For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

deepti sharma
  • Female
  • agra u.p.
  • India
Share

Deepti sharma's Friends

  • यशोदा दिग्विजय अग्रवाल
  • Kedia Chhirag
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • Tushar Raj Rastogi
  • Neelima Sharma Nivia
  • वेदिका
  • Mahadev Purohit
  • upasna siag
  • vijay nikore
  • आशीष नैथानी 'सलिल'
  • Manoj Nautiyal
  • पीयूष द्विवेदी भारत
  • MAHENDRA SINGH
  • saroj sharma
  • Pushyamitra Upadhyay
 

deepti sharma's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
uttar pradesh
Native Place
agra
Profession
student
About me
m a simple girl

deepti sharma's Photos

  • Add Photos
  • View All

Deepti sharma's Blog

धूरी

कब तक बदहवास में
चलती रहोगी
एक ही धूरी से
एक ही रेखा पर
धागे भी टूट जाते हैं
सीधा खींचते रहने पर

अंधेरा नहीं है
तो पैर नहीं डगमगायेंगे
पर ये धूरी बदल रही है
सीधी ना होकर गोल हो गयी है
तुम्हारी चाल के अनुरुप
उसी दिशा में प्रत्यक्ष
तुम्हारी धूरी पर
बस मैं ही खडा हूँ ।
-दीप्ति शर्मा




मौलिक एवम अप्रकाशित

Posted on May 16, 2013 at 9:42am — 5 Comments

उन्मुक्तता

क्यों मिल गयी संतुष्टि

उन्मुक्त उड़ान भरने की

जो रौंध देते हो पग में

उसे रोते , कराहते

फिर भी मूर्त बन

सहन करना मज़बूरी है

क्या कोई सह पाता है रौंदा जाना ???

वो हवा जो गिरा देती है

टहनियों से उन पत्तियों को

जो बिखर जाती हैं यहाँ वहाँ

और तुम्हारे द्वारा रौंधा जाना

स्वीकार नहीं उन्हें

तकलीफ होती है

क्या खुश होता है कोई

रौंधे जाने से ??

शायद नहीं

बस सहती हैं और

वो तल्लीनता…

Continue

Posted on February 13, 2013 at 9:26pm — 15 Comments

ओ मीत

मेरे गीत तेरी पायलिया है

ओ मीत तू मेरी सावरिया है|

प्रेम गीत मैं गा रहा हूँ

तेरे लिए ही आ रहा हूँ

मिलन को बरस रही बादरिया है

ओ मीत तू मेरी सावरिया है|

मद्धम हवा साथ चली है 

दिल में दीपक सी उजली है 

देख झलक गयी गागरिया है 

ओ मीत तू मेरी सावरिया है|

अगली पहर तक आ जाऊंगा 

तुझे दुल्हन बना…

Continue

Posted on January 22, 2013 at 3:00pm — 4 Comments

वो अधजली लौ.

रौशनी तो उतनी ही देती है

कि सारा जहाँ जगमगा दे

निरंतर जल हर चेहरे पर

खुशियों की नदियाँ बहा दे

फिर भी नकारी जाती है क्यों??

वो अधजली लौ



मूक बन हर विपत्ति सह

पराश्रयी बन जलती जाती

परिंदों को आकर्षित कर

जलाने का पाप भी सह जाती

फिर भी दुत्कारी जाती है क्यों??

वो अधजली लौ



जीवन पथ पर तिल तिल जलती

आघृणि नहीं बन कर शशि

हर घर को तेज से अपने

रौशन करते हुए है चलती

फिर भी धिक्कारी जाती है क्यों??

वो अधजली… Continue

Posted on October 4, 2012 at 9:37pm — 4 Comments

Comment Wall (15 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:47am on May 5, 2013, यशोदा दिग्विजय अग्रवाल said…

आभार

अभिनन्दन

At 1:31pm on February 20, 2013, वेदिका said…

प्रिय दीप्ती जी !
जन्मदिवस की हार्दिक शुभ-कामनायें !

At 2:48pm on August 20, 2012, Deepak Sharma Kuluvi said…

nice articles...

