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सतविन्द्र कुमार राणा
  • Male
  • karnal,haryana
  • India
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Latest Activity

सतविन्द्र कुमार राणा commented on Mahendra Kumar's blog post जलियांवाला बाग़ (लघुकथा)
"उत्तम कथा, हार्दिक बधाई"
Aug 6
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीय ब्रज भाई जी उतस्सहवर्धक एवं समीक्षात्मक टिपण्णी के लिए सादर हार्दिक आभार नमन"
Aug 6
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीय समर कबीर जी, सादर नमन! उत्साहवर्धन के लिए तहे दिल शुक्रिया। "
Aug 6
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीय तेजवीर जी उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार नमन"
Aug 6
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी सादर आभार सह नमन!"
Aug 6
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"उत्साहवर्धन के लिए सादर हार्दिक आभार आ बबिता गुप्ता जी, नमन सादर"
Aug 6
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीय सतविंद्र जी बड़ी खूबसूरती से अपने बहुत ही सटीक विषय को उठाया है लघुकथा में..माता पिता को ये समझना होगा कि एक परीक्षा की असफलता का मतलब योग्य या अयोग्य होने से नहीं है.."
Jul 29
Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"जनाब सतविन्द्र कुमार जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 24
TEJ VEER SINGH commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय सतविंदर जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Jul 23
Neelam Upadhyaya commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
" आदरणीय सतविंद्र  कुमार राणा जी, अच्छी लघुकथा की प्रस्तुति। बधाई स्वीकार करें । "
Jul 23
babitagupta commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आशाओं पर पानी फिरते देख और वो भी धोखे में रखकर,बहुत ही मार्मिक कहानी,बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।"
Jul 23
सतविन्द्र कुमार राणा posted a blog post

डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)

डायरी का अंतिम पृष्ठएक अरसे बाद, आज मेरे आवरण ने किसी के हाथों की छुअन महसूस की, जो मेरे लिए अजनबी थे। कुछ सख्त और उम्रदराज़ हाथ। मेरे पृष्ठों को उनके द्वारा पलटा जा रहा था। दो आँखें गौर से हर शब्द के बोल सुन रही थीं। मेरे अंतिम लिखित पृष्ठ पर आते ही ये ठिठक गईं। पृष्ठ पर लिखे शब्दों में से आकाश का चेहरा उभर आया। सहमा-सा चेहरा। उसने भारी आवाज़ में बोलना शुरू किया, "एक रिटायर्ड फ़ौजी, मेरे पापा। चेहरे पर हमेशा रौब, मगर दिल के नरम। आज उनकी बहुत याद आ रही है। जानता हूँ, स्वभाव से कड़क हैं वे। पर फिर…See More
Jul 23
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"कुण्डलिया कल-कल कल-कल बह रहा, हाथों में से नीर कुछ जाता है व्यर्थ कुछ, हरे कंठ की पीर हरे कंठ की पीर, बुझाता चले पिपासा तन होता है तृप्त, हृदय शीतलता पाता सतविंदर लो जान, समाया इसमें है बल रूप धरे विकराल, कभी गाता यह कल-कल। मौलिक एवं अप्रकाशित"
Jul 21
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93
"वाह वाह, बहुत सुंदर गीत सृजन हुआ है, आदरणीया प्रतिभा दीदी। हार्दिक बधाई।"
Jul 14
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93
"उत्तम सर्जना हुई है आदरणीया, हार्दिक बधाई स्वीकारें"
Jul 14
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93
"बेहतरीन ग़ज़ल ! सादर हार्दिक बधाई"
Jul 14

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार राणा's Blog

डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)

डायरी का अंतिम पृष्ठ

एक अरसे बाद, आज मेरे आवरण ने किसी के हाथों की छुअन महसूस की, जो मेरे लिए अजनबी थे। कुछ सख्त और उम्रदराज़ हाथ। मेरे पृष्ठों को उनके द्वारा पलटा जा रहा था। दो आँखें गौर से हर शब्द के बोल सुन रही थीं। मेरे अंतिम लिखित पृष्ठ पर आते ही ये ठिठक गईं। पृष्ठ पर लिखे शब्दों में से आकाश का चेहरा उभर आया। सहमा-सा चेहरा। उसने भारी आवाज़ में बोलना शुरू किया, "एक रिटायर्ड फ़ौजी, मेरे पापा। चेहरे पर हमेशा रौब, मगर दिल के नरम। आज उनकी बहुत याद आ रही है। जानता…

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Posted on July 22, 2018 at 9:51pm — 10 Comments

ग़ज़ल

2122 1212 22/112/211
कुछ नहीं सूझता कई दिन से
जाने क्या हो रहा कई दिन से?

ये अलग है जुबाँ निगाहें अलग
है नहीं राबता कई दिन से।

हो लबों पे हँसी भले कितनी
मन रहा डगमगा कई दिन से।

जल रहा दिल कोई सही में कहीं
गर्म लगती हवा कई दिन से।

खुद पे खुद का नहीं रहा काबू
यूँ चढ़ा है नशा, कई दिन से।

मौलिक अप्रकाशित

Posted on June 11, 2018 at 11:29pm — 13 Comments

नाम बड़ा है उस घर का- गजल

222222 2

नाम बड़ा है उस घर का
जित असर नज़र के डर का

प्यास बुझाना प्यासे की
कब है काम समंदर का

बिना बात बजते बर्तन
दृश्य यही अब घर-घर का

बोल कहे और जय चाहे
क्या है काम सुख़नवर का?

महल दुमहले जिसके हैं
वही भिखारी दर-दर का।

'राणा' सच कहते रहना
रंग न छूूटे तेवर का।

मौलिक/अप्रकाशित

Posted on April 23, 2018 at 6:30am — 12 Comments

जमीं में ही माँ जिसको देती दिखाई-गजल

122 122 122 122

वफ़ा की क्यों उम्मीद मैनें लगाई
लिखी मेरी किस्मत में थी बेवफाई

जमीं पर मिटे वो जो चाहे जमीं को
जमीं में ही माँ जिसको देती दिखाई

दिखाई नहीं वार देता जुबाँ का
सलीके से उसने अदावत निभाई

अटकता नहीं है कोई काम उसका
रही मन में जिसके सभी की भलाई

जो हारे वही जीत जाता हो जिसमें
बता कौन-सी ऐसी होती लड़ाई

मौलिक अप्रकाशित

Posted on March 22, 2018 at 6:52pm — 6 Comments

Comment Wall (8 comments)

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At 6:46am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

"आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा  साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर "

At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार राणा said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

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