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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Friends

  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"
 

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Page

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बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीया अंजलि गुप्ता जी आपका आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी बहुत बहुत आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय रवि शुक्ला जी आपका अतीव आभार। "
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय अनिल कुमार जी आपका आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीया राजेश कुमारी जी आपका बहुत बहुत आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय दयाराम मेठानी जी इस खूबसूरत ग़ज़ल की बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी आपका बहुत बहुत आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी आपका तहे दिल से शुक्रिया।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय दयाराम मेथानी जी आपका हृदयतल से आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीया डींपल शर्मा जी आपका बहुत बहुत आभार।"
Jul 25
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"जनाब समर कबीर जी आपका हृदयतल से आभार।"
Jul 24
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय रवि भसीन जी आपकी होसला आफजाई करती इस प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार।"
Jul 24
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"ग़ज़ल (जब तलक उनकी करामात) बह्र:- 2122 1122 1122 22 जब तलक उनकी करामात नहीं होती है,आफ़तों की यहाँ बरसात नहीं होती है। जिनकी बंदूकें चलें दूसरों के कंधों से,उनकी खुद लड़ने की औक़ात नहीं होती है। आड़ ले दोस्ती की भोंकते खंजर उनकी,दोस्ती करने की ही जा़त…"
Jul 24
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-111 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत ही सुंदर प्रदत्त चित्र के अनुरूप प्रस्तुति। थर्राती हैं सभी दिशाएँ, बढ़ते जब वीरों के पुंग । शूल फूल बन बिछ जाते हैं, घबराते बर्फीले तुंग । बधाई।"
Jul 18
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-111 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण जी आल्हा छंद में बहुत ही सुंदर सामयिक संकट पर केंद्रित रचना। बहुत बहुत बधाई।"
Jul 18
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-111 in the group चित्र से काव्य तक
""भारत के जवान" संभाला है झट से मोर्चा, हुआ शत्रु का ज्योंही भान।उछल उछल के कूद पड़े हैं, भरी हुई बन्दूकें तान।नस नस इनकी फड़क उठी है, करने रिपु का शोणित पान।झपट पड़े हैं क्रुद्ध सिंह से, भारत के ये वीर जवान।। रिपु मर्दन का भाव भरा है, इनकी…"
Jul 18

Profile Information

Gender
Male
City State
Tinsukia
Native Place
Tinsukia
Profession
कवि
About me
परिचय -बासुदेव अग्रवाल 'नमन' नाम- बासुदेव अग्रवाल; शिक्षा - B. Com. जन्म दिन - 28 अगस्त, 1952; स्थान - सुजानगढ़ (राजस्थान) रुचि - हर विधा में कविता लिखना। मुक्त छंद, पारम्परिक छंद, हाइकु, मुक्तक इत्यादि। गीत ग़ज़ल में भी रुचि है। परिचय - वर्तमान में मैँ असम प्रदेश के तिनसुकिया नगर में हूँ। मैं नारायणी साहित्य अकादमी से जुड़ा हुवा हूँ। हमारी नियमित रूप से मासिक कवि गोष्ठी होती है जिनमें मैं नियमित रूप से भाग लेता हूँ। नारायणी के माध्यम से मैं देश के प्रतिष्ठित साहित्यिकारों से जुड़ा हुवा हूँ। whatsup के कई ग्रुप से जुड़ा हुवा हूँ जिससे साहित्यिक कृतियों एवम् विचारों का आदान प्रदान गणमान्य साहित्यकारों से होता रहता है। Blog - narayanitsk.blogspot.com बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Blog

ग़ज़ल (तीर नज़रों का उनका चलाना हुआ)

212*

तीर नज़रों का उनका चलाना हुआ,

और दिल का इधर छटपटाना हुआ।

हाल नादान दिल का न पूछे कोई,

वो तो खोया पड़ा आशिक़ाना हुआ।

ये शब-ओ-रोज़, आब-ओ-हवा आसमाँ,

शय अज़ब इश्क़ है सब सुहाना हुआ।

अब नहीं बाक़ी उसमें किसी की जगह,

जिनकी यादों का दिल आशियाना हुआ।

क्या यही इश्क़ है, रूठा दिलवर उधर,

और दुश्मन इधर ये जमाना हुआ।

जो परिंदा महब्बत का दिल में बसा,

बाग़ उजड़ा तो वो बेठिकाना…

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Posted on September 30, 2019 at 5:49pm — 4 Comments

असबंधा छंद "हिंदी गौरव

असबंधा छंद "हिंदी गौरव

भाषा हिंदी गौरव बड़पन की दाता।

देवी-भाषा संस्कृत मृदु इसकी माता।।

हिंदी प्यारी पावन शतदल वृन्दा सी।

साजे हिंदी विश्व पटल पर चन्दा सी।।

हिंदी भावों की मधुरिम परिभाषा है।

ये जाये आगे बस यह अभिलाषा है।।

त्यागें अंग्रेजी यह समझ बिमारी है।

ओजस्वी भाषा खुद जब कि हमारी है।।

गोसाँई ने रामचरित इस में राची।

मीरा बाँधे घूँघर पग इस में नाची।।

सूरा ने गाये सब पद इस में प्यारे।

ऐसी थाती पा कर हम सब से…

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Posted on September 14, 2019 at 9:10am — 3 Comments

ग़ज़ल (देते हमें जो ज्ञान का भंडार)

गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर:-

बह्र:- 2212*4

देते हमें जो ज्ञान का भंडार वे गुरु हैं सभी,

दुविधाओं का सर से हरें जो भार वे गुरु हैं सभी।

हम आ के भवसागर में हैं असहाय बिन पतवार के,

जो मन की आँखें खोल कर दें पार वे गुरु हैं सभी।

ये सृष्टि क्या है, जन्म क्या है, प्रश्न सारे मौन हैं,

जो इन रहस्यों से करें निस्तार वे गुरु हैं सभी।

छंदों का सौष्ठव, काव्य के रस का न मन में भान…

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Posted on July 16, 2019 at 3:30pm — 2 Comments

बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (ग़ज़ल)

ग़ज़ल (वो जब भी मिली)

बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (12112*2)

वो जब भी मिली, महकती मिली,

गुलाब सी वो, खिली सी मिली।

हो गगरी कोई, शराब की ज्यों,

वो वैसी मुझे, छलकती मिली।

दिखाई पड़ीं, वे जब भी मुझे,

उन_आँखों में बस, खुमारी मिली।

लगाने की दिल, ये कैसी सज़ा,

वफ़ा की जगह, जफ़ा ही मिली।

कभी वो मुझे,बताए ज़रा,

जो मुझ में उसे, ख़राबी मिली।

गिला भी किया, ज़रा भी अगर,

पुरानी…

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Posted on July 14, 2019 at 3:30pm — 5 Comments

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At 11:03pm on June 27, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय हौसला बढ़ने का
At 7:13pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
श्री बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:42pm on August 21, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

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