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सुचिसंदीप अग्रवालl
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Profile Information

Gender
Female
City State
Tinsukia (Assam)
Native Place
Tinsukia
Profession
House wife
About me
नाम - सुचिता अग्रवाल, "सुचिसंदीप" जन्म स्थान - 26.11.1969 सुजानगढ़,राजस्थान सम्प्रति- 'अनुराग हाउस', चालिहा नगर, सेक्टर 3, बाई लेन 3, अथवा 'अनुराग' जी एन बी रोड पो.ओ. तिनसुकिया (असम) 786125 लेखन विधा- कविता, गीत प्रकाशित कृति- "दर्पण"(काव्य संग्रह) सदस्य- नारायणी साहित्य अकादमी तिनसुकिया के सचिव पद पर कार्यरत। email: suchisandeep2010@gmail.com

सुचिसंदीप अग्रवालl's Blog

हास्य कुंडलिया

(1)

सारे घर के लोग हम, निकले घर से आज

टाटा गाड़ी साथ ले, निपटा कर सब काज।

निपटा कर सब काज, मौज मस्ती थी छाई

तभी हुआ व्यवधान, एक ट्रक थी टकराई।

ट्रक पे लिखा पढ़ हाय, दिखे दिन में ही तारे

'मिलेंगे कल फिर बाय', हो गए घायल सारे।।

(2)

खोया खोया चाँद था, सुखद मिलन की रात

शीतल मन्द बयार थी, रिमझिम सी बरसात।

रिमझिम सी बरसात, प्रेम की अगन लगाये

जोड़ा बैठा साथ, बात की आस लगाये।

गूंगा वर सकुचाय, गोद में उसकी सोया

बहरी दुल्हन पाय, चैन जीवन का…

Continue

Posted on January 17, 2019 at 4:23pm — 9 Comments

इज्जत

*इज्जत*

(ताटंक छन्द)

इज्जत देना जब सीखोगे, इज्जत खुद भी पाओगे,

नेक राह पर चलकर देखो, कितना सबको भाओगे।

शब्द बाँधते हर रिश्ते को, शब्द तोड़ते नातों को।

मधुर भाव जो मन में पनपे, बहरा समझे बातों को।

तनय सुता वनिता माता सब,भूखे प्रेम के होते हैं,

कड़वाहट से व्यथित होय ये, आँसू पीकर सोते हैं।

इज्जत की रोटी जो खाते, सीना ताने जीते हैं,

नींद चैन की उनको आती, अमृत सम जल पीते हैं।

नारी का गहना है इज्जत, भावों…

Continue

Posted on January 10, 2019 at 4:48pm — 3 Comments

गजल

2122 2122 2122 212

प्यार का तुमने दिया मुझको सिला कुछ भी नहीं,

मिट गये हम तुझको लेकिन इत्तिला कुछ भी नहीं।

कोख में ही मारकर मासूम को बेफ़िक्र हैं,

फिर भी अपने ज़ुर्म का जिनको गिला कुछ भी नहीं।



राह जो खुद हैं बनाते मंजिलों की चाह में ,

मायने उनके लिए फिर काफिला कुछ भी नहीं।

हौंसले रख जो जिये पाये सभी कुछ वे यहाँ,

बुज़दिलों को मात से ज्यादा मिला कुछ भी नहीं।

ज़िंदगी चाहें तो बेहतर हम बना सकते यहाँ,

ज़ीस्त में…

Continue

Posted on January 7, 2019 at 8:02pm — 13 Comments

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At 5:34pm on November 22, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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