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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,207)

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"ओबीओ की आठवीं वर्षगाँठ पर सभी साहित्य प्रेमियों, रचनाकरों को हार्दिक बधाई और शुभकामन…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Apr 2 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

2746 yesterday
Reply by rajesh kumari

"शीर्षक बहुत पसंद आया | टी वी देखते देखते अक्सर बहस छिड़ जाती है | कश्मीर से पाकिस्तान…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"सांसारिक जीवन से सन्यास लेकर संयमित जीवन में प्रवेश का बेटी का निर्णय मात-पिटा के जी…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"सपने टूटने का गुस्सा आँखों में लाल डोरे बना रहां था | - - बहुत सुन्दर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"एक अलग ही अंदाज में लघुकथा सृजित है है | जिन्होंने अपराध किये वे न्याय का पुल पार कर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"अच्छी लघुकथा है आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब |"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"लघुकथा का समापन बहुत सुंदर और सार्थक लगा | हार्दिक बधाई "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35

526 Mar 1
Reply by Mohammed Arif

"इस सम्मान के लिए दिली मुबारकबाद श्री समर कबीर साहब | ऐसे ही दिन प्रतिदिन तरक्की करते…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jan 5 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

2746 yesterday
Reply by rajesh kumari

"पुनर्स्थापना भीषण दुर्घटना में पाँव कटने, एक अंगूठा कटने और कालर बॉन टूट जाने के बा…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Dec 29, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)

405 Dec 30, 2017
Reply by Manan Kumar singh

"लघुकथा सराहने के लिए धन्यवाद आपका श्री विनय कुमार जी | सादर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आ. राजेश दी, सादर अभिवादन । सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
16 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेकिन कज़ा के बाद से मक़तल उदास है
"आदर्णीय बहुत खूबसूरत.ग़ज़ल आपने कही है । हार्दिक बधाई।"
21 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- इक फ़रिश्ता है मेहरबाँ मुझ पर / दिनेश कुमार / ( इस्लाह हेतु )
"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है। हार्दिक बधाई"
24 minutes ago
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post बोलती निगाहें (लघुकथा)
"आदरणीय उस्मानी जी, नमस्कार।  आज के समय से सामंजस्य बिठाती अच्छी लघु कथा।  बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"नीलेश भाई बहुत बहुत आभार अपकल"
5 hours ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आरिफ़ भाई  उत्साह वर्धन हेतु आभार आपका"
5 hours ago
ram shiromani pathak posted a blog post

ग़ज़ल 212×4

ख्वाब थे जो वही हूबहू हो गए।जुस्तजू जिसकी थी रूबरू हो गए।।इश्क करने की उनको मिली है सज़ा।देखो बदनाम…See More
5 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"वाह बेहद खूबसूरत प्रस्तुति … हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
7 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दोस्तों वक़्त के रहबर का तमाशा देखो)
"जनाब रामअवध साहिब, ग़ज़ल मेंआपकी शिर्कत  और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |"
8 hours ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"ग़ज़ल।। मुंतजिर हूँ मैं इक जमाने से।मिलने आ जा किसी बहाने से।। आ जा मिलने भी ठीक लग रहा है मुझे उनकी…"
10 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दोस्तों वक़्त के रहबर का तमाशा देखो)
"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है। सभी शेर बोलते हुये हैं। आदर्णीय बधाई"
21 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"आदरणीय सत्ताधीशों द्वारा ठगी गई भोलीभाली जनता का दुख दर्द बयान करती हुई सार्थक ग़ज़ल कहने के लिये…"
21 hours ago

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