At 11:23pm on August 18, 2012, Poonam Matia said…

दीप्ति बहुत बधाई .........मै पढ़ना चाहूंगी कौनसी रचना के लिए आप पुरुस्कृत हुई हैं .......यहाँ ओ बी ओ में मै थोडा सा कन्फ्यूज़ हो जाती हूँ ......

At 3:54pm on August 18, 2012, सूबे सिंह सुजान said…

दीप्ति जी, आपके सहयोग का हृदय से धन्यवाद।

इस साहित्यिक वैबसाइट पर आप मेर पहले मित्र बने हैं.।।मैं आपकी मित्रता को निभाने की हर संभव कोशिश करूँगा।   शुक्रिया।

At 11:12am on August 18, 2012, Deepak Sharma Kuluvi said…

Simple,Sweet,natural words in your articles attracts readers to read

Congratulation for becoming Best Creater of the Month........best of luck

Deepak Kuluvi

Delhi

9350078399

At 8:12am on August 7, 2012, Abhinav Arun said…

आदरणीया दीप्ति शर्मा जी आपकी रचना शीर्षक :- प्राण प्रिये को  "महीने की सर्वश्रेष्ट रचना पुरस्कार" प्रदान किये हार्दिक बधाई !!

At 6:38pm on August 1, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…
सम्मानित एवं आदरणीय दीप्ति शर्मा जी, आपकी रचना "प्राण प्रिये"
को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना चुने जाने पर आको हार्दिक बधाई एवं 
शुभ कामनाए | आगरा का सुंदर ताज आगरा को विश्व के चित्र पटल 
पर प्रसिद्धि दिलाता है | आपने भी अपनी सुंदर रचना से  ओ बी ओ 
परिवार में आगरा का मान बढाया है | अगर के ही कवी सोम ठाकुर 
का कई बार जयपुर कवी सम्मेलनों में आना हुआ है | आगरा है ही 
अग्रगण्य पंक्ति में | ओ बी ओ अदमिन भी धन्यवाद का पात्र है | 
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला,जयपुर  
At 3:36pm on August 1, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया दीप्ति शर्मा जी ,

सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की रचना "प्राण प्रिये" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) पुरस्कार के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको पुरस्कार राशि रु ५५१ और प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस नामित कृपया आप अपना नाम (चेक / ड्राफ्ट निर्गत हेतु) , Bank A/C Details तथा पत्राचार का पता व् फ़ोन नंबर

admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे |
शुभकामनाओं सहित


आपका
गणेश जी "बागी"

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:22pm on July 11, 2012, Preeti said…

dhanywaad, abhi yeh manch mere liye naya hai isliye iske taur tareeke jaanne ki koshish kar rahee hoon.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 103 in the group चित्र से काव्य तक
"आयोजन में सुधिजनों का स्वागत है."
3 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब मैं सदैव आपका बेहद शुक्रगुज़ार रहूंगा आपका मार्गदर्शन मेरे लिए…"
4 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना जी। मेरी क्षणिकाओं पर आपकी सुन्दर-सकारात्मक टिप्पणी समेरे लिए हर्ष हर्ष व्…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय ऊषा जी दिल को छूती क्षणिकाएँ ... दिल से बधाई।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Usha posted a blog post

कैसा घर-संसार?

दोनों पति-पत्नि अपने लव-कुश के साथ खुश थे। माताजी और पिताजी इस छोटे से परिवार में खुश तो थे लेकिन…See More
16 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

122 122 122 122न जाने किधर जा रही ये डगर है ।सुना है मुहब्बत का लम्बा सफर है ।।मेरी चाहतों का हुआ…See More
16 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी। बेहद ख़ुशी हुई कि आपको मेरी क्षणिकाएँ पसंद आयी। नया सोचने व् लिखने के लिए…"
18 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुश्री उषा जी , बहुत ही प्रभावशाली क्षणिकाएं बनी हैं , व्यंग भी है , तंज भी है। बधाई , सादर।"
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post अपनी अपनी धुन(लघुकथा)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
yesterday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्द: कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service