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Neelima Sharma Nivia
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Latest Activity

नन्दकिशोर दुबे commented on Neelima Sharma Nivia's blog post घातक हैं नाजायज रिश्ते
"यथार्थ का बेबाकी से ऐसा वर्णन की पाठक को बांधे रखता है और सम्पूर्ण कहानी पढ़े बिना वहः मुक्त नही हो सकता । कथ्य ओर शिल्प उत्कृष्ट ।"
Oct 4, 2017
Neelima Sharma Nivia updated their profile
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"सर कहानी अच्छी हैं प्रोढ़  शिक्षा का भी सुझाव साथ में दिया जा सकता था "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"सकारात्मक रचना  , नयी बहु कुछ दिन बाद अफ़सोस न करे फैसले पर इसलिय सास ने बार बार  प्रश्न किया ."
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"वर्ग भेद जाति प्रथा समाज ने  खुद बनायीं और खुद ही समाज को विषाक्त किया बच्चो के मन में भेदभाव भरकर "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"  कहा जाता हैं  अपने जाए मुख मोड़ ले तो दुनिया  भी मुँह मोड़ लेती हैं | इक साड़ी माँ के लिय भी तो  आ सकती थी  ना  पर  शायद संवेदना की कमी थी , लघुकथा  अच्छी लगी  "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"बालमन पर पड़े  निशान उमरभर कायम रहते . वैसे सोच का विषय हैं ऐसे कम अक्सर दादियाँ ही क्यों करती हैं "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia and anand murthy are now friends
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"त्रसाद विडंबना  हैं  बुढ़ापे में अकेले होना | जीवन प्रत्याशा बढ़ गयी हैं युवाओं कीसोच भविष्य तक  नही जाती कि उनका आज ही उनका कल बनाएगा | आज पिता अकेला अपने कर्मो से कल यही बेटा भी अकेला होगा अपने ही  कर्मो से ...... "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia commented on मिथिलेश वामनकर's blog post बुनियाद (लघुकथा) - मिथिलेश वामनकर
"सामयिक  विषय  पर ना जाने कुछ अधूरापन  सा लग रहा "
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4
"मुखोटे ओढ़े  बहुत लोग घूमते हैं आस- पास ,  .... अच्छा लगा  आपके लिखे को पढना ,"
Jul 30, 2015
Neelima Sharma Nivia replied to योगराज प्रभाकर's discussion लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर
"एक सशक्त  लेख लघु कथा विधा  पर ,"
Apr 8, 2015
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Neelima Sharma Nivia's blog post घातक हैं नाजायज रिश्ते
"बहुत ही मार्मिक रचना | यह तो मनुष्य के पारिवारिक संस्कार, सदाचरण और सत्संग पर निर्भर है | मनुष्य में में कर्तव्य बोध, दायित्व बोध की भावना का विकास नहीं होगा, तब तक ये पशुता जन्य कृत्य रुक पाना संभव नहीं | समाज पर भी इसका बधुत बड़ा दायित्व है | अगर…"
Mar 31, 2014
vijay nikore commented on Neelima Sharma Nivia's blog post घातक हैं नाजायज रिश्ते
"आदरणीया नीलिमा जी:   आपकी यह मार्मिक रचना कल पढ़ी थी.... मन भारी हो गया था, अत: उस समय प्रतिक्रिया नहीं लिखी। आज प्रात: पुन: पढ़ी.. फिर वही हाल ... मन उदास... अभी फिर आया कि इतनी अच्छी रचना पर प्रतिक्रिया लिखनी है तो हिम्मत तो…"
Mar 30, 2014
Dr Ashutosh Mishra commented on Neelima Sharma Nivia's blog post घातक हैं नाजायज रिश्ते
"जबदस्त रचना ..समाज को एक नसीहत देना ही साहित्यकार का काम है ..संदेशपरक इस रचना के लिए तहे दिल बढ़ाई सादर"
Mar 29, 2014
Neelima Sharma Nivia posted a blog post

