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रामबली गुप्ता
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रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"सादर आभार आदरणीय डॉ छोटेलाल जी"
May 12
डॉ छोटेलाल सिंह commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली जी आपकी प्रतिभा से मैं भलीभाँति अवगत हूँ, आपकी यह रचना बहुत ही धारदार है मार्मिक है, दिल से बधाई कुबूल कीजिये"
May 3
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"सादर धन्यवाद आदरणीय लक्ष्मण भाई साहब"
Apr 30
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"आ. भाई रामबली जी, सादर अभिवादन । एक अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई ।"
Apr 29
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"सहृदय धन्यवाद सुरेन्द्रनाथ जी"
Apr 29
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on रामबली गुप्ता's blog post दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली जी सादर अभिवादन। सृंगार रस से सराबोर बेहद उम्दा सृजन। बधाई स्वीकार कीजिये"
Apr 29
रामबली गुप्ता posted a blog post

दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता

गीतदेखा जब से उनको हिय में हुई अजब सी हलचल।दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल।।उनके अरुण अधर ज्यों फूलों की हों कोमल कलियाँ।जिनसे फूटें स्वर मधुरिम तो गूँजें मन की गलियाँ।।केशों के झुरमुट में उनका मुखमंडल यों भाये।घन के मध्य झरोखे में ज्यों इंदु मंद मुसकाये।।दृग पराग के प्याले हों ज्यों करते हर पल छल-छल।दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल।।खिलता यौवन-पुष्प सुरभि यों चहुँ दिश बिखराता है।दूर दिशाओं से अलि का दल खिंचा चला आता है।।पुरवाई यदि आँचल उनका तन से तनिक उड़ाए।जनम-जनम का पागल मन…See More
Apr 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रामबली गुप्ता's blog post गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता
"आ. भाई रामबली जी, सादर अभिवादन।सुंदर छंद हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Apr 30, 2019
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय समर भाई साहब"
Apr 29, 2019
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता
"सादर आभार भाई सुरेन्द्रनाथ जी"
Apr 29, 2019
Samar kabeer commented on रामबली गुप्ता's blog post गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता
"जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,बहुत अच्छा छन्द लिखा आपने,मेरी तरफ़ से बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 29, 2019
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on रामबली गुप्ता's blog post गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली जी सादर अभिवादन। वाह क्या बेहतरीन छंद लिखा है बन्धु, बहुत बढ़िया। विषय भी दिल को छूता हुआ। बधाई स्वीकार कीजिये"
Apr 25, 2019
रामबली गुप्ता posted a blog post

गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता

महाभुजंगप्रयात सवैयाकड़ी धूप या ठंड हो जानलेवा न थोड़ी दया ये किसी पे दिखाती।कि लेती कभी सब्र का इम्तिहां और भूखा कभी रात को ये सुलाती।।जरूरी यहाँ धर्म-कानून से पूर्व दो वक्त की रोटियाँ हैं बताती।गरीबी न दे ऐ खुदा! जिंदगी में कि इंसान से ये न क्या क्या कराती?शिल्प-लघु गुरु गुरु(यगण)×8रचनाकार- रामबली गुप्तामौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Apr 24, 2019
सतविन्द्र कुमार राणा commented on रामबली गुप्ता's blog post वागीश्वरी सवैया-रामबली गुप्ता
"बहुत सुंदर छन्द आदरणीय रामबली भाई जी,  विधान यगण ×7 +लगा प्रतीत हो रहाhai. सादर"
Apr 21, 2019
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post वागीश्वरी सवैया-रामबली गुप्ता
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय भाई बृजेश कुमार जी"
Apr 19, 2019
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post वागीश्वरी सवैया-रामबली गुप्ता
"सराहना एवं प्रोत्साहन के लिए सादर आभार भाई आद सुशील सरना जी"
Apr 19, 2019

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दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल-रामबली गुप्ता

गीत

देखा जब से उनको हिय में हुई अजब सी हलचल।

दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल।।

उनके अरुण अधर ज्यों फूलों की हों कोमल कलियाँ।

जिनसे फूटें स्वर मधुरिम तो गूँजें मन की गलियाँ।।

केशों के झुरमुट में उनका मुखमंडल यों भाये।

घन के मध्य झरोखे में ज्यों इंदु मंद मुसकाये।।

दृग पराग के प्याले हों ज्यों करते हर पल छल-छल।

दिन को चैन और रातों को नींद नहीं है इक पल।।

खिलता यौवन-पुष्प सुरभि यों चहुँ दिश बिखराता…

Continue

Posted on April 26, 2020 at 11:03pm — 6 Comments

गरीबी न दे ऐ खुदा जिंदगी में-रामबली गुप्ता

महाभुजंगप्रयात सवैया

कड़ी धूप या ठंड हो जानलेवा न थोड़ी दया ये किसी पे दिखाती।
कि लेती कभी सब्र का इम्तिहां और भूखा कभी रात को ये सुलाती।।
जरूरी यहाँ धर्म-कानून से पूर्व दो वक्त की रोटियाँ हैं बताती।
गरीबी न दे ऐ खुदा! जिंदगी में कि इंसान से ये न क्या क्या कराती?

शिल्प-लघु गुरु गुरु(यगण)×8

रचनाकार- रामबली गुप्ता

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on April 23, 2019 at 5:23pm — 5 Comments

वागीश्वरी सवैया-रामबली गुप्ता

सूत्र-सात यगण +गा; 122×7+2

पड़ी जान है मुश्किलों में करूँ क्या कि नैना मिले और ये हो गया।
गई नींद भी औ' लुटा चैन मेरा न जाने जिया ये कहां खो गया।।
जिया के बिना भी जिया जाय कैसे अरे! कौन काँटें यहां बो गया।
हुआ बावरा या नशा प्यार का है संभालो मुझे हाय! मैं तो गया।।

रचनाकार-रामबली गुप्ता

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on April 17, 2019 at 10:29am — 9 Comments

महाभुजंगप्रयात सवैया-रामबली गुप्ता

सूत्र-आठ यगण प्रति पद; 122x8

चुनो मार्ग सच्चा करो कर्म अच्छे जहां में तुम्हारा सदा नाम होगा।

करो यत्न श्रद्धा व निष्ठा भरे तो न पूरा भला कौन सा काम होगा।।

न निर्बाध है लक्ष्य की साधना जूझना मुश्किलों से सरे-आम होगा।

इन्हें जीतना पीढ़ियों के लिए भी तुम्हारा नया एक पैगाम होगा।।1।।

करे सामना धैर्य से मुश्किलों का न कर्तव्य से पैर पीछे हटाए।

नहीं हार से हार माने जहां में कभी कोशिशों से न जो जी चुराए।।

अँधेरा घना या निशा हो घनेरी…

Continue

Posted on April 13, 2019 at 7:32am — 4 Comments

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At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 3:10pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय रामबली गुप्ता जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपका गीत-हृदय का भ्रमर गुनगुनाता चला है को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

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शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:47am on May 14, 2016, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ०  रामबली जी

आप जैसा सुन्दर कवि -मित्र पाकर आप्यायित हूँ . आपको सदैव शुभ .  

At 10:17pm on February 25, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

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