For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SudhenduOjha
Share

SudhenduOjha's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
 

SudhenduOjha's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post तुम जो होते तो हम भी संभल गए होते। ये हालात हैं, कुछ तो बदल गए होते॥
"जनाब सुधेन्दु ओझा साहिब आदाब,बह्र,शिल्प,व्याकरण की दृष्टि से ग़ज़ल अभी बहुत समय चाहती है,इस प्रयास पर बधाई आपको ।"
9 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on SudhenduOjha's blog post तुम जो होते तो हम भी संभल गए होते। ये हालात हैं, कुछ तो बदल गए होते॥
"अनुभवों और अपेक्षाओं को पिरोती बढ़िया रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय सुधेन्दु ओझा जी।"
yesterday
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"जनाब सुधेन्दु ओझा जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 11
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह बूँद-बूँद में व्यथा समेटे दहके कोई देह क़ा० अपने सरसी छंद से प्रारम्भ किया , पर आगे 16, 11 का निर्वाह बिखर गया . बहुत अच्छी भावपूर्ण कविता कटघरे में आ गयी . आगे ध्यान रखें . सादर ."
Jul 10
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह बूँद-बूँद में व्यथा समेटे दहके कोई देह क़ा० अपने सरसी छंद से प्रारम्भ किया , पर आगे 16, 11 का निर्वाह बिखर गया . बहुत अच्छी भावपूर्ण कविता कटघरे में आ गयी . आगे ध्यान रखें . सादर ."
Jul 10
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"जनाब सुधेन्दु ओझा साहिब आदाब,बहुत अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 8
Mohammed Arif commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"आदरणीय सुधेंदु ओझा जी आदाब,                        बहुत ही बेहतरीन सामयिक बारिश का गीत । पूरा मन तरबतर हो गया । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"आद0 सुधेन्दु ओझा जी सादर अभिवादन। बढिया गीत लिखा है आपने। पढ़कर अच्छा लगा। इस प्रस्तुति पर मेरी बधाई आपको।सादर"
Jul 8
Shyam Narain Verma commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"सुंदर गीत के लिए कोटिशः बधाई ..."
Jul 7
SudhenduOjha posted a blog post

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई देह हर आहट के धोखे नेमुझको तहस-नहस कर डालासूनी वेदी पर खड़ी रही मैंलिए हाथ में वर की मालाआएगा कि नहीं? हृदय मेंउठते सौ संदेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई देह प्यास प्रेम की वो पहचानेजो रोम-रोम से प्यासा होनट-नागर से कहीं अधिकजो, राधा सा दीवाना होरक्त-शिरा में जिसकेबहता निर्मल स्नेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई…See More
Jul 7
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"आदरणीय पढ़ने में रचना बड़ी सरस लगी...बाकी आदरणीय समर कबीर जी आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ने रोशनी डाली ही है...सादर"
Jul 5
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"जनाब सुधेन्दु ओझा जी,दुनिया में कोई ऐसा फ़न नहीं जो इंसान न सीख सके,ये बात अलग है कि हर काम में कुछ न कुछ दुश्वारियाँ ज़रूर आती हैं,इसी तरह ग़ज़ल का फ़न उन लोगों के लिए आसान है जो इसे सीखना चाहते हैं, और इसे सीखने के लिए आपको किसी उस्ताद की मुहताजी भी…"
Jul 4
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"आ. सुधेन्दू जी, रचना का प्रयास अच्छा है । आ. भाई समर जी की बात का संज्ञान लें । गजल में बह्र साधना न तो कठिन है और न हिन्दी गजल में बह्र को दरकिनार करना जरूरी है । यह अलग बात है कि बाजार युग में सब चल रहा है । जरा सा प्रयास करेंगे तो सहजता से साध…"
Jul 3
SudhenduOjha posted a blog post

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।कदम-कदम पे सलीबों की प्यास है प्यारे॥ख़यालो-ख्वाब, तसव्वुर भी जुर्म होते हैं।चले भी आओ हर नज़ारा उदास है प्यारे॥मुझे भी पढ़ के किताबों में दफ्न कर देना।वाकिफ हैं तुम्हारी आदत खास है प्यारे॥ये तेरा ही नाम लिक्खा है हर इशारों पर।तेरी नज़र के करम की तलाश है प्यारे॥मेरे कत्ल की साजिश न कर सका पूरी।के मुझे फिर वही दिखा पास है प्यारे॥मौलिक एवं अप्रकाशित........See More
Jul 2
Dr Ashutosh Mishra commented on SudhenduOjha's blog post क्या है कविता?
"सुंदर प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई सादर "
Jun 29