घातक हैं नाजायज रिश्ते

जिन्दगी कब अपने रंग दिखा दे कुछ कहा नही जा सकता समय समय पर जिदगी में धुप और छाव का मौसम आता जाता हैं। एक लड़की की जिन्दगी भी ना जाने कितने मौसम लेकर आती हैं जब एक तरह के मौसम के साथ अब्यस्त होने लगती हैं तो मौसम का दूसरा रंग बदल जाता हैं और वोह घूमती रहती हैं अपने आप को सम्हालती हुयी तो कभी भिगोती हुयी । भावनाओं का अतिरेक भी उनकी संवेदनशीलता पर हावी होकर बहा ले जाता हैं उनको समंदर में जहाँ दिर डूबना होता हैं बाहर निकल आने का कोई रास्ता नही होता और यह जब रिश्तो के तानो -बानो से से नेह के बंधन टूट…See More
Mar 29, 2014
Neelima Sharma Nivia is now friends with Priyanka singh, anwar suhail, Madan Mohan saxena and Manav Mehta more
Jan 26, 2014
Neelima Sharma Nivia commented on Priyanka singh's blog post बेटी.....(लघु कथा )
"umda kahani "
Jan 25, 2014
Neelima Sharma Nivia shared a profile on Facebook
Jan 25, 2014
Neelima Sharma Nivia and Pankaj Trivedi are now friends
Aug 16, 2013

Profile Information

Gender
Female
City State
Dehradun
Native Place
Muzaffarnagar
Profession
Home maker
About me
i'm happily married house wife loves to read n write

तन्हा

मुझे याद है....
वो कहकहे ..
जो लगाए थे हमने सरे -राह चलते चलते..
आज तुम आंसू बहा रही हो ..
तो कैसे तन्हा छोड़ दू तुम्हे...
अब इतनी तो बे-मुरव्वत नहीं मैं...

Neelima Sharma Nivia's Blog

घातक हैं नाजायज रिश्ते

जिन्दगी कब अपने रंग दिखा दे कुछ कहा नही जा सकता समय समय पर जिदगी में धुप और छाव का मौसम आता जाता हैं। एक लड़की की जिन्दगी भी ना जाने कितने मौसम लेकर आती हैं जब एक तरह के मौसम के साथ अब्यस्त होने लगती हैं तो मौसम का दूसरा रंग बदल जाता हैं और वोह घूमती रहती हैं अपने आप को सम्हालती हुयी तो कभी भिगोती हुयी । भावनाओं का अतिरेक भी उनकी संवेदनशीलता पर हावी होकर बहा ले जाता हैं उनको समंदर में जहाँ दिर डूबना होता हैं बाहर निकल आने का कोई रास्ता नही होता और यह जब रिश्तो के…

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Posted on March 27, 2014 at 6:53pm — 4 Comments

तन्हाई

सुनो!!!

यु तनहा रहने का

शउर

सबको नही आता

तनहा होना अलग होता हैं

अकेले होने से

और

मैं तनहा हूँ

क्युकी तुम्हारी यादे

तुम्हारी कही /अनकही बाते

मुझे कमजोर करती हैं

लेकिन

तुम्हारी हस्ती

मेरे वजूद में एक हौसला सा बसती है

परन्तु

यह …

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Posted on April 8, 2013 at 4:59pm — 13 Comments

तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से

तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से .
 
 
तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से 

तुम्हारे कडवे झूठो , तीखे बयानों से 

कितना भी कीचड़ उड़ेलो मेरे जज्बातों पर 

मैं बहार आऊँगी चन्दन की महक से 





मेरी मुखरता तुम्हे उद्वेलित करती हैं 

मेरी ख़ामोशी तुमको आक्रोशित करती हैं 

तुम कैसे स्वीकार सकते हो मेरे अस्तित्व…
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Posted on March 25, 2013 at 6:31pm — 7 Comments

सोच

निशा की आँखे  दर्द कर रही थी, कई दिनों से जलन हो रही थी बस हर बार खुद का ख्याल न रखने की आदत और हर बार अपना ही इलाज टाल जाना उसकी आदतों में शुमार हो गया था । सुनील आज जबरदस्ती उसको दृष्टि क्लिनिक ले ही गये ..  . सामने कतार लगी थी । इतने लोग अपनी आँखे टेस्ट करने आये हैं, सोच कर निशा को हैरानी हुई । अपना नंबर आने पर भीतर गयी और डाक्टर की बताई जगह पर चुपचाप बैठ गयी ..  आँखे टेस्ट करते हुए डाक्टर की आँखों में खिंच आई चिंता की लकीरों को निशा ने…

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Posted on February 15, 2013 at 6:30pm — 9 Comments

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At 8:21pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 8:32pm on February 15, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
said…

स्वागत है स्वागत है नीलिमा जी आप आए बाहर आई 

 
 
 

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