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babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"        'ढाक के तीन पात'     महिला कल्याणकारी योजनाओं से हुये सामाजिक उत्थान व महिलाओं की स्थिति में आशाजनक सुधार होने पर लाभान्वित समूह की प्रधान और महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा…"
Nov 29
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आधुनिकता का जामा पहने व्यक्ति के  मानवीय मूल्य, संवेदनाएं समाप्त हो गई है, बेहतरीन रचना के माध्यम से वर्तमान मनस्थिति बयां करती रचना।बधाई आदरणीय आरिफ सरजी।"
Nov 29
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"        'ढाक के तीन पात'     महिला कल्याणकारी योजनाओं से हुये सामाजिक उत्थान व महिलाओं की स्थिति में आशाजनक सुधार होने पर लाभान्वित समूह की प्रधान और महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा…"
Nov 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on babitagupta's blog post उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)
"आ. बबीता जी, सुंदर कविता हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Nov 26
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
"आ. बबीता जी, आज के हालात पर अच्छी कविता कही है । हार्दिक बधाई ।"
Nov 26
Shyam Narain Verma commented on babitagupta's blog post उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)
"आदरणीय बबिता गुप्ता जी इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई| सादर"
Nov 23
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी। बेहतरीन कविता।"
Nov 23
Sheikh Shahzad Usmani commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
"बेहतरीन कटाक्षपूर्ण चित्रण। पुनर्विचारोत्तेजक। हार्दिक बधाई आदरणीया बबीता गुप्ता साहिबा।"
Nov 22
Sheikh Shahzad Usmani commented on babitagupta's blog post उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)
"आदाब। बेहतरीन चित्रण। कटाक्षपूर्ण व विचारोत्तेजक। हार्दिक बधाई आदरणीयाबबीता गुप्ता  साहिबा।"
Nov 22
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)
"मुहतरमा बबीता जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई ।"
Nov 22
babitagupta posted a blog post

उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)

चुनावी महाकुंभ के नगाडे की टंकार मेंचौतरफा राजनीति का हुआ महौल गरमागरमईद के चांद हुए नेता जो , चिराग लेकर ढूंढने पर थे नदारदयोजनाओं की बरसात होने लगीधूल उडती गड्ढे वाली सडकों परचुनावी सीमेंट चढ गयाउजाड बंजर खेती परहरियाल करने का मरहम लगातेकंबल, साडी, दारू, मुर्गा काबंदरबांट का फार्मूला चलातेनित नए तरीकों से वोटरों को रिझाते चरणवंदन कर, घडियाली ऑंसू बहातेखोखले वायदों की दहाड, ना खायेंगे, ना खाने देगेदिए प्रलोभन, दिखाई चतुराई भरी कुटिलतादूध का दूध, पानी का पानी करने कीक्षमता आम आदमी की विस्मृत हो…See More
Nov 22
Neelam Upadhyaya commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
" आज की वास्तविकता को उजागर करती अच्छी कविता की रचना हुई है।  हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीया बबिता गुप्ता जी। "
Nov 22
babitagupta commented on TEJ VEER SINGH's blog post सन्नाटा  -  लघुकथा  -
"बेहतरीन रचना के माध्यम से कटाक्ष करती , कि हम भावी पीढी को किस तरह का संस्कार दे रहे है।हार्दिक बधाई, आदरणीय तेजवीर सरजी।"
Nov 21
babitagupta commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
"नमस्कार! , आदरणीय तेजवीर सरजी, समर सरजी, राजेश सरजी, रचना पर टिप्पणी करने व पसंद करने के लिए सधन्यबाद।"
Nov 21

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
"आज के हालात पर अच्छी कविता की है आद० बबीता जी बहुत बहुत बधाई "
Nov 21
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)
"मुहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब,बहुत अच्छी कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । कुछ टंकण त्रुटियाँ हैं,देख लें । ' टूटे घने जंगलों में बसा वीराना सा गांव' इस पंक्ति में 'वीराना' को "वीरान" कर लें…"
Nov 20

Profile Information

Gender
Female
City State
chhattisgarh
Native Place
Bilaspur
Profession
Retired teacher
About me
Simplicity

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At 7:30am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

Babitagupta's Blog

उम्मीद की रोशनी (अतुकांत कविता)

चुनावी महाकुंभ के नगाडे की टंकार में

चौतरफा राजनीति का हुआ महौल गरमागरम

ईद के चांद हुए नेता जो ,

चिराग लेकर ढूंढने पर थे नदारद

योजनाओं की बरसात होने लगी

धूल उडती गड्ढे वाली सडकों पर

चुनावी सीमेंट चढ गया

उजाड बंजर खेती पर

हरियाल करने का मरहम लगाते

कंबल, साडी, दारू, मुर्गा का

बंदरबांट का फार्मूला चलाते

नित नए तरीकों से वोटरों को रिझाते

चरणवंदन कर, घडियाली ऑंसू बहाते

खोखले वायदों की दहाड,

ना खायेंगे, ना खाने देगे

दिए प्रलोभन, दिखाई…

Continue

Posted on November 22, 2018 at 3:19pm — 5 Comments

बदहाल जनता (तुकांत अतुकांत कविता)

प्रजातांत्रिक देश स्वतंत्र व्यक्ति

अभिव्यक्ति की आजादी

विकास यात्रा सत्तर साल की

सरकारी नक्शे पर दर्ज इलाका

हालात जस के तस

टूटे घने जंगलों में बसा वीराना सा गांव

टूटी फूटी नदी, दम तोडती पुलिया

जर्जर धूल उडाती सडकें

विकराल संकटों से जूझ रहा

जीवन से लडता

रोजीरोटी की जद्दोजहद

मैले कुचैले अर्धवदन ढके

बदहाली मे आपस में दुख बांटते

अपने गांव की पीडा समझाते

चेहरे पर पीडा झलक आती

नेताओं के झूठे वादे घडियाली ऑसू

बिना लहर के हिलोरें…

Continue

Posted on November 19, 2018 at 7:52pm — 7 Comments

दोस्ती [तुकांत - अतुकांत कविता]

बचपन की यादों का अटूट बंधन 

बिना लेनदेन के चलने वाला 

खूबसूरत रिश्तों का अद्वितीय बंधन 

एक ढर्रे पर चलने वाली जिंदगी में 

नई-नई सोच से रूबरू करवाया 

अर्थहीन जीवन को अर्थ पूर्ण बनाया 

जीने का एक…

Continue

Posted on August 27, 2018 at 8:00pm — 4 Comments

रिश्तों की डोर [लघुकथा]

दरवाजे की घंटी सुन,  दरवाजा मेड शीला ने  खोला तो अपरिचित समझ मुझे आवाज लगाने पर मैं देखने गई तो सामने सलिल भैया और शालिनी भाभी को  देख हतप्रद रह गई.मुझे इस तरह देख,भैया कहने लगे- 'भूल गई क्या ?मैं तुम्हारा भाई .......

मैं अपने को संभालते हुए ,उन्हें  इशारे से अंदर आने को कह,कहने लगी- 'अरे नहीं भैया,आपको अचानक इतने सालो बाद देखा ....बस और कुछ नहीं।'

भाभी मेरी मनोस्थिति  समझ भैया को डाटने वाले लहजे में कहा - 'अब ,उसे झिलाना छोडो'।और मुझे रसोई में ले जाकर खाना बनाने में हाथ बटाँने…

Continue

Posted on August 26, 2018 at 9:42pm — 8 Comments

 
 
 

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