For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सतविन्द्र कुमार राणा
  • Male
  • karnal,haryana
  • India
Share

सतविन्द्र कुमार राणा's Friends

  • पंखराज
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • महिमा  वर्मा
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • रामबली गुप्ता
  • रतन राठौड़
  • sameer ranjan
  • Pawan Jain
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • TEJ VEER SINGH
  • Seema Singh
  • जयनित कुमार मेहता
 

सतविन्द्र कुमार राणा's Page

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"इस लिंक पर जाकर जानकारी मिल सकती है। सादर।"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"आदरणीय समर कबीर जी, सादर नमन! अनुमोदन एवं उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"बालगीत रुकना ठीक नहीं है साथी! सुख मिलता चाहे कष्ट मिले बढ़ते रहना जीवन पथ पर बन सन्तोषी सब भूल गिले। जलधारा के पथ में कितनी देखो आती हैं बाधाएँ लेकिन उसकी हिम्मत आगे बोलो कब तक वे टिक पाएँ? चीर चले जलधारा सीना बाधा कोई यदि नहीं हिले। रुकना ठीक नहीं…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"उत्तम कहन लिए अच्छया कुण्डलिया प्रयास।  एक जिज्ञासा यहां है ,क्या रोला/कुण्डलिया का समापन 12 से हो सकता है?"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"उम्दा अशआर कहे हैं। हार्दिक बधाई स्वीकारें। /देर तक/ में कोई रुक्न कम है या मेरा भ्रम है? सादर निवेदन"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"बहुत बहुत बहुत सुंदर! हार्दिक बधाई दीदी"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"सुंदर गीत सर्जन! हार्दिक बधाई"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"आदरणीया राजेश दीदी, अनुपम गीत हुआ है। सादर हार्दिक बधाई। अंतिम बन्द में कुछ अटकाव महसूस हुआ। हो सकता है मैं ही लय में न पढ़ पाया हूँ।"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"आदरणीय गुमनाम पिथौरागढ़ी जी, दोहावली के प्रयास के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें। आ गुणीजनों के सुझाव अनुकरणीय हैं। सादर"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"उत्तमाभिव्यक्ति! सादर बधाई"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"उत्तम सृजन! हार्दिक बधाई आदरणीय नीलम जी।"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"बहुत सुंदर बहुत सुंदर। हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीय"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"aadarniy टी आर सुकुल जी हार्दिक बधाई स्वीकारें इस विषयानुरूप सुंदर कृति के लिए।"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"आ डॉ छोटेलाल जी, उम्दा कहन लिए हैं पंक्तियाँ। हार्दिक बधाई स्वीकारें। कुछ शब्दों पर ध्यान दिलाना चाहूँगा: धूप और छाँव दोनों ही स्त्रीलिंग शब्द हैं, इनके लिए फैलाया शब्द अनुचित लग रहा है। रौब पूल्लिंग शब्द है सो इसके लिए सर्वनाम शब्द अपना उचित लगा।…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"छाँव सलोनी हो भले, बढ़े धूप में दूब दोहे सुंदर ये कहे, विषय बोलते ख़ूब।"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार राणा's Blog

ग़ज़ल

2122 1212 22/112/211
कुछ नहीं सूझता कई दिन से
जाने क्या हो रहा कई दिन से?

ये अलग है जुबाँ निगाहें अलग
है नहीं राबता कई दिन से।

हो लबों पे हँसी भले कितनी
मन रहा डगमगा कई दिन से।

जल रहा दिल कोई सही में कहीं
गर्म लगती हवा कई दिन से।

खुद पे खुद का नहीं रहा काबू
यूँ चढ़ा है नशा, कई दिन से।

मौलिक अप्रकाशित

Posted on June 11, 2018 at 11:29pm — 13 Comments

नाम बड़ा है उस घर का- गजल

222222 2

नाम बड़ा है उस घर का
जित असर नज़र के डर का

प्यास बुझाना प्यासे की
कब है काम समंदर का

बिना बात बजते बर्तन
दृश्य यही अब घर-घर का

बोल कहे और जय चाहे
क्या है काम सुख़नवर का?

महल दुमहले जिसके हैं
वही भिखारी दर-दर का।

'राणा' सच कहते रहना
रंग न छूूटे तेवर का।

मौलिक/अप्रकाशित

Posted on April 23, 2018 at 6:30am — 12 Comments

जमीं में ही माँ जिसको देती दिखाई-गजल

122 122 122 122

वफ़ा की क्यों उम्मीद मैनें लगाई
लिखी मेरी किस्मत में थी बेवफाई

जमीं पर मिटे वो जो चाहे जमीं को
जमीं में ही माँ जिसको देती दिखाई

दिखाई नहीं वार देता जुबाँ का
सलीके से उसने अदावत निभाई

अटकता नहीं है कोई काम उसका
रही मन में जिसके सभी की भलाई

जो हारे वही जीत जाता हो जिसमें
बता कौन-सी ऐसी होती लड़ाई

मौलिक अप्रकाशित

Posted on March 22, 2018 at 6:52pm — 6 Comments

एक गीत/ सतविंद्र कुमार राणा

यह वर्ष नया मंगलमय हो

कोंपल फूटी है तरुवर पर

नव पल्लव का निर्माण हुआ

टेसू की लाली उभरी है

पुलकित हर तन, हर प्राण हुआ

हर मन से बाहर हर भय हो

यह वर्ष नया मंगलमय हो।

गेंहूँ बाली पूरी होकर

अब लहर लहर लहराती है

सरसों पर पीला रंग चढ़ा

भवरों को यह ललचाती है

भँवरों के गीतों-सी लय हो

यह वर्ष नया मंगलमय हो।

जाड़े को विदा किया हमने

गर्मी को दिया बुलावा है

हर चीज नई-सी लगती है

जब साल नया यह आया…

Continue

Posted on March 18, 2018 at 8:50am — 10 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार राणा said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mahendra Kumar commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"उम्दा लघुकथा है आदरणीय तेज़ वीर सिंह जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर। "
6 minutes ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

लट जाते हैं पेड़- एक गीत

राह किसी की कहाँ रोकते,हट जाते हैं पेड़इसकी, उसकी, सबकी खातिर,कट जाते हैं पेड़ तपन धूप की खुद सह…See More
1 hour ago
Neelam Upadhyaya posted blog posts
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
1 hour ago
babitagupta commented on babitagupta's blog post पिता वट वृक्ष की तरह होते हैं........[सामाजिक सरोकार]
"आदरणीया नीलम दी और आदरणीय लक्ष्मण सर जी,रचना पसंद करने के लिए आभार."
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीया  Neelam Upadhyaya जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीय  Tasdiq Ahmed Khan   जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीय  vijay nikore  जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post हवाओं से रूबरू (लघुकथा)
"आदरणीय  उस्मानी जी, नमस्कार ।  बहुत ही सटीक तंज किया है।  बढ़िया लघुकथा की प्रस्तुति…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"आदरणीय  तेजवीर सिंह जी, नमस्कार ।  बहुत ही सही कहा।   घोषणाएं तो होती ही हैं…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हो गई उनकी महरबानी है)
"आदरणीय  तस्दीक अहमद जी, नमस्कार।  बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है।  मुबारकबाद कुबूल…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(212)
"आदरणीय  राम शिरोमणि पाठक जी, नमस्कार।  बहुत ही उम्दा रचना की  प्रस्तुति के लिए बधाई…"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service