ladiwala सर..आभार"
Feb 13, 2014
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"ईश्वर की निराली रचना. सौन्दर्य की प्रतिमा है, तभी तो कवि की सुंदर कल्पना है | सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति की लिए बधाई "
Feb 13, 2014
Meena Pathak commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बहुत सुन्दर भावों से सजी रचना .. बहुत बहुत बधाई "
Feb 13, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"भावों की गहराई समझने के लिए हार्दिक आभार आदरणीय जितेन्द्र 'गीत' जी.."
Feb 12, 2014
जितेन्द्र पस्टारिया commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बेहद खुबसूरत कोमल भाव, बधाई स्वीकारे आदरणीया आरती जी"
Feb 12, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया  shashi purwar जी..आभार"
Feb 12, 2014
shashi purwar commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"सुन्दर कोमल भाव पिरोये है आपने मदमाती सी रचना है यह , हार्दिक बधाई आरती जी"
Feb 12, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बेहद शुक्रिया आदरणीया Sarita Bhatia जी...आभार"
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Sarita Bhatia commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बहुत सुन्दर ,बधाई आरती जी "
Feb 12, 2014
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Feb 12, 2014
Aarti Sharma shared their blog post on Facebook
Feb 12, 2014
Aarti Sharma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"रचना सराहने के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय Shyam Narain Verma जी.."
Feb 12, 2014
Shyam Narain Verma commented on Aarti Sharma's blog post रूप-सौन्दर्य
"बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति , बधाई आप को | सादर "
Feb 12, 2014

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Delhi
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New Delhi
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Im a spiritual lady with positive thoughts

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रूप-सौन्दर्य

रति भी तू,कामना भी तू,                                                                  

कवि  की सुंदर कल्पना है,

प्रेम से भरी मूरत है तू,

कुदरत का कोई करिश्मा है ...

सांवली रंगत,सूरत मोहिनी,

कातिलाना तेरी अदाएं है,

सात सुरों की सरगम तू,

फूलों की महकती डाली है....

नयन तेरे काले कज़रारे है,

लब ज्यूँ मय के प्याले है,

जिन पर हम दिल हारे है,

उल्फ़ते-राज़ ये गहरे है ....

हुस्नों-हया की मल्लिका…

Continue

Posted on February 12, 2014 at 12:30am — 15 Comments

ज़िन्दगी...

उठती टीस हृदयतल से

क्यूँ ये बेरंगी लगती है

घाव अनंत देती कभी तो

उमंगों से जीवन भरती है....

कभी लगती रति कामदेव की 

तो लगती कभी मधुशाला है 

तिनका तिनका करके बनती 

सुखद घरोंदा कभी लगती है.... 



लगती कभी  नववधू जैसी 

आलिंगन प्रेम का करती है 

कभी नाचती गोपियों जैसी

मुरली मधुर जब सुनती है .....

फिर भी ये ज़िन्दगी है

जीने का दम भरती है

शुन्य से शुरू होती…

Continue

Posted on September 28, 2013 at 9:30pm — 12 Comments

पानी की बूँदें...

बरसे बदरा नीर बहाये

ज्यों गोरी घूँघट शरमाये

चाल चले ऐसी मस्तानी

ज्यूँ बह चली पुरवा रानी

बादल गरजे प्रेमी तड़पे

झलक तेरी को गोरी तरसे

आजा अंगना दरस दिखा जा

नयन मेरे तू शीतल कर दे

ज्यूँ घटा का रूप लेके

यूँ लटें चेहरे पर छाई

मोती सी पानी की बूंदें

छलक रही चेहरे पर ऐसे

स्पर्श तेरा स्वर्णिम पाने को

पानी की बूँदें भी तरसे.

"मौलिक व…

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Posted on July 18, 2013 at 10:30pm — 13 Comments

धर्म की राह

नींद गवांई,सुख चैन गवांया

जीवन की आपा -धापी में 

अगर-मगर तेरी-मेरी में

समय गवांया ,बातों में 

धन दौलत ने लोभी बनाया 

ईमान गवांया नोटों में 

पूत सपूत न बन पाया 

बस ध्यान लगाया माया में

दीन दुखियों की सेवा करता

पुण्य कमाता लाखों में 

करता अच्छे कर्म…

Continue

Posted on July 11, 2013 at 12:34am — 15 Comments

जुदाई

जब तू था तो सूनापन नही था

इच्छा थी पर अरमान नही था 

अश्कों में भिगो लिया दामन मैंने 

प्यासी रहूंगी फिर भी सोचा नही था...

तेरी यादों से दिन बनते थे 

और जुदाई से काली रातें

तेरे प्यार से ज़िन्दगी बनी थी

और बेवफाई से उखड़ी सांसे...

तेरे गम से मेरा गम जुदा कब था

तू नही समझा बस यही गम था

छीन लिया समय से पहले रब ने

जुदाई का गम क्या पहले कम था...

"मौलिक व…

Continue

Posted on June 30, 2013 at 7:30pm — 16 Comments

आधी अधूरी सी ये ज़िन्दगी

तमन्नाओं से भरी हुई  

जिज्ञासाओ को छुती हुई 

पल की खबर नही 

ठूंठ की तरह खड़ी हुई

आज का पता नही

कल का ठिकाना नही

चल रही बेबाक सी 

किसी का खौफ नही

बनती बिगड़ती फिर सवंरती

कैसी खोखली ये ज़िन्दगी 

आगे दौड़ने की होड़ में रह गई पीछे 

ताश के पत्तों…

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Posted on April 15, 2013 at 12:00am — 15 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 5:04am on July 2, 2013, vijay nikore said…

Respected Aarti ji:

 

A hearty welcome to you.

So nice to see you at OBO again after a long break.

 

Regards,

Vijay Nikore

At 8:22pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 8:03pm on February 13, 2013, Sanjay Mishra 'Habib' said…

धन्यवाद एवं स्वागतम आदरणीया आरती जी...

At 10:47pm on February 3, 2013, vijay nikore said…

आरती जी,

यही तो खूबी है इस मंच की कि हम सभी एक दूसरे से सीखते हैं, अत: हमें भी आपसे बहुत कुछ सीखना है।

सदभाव के साथ,

विजय

At 10:09pm on February 3, 2013, vijay nikore said…

आदरणीया आरती जी:

हरि ॐ ।

यह दिन आपके लिए शुभ दिन हो। मुझको मित्र कहने के लिए आपका धन्यवाद।

ओ बी ओ पर आपका स्वागत है। ऐसे ही साहित्य में रूचि लिए हुए मिलनसार सदस्यों

से यह समूह और अच्छा बन रहा है।

सादर,

विजय निकोर

At 8:58pm on February 3, 2013, Albela Khatri said…

:-)

At 8:47pm on February 3, 2013, Albela Khatri said…

swagat hai

At 7:28pm on February 2, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आपका स्वागत है आदरणीया आरती जी ...धन्यवाद आपका

At 6:04pm on February 2, 2013, अरुन शर्मा 'अनन्त' said…

धन्यवाद आरती जी

At 9:46am on February 2, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

आपका स्वागत है आरती जी 

 
 
 

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