Profile Information

Gender
Male
City State
New Delhi
Native Place
Pratapgarh (UP)
Profession
Service

SudhenduOjha's Blog

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

 

चन्दन सा महका कर मन को

बरसे काले मेह

बूँद-बूँद में व्यथा समेटे

दहके कोई देह

 

हर आहट के धोखे ने

मुझको तहस-नहस कर डाला

सूनी वेदी पर खड़ी रही मैं

लिए हाथ में वर की माला

आएगा कि नहीं? हृदय में

उठते सौ संदेह

 

चन्दन सा महका कर मन को

बरसे काले मेह

बूँद-बूँद में व्यथा समेटे

दहके कोई देह

 

प्यास प्रेम की वो पहचाने

जो…

Continue

Posted on July 7, 2018 at 3:08pm

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

कदम-कदम पे सलीबों की प्यास है प्यारे॥

ख़यालो-ख्वाब, तसव्वुर भी जुर्म होते हैं।

चले भी आओ हर नज़ारा उदास है प्यारे॥

मुझे भी पढ़ के किताबों में दफ्न कर देना।

वाकिफ हैं तुम्हारी आदत खास है…

Continue

Posted on July 2, 2018 at 1:00pm

क्या है कविता?

क्या है कविता?

 

भाव-प्रवण शब्दों का

मोहक जाल

डम-डम, डिम-डिम

ध्वनियों का कमाल

प्रकृति में गुंजायमान,

अनहत नाद?

स्यात, प्रणय का…

Continue

Posted on June 25, 2018 at 5:14pm

कर नेकी दरिया में डाल

है धुआँ-धक्कड़ और बवाल

चेहरे-चेहरे लिक्खे सवाल

कर नेकी दरिया में डाल

 

बाबा खेल-खिलांवे भइय्या

नाचे भक्तिन ताल-तलईय्या

चोर सियार सब होशियार

मूड़ी काटे भए चमार

ये सूअर हैं, हरामखोर हैं

इनकी लें हम उतार खाल

(उपरोक्त पंक्तियाँ ढोंगी बाबाओं के संदर्भ में हैं)

 

है धुआँ-धक्कड़ और बवाल

चेहरे-चेहरे लिक्खे सवाल

कर नेकी दरिया में डाल

 

जात अहीर, अहीरन के साथे

देश-मुल्क अब किसके…

Continue

Posted on June 22, 2018 at 7:30pm

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:00pm on June 9, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on somesh kumar's blog post खोयी कहानी
"सोमेश जी आदाब,             अतीत स्मृतियों की डायरी को टटोलने की तलाश…"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"आदरणीया अर्पणा शर्मा जी आदाब,                    …"
1 hour ago
Arpana Sharma commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रिलेशनशिप (लघुकथा)
"एक भारतीय पतिव्रता स्त्री का गहन समर्पण और समाज के लांछनो,परिवार के तानों से बचने विवशता में अपनाया…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post जनता जस-की-तस! (छंदमुक्त/अतुकांत कविता)
"आ. भाई शेख शहजाद जी, अच्छी रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
Ajay Singh updated their profile
4 hours ago
Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post नीरज जी को श्रृद्धाजंली - अर्पणा शर्मा भोपाल
"आदरणीया जनाब समर कबीर जी,बबीता जी, उस्मानी जी, तेजवीर जी  - मेरी यह नन्ही सी कविता  तो…"
6 hours ago
Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"आदरणीया जनाब समय कबीर जी, जनाब उस्मानी जी, नरेन्द्र जी एवं बीता-  आप सभी के सह्रदय प्रोत्साहन…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ. नवीन भाई, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"जनाब नरेन्द्र सिंह चौहान साहिब आदाब,पहले भी आपसे निवेदन किया था,आज फिर से निवेदन करता हूँ कि इतनी…"
7 hours ago
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"खुब सुन्दर रचना..."
9 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"सुन्दर रचना"
9 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service