For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Kedia Chhirag
  • 30, Male
  • Bhagalpur,Bihar
  • India
Share

Kedia Chhirag's Friends

  • शकील समर
  • Priyanka singh
  • कल्पना रामानी
  • अशोक कत्याल   "अश्क"
  • prashant suman
  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
  • coontee mukerji
  • बृजेश नीरज
  • वेदिका
  • ram shiromani pathak
  • vijay nikore
  • anwar suhail
  • Sarita Bhatia
  • नादिर ख़ान
  • राजेश 'मृदु'
 

Kedia Chhirag's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhagalpur,Bihar
Native Place
Purnea, Bihar

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:16pm on April 28, 2013, coontee mukerji said…

चिराग जी , मुझे आप से मित्रता करके अपार खुशी होगी . एक सौ पचास साल पहले मेरे पूर्वज बिहार से मॉरिशस गये थे . मुझे ह्मेशा अपने पूर्वज के देश के वासियों के बारे में जानने की उत्सुक्ता बनी रहती है. जाने

अंजाने मैं अपनी जड़ों को तलाशती रहती हूँ.मैं आप को हृदय से स्वागत करती हूँ.

At 6:57pm on April 27, 2013, कल्पना रामानी said…

चिराग जी, हार्दिक स्वागत आपका....

At 2:32am on April 16, 2013, vijay nikore said…

Thank you for inviting me to be your friend.

Vijay Nikore

At 4:17pm on April 15, 2013, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

hardik swagat hae aapka 

At 9:44pm on April 13, 2013, बृजेश नीरज said…

चिराग जी आपका हार्दिक स्वागत है! आपकी पहली रचना की प्रतीक्षा है।

At 3:44pm on April 13, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 4:45pm on April 11, 2013, विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी said…
केदिया चिराग जी ओ.बी.ओ. परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। हमें आशा है आप अपनी संलग्नता,कर्मठता और साहित्यिक प्रयास से ओ.बी.ओ. के सीखने सिखाने की परम्परा को आगे बढ़ायेंगे।
सादर

Kedia Chhirag's Blog

ग़ज़ल- ज़िंदगी क्यूँ तेरा पता ढूँढता हूँ !!

बहर - 2122 / 1212 / 2122 

रेत पर किसके नक्शे पा ढूँढता हूँ !

ज़िंदगी क्यूँ तेरा पता ढूँढता हूँ !!

किस ख़ता की सज़ा मिली मुझको ऐसी 

माज़ी में अपने ,वो ख़ता ढूँढता हूँ !!

य़क सराबों के दश्त में खो गया मैं

अब निकलने का रास्ता ढूँढता हूँ !!



दौरे गर्दिश में संग ,गर चल सके जो

कोई ऐसा मैं हमनवा ढूँढता हूँ !!

रौशनी थी मुझे मयस्सर कब आखिर

फिर भी क्यूँ कोई रहनुमा ढूँढता हूँ !!

.

चिराग़…

Continue

Posted on June 28, 2014 at 1:00pm — 13 Comments

इस अन्धकार में कितनी सदियाँ और बिताना बाकी है ?

"चीख चीख कर पूछ रहा है ,ये उद्वेलित मन मेरा मुझसे ,

इस अन्धकार में कितनी सदियाँ और बिताना बाकी है ?

चूड़ियाँ पहने पड़ी इस सुषुप्त व्यवस्था को धिक्कारने में

अब भी यूँ ही कितनी मोमबत्तियाँ और जलाना बाकी है ?

इस कुण्ठित दानवता के कुकृत्यों से लज्जित ,

आज मानवता कितनी बेबस पानी पानी है ?

मोड़ मोड़ पर खड़े ये दुर्योधन और दु:शासन ,

दुर्गा पूजती सभ्यता की क्या यही निशानी है ?

कोरे कागज़ी कानूनों के फूल चढ़ाये ,यूँ अर्थियाँ उठाते,

कितने…

Continue

Posted on June 6, 2014 at 9:30am — 4 Comments

ज़िन्दगी ठहरी फ़क़त दो पल की

खबर क्या है किसी को कल की

ज़िन्दगी ठहरी फ़क़त दो पल की

एक से ही हैं गम हमारे

एक सी ही तो खुशियाँ

दिल से दिल के दरमयाँ

फिर क्यूँ इतनी है दूरियाँ

तमन्ना किसे है आखिर ,किसी ताजमहल की

ज़िन्दगी ठहरी फ़क़त दो पल की .............

आ चल दो पल हम

जरा दिल से रो लें

नफ़रत के हर निशाँ

आँसुओं से धो लें

ओढ़ माँ का आंचल

दो पल को हम सो लें

जिन्दगानी हो कहानी ,यक नए पहल की

ज़िन्दगी ठहरी फ़क़त दो पल की…

Continue

Posted on December 3, 2013 at 4:00pm — 9 Comments

मुझमें बसी मेरी कविता है तू

"रचा न जिस वास्ते तुझे खुदा ने

उस रंग में कभी खुद को न रंग

दुनियादारी है रवायत दुनिया की

दुनियादार न बन दुनिया के संग

निश्चल ये दिल है ,चंचल जैसे

छलछल कलकल बहता पानी है

थम न जाना किसी मराहिल पे

दरिया की तो रविश ही रवानी है

खिलखिलाते देखता हूँ तुझे जब भी

याद आता है मुझको अपना बचपन

क्या बख्त होगा उस घर आँगन का

तेरे क़दमों से जो हो जायेगा गुलशन



खुदा न बशर ,न हूर न फ़रिश्ता है तू

अन्तर्मन में…

Continue

Posted on August 1, 2013 at 8:30am — 2 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-मेरी  उदासी  मुझे अकेला  न छोड़  देना
"इसके अलावा चौथे शे'र में "भी प्यार" की जगह नया शब्द "दुलार" रखता हूँ जिसका…"
11 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-मेरी  उदासी  मुझे अकेला  न छोड़  देना
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी विस्तार से बताने के लिए आपका अत्यंत आभारी हूँ।उला को  अगर कभी जो करार आये…"
16 minutes ago
Aazi Tamaam posted a blog post

नग़मा: इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगी

इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगीना दिल से स्याही निकलेगी ना सांस मुझे लिख पायेगीजिस रोज़…See More
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

कोरोना को हराना है।

हमने तो अब  ये ठाना हैकोरोना   को   हराना  हैअब  साथ  न  छूटेगा  ये वादा   हमें   निभाना …See More
1 hour ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैं (ग़ज़ल)

१२२२ १२२२ १२२२ १२२२अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैंतो ख़ुश्बू में सने सब आँकड़े भरपूर खट्टे…See More
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' is now friends with Aazi Tamaam and Anil Kumar Singh
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-मेरी  उदासी  मुझे अकेला  न छोड़  देना
"//लेकिन जो मतला अभी है उसमें कोई कमी है??दरअसल मौजूदा स्थिति में मुझे रवानगी ज्यादा समझ मे आ…"
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-मेरी  उदासी  मुझे अकेला  न छोड़  देना
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी ग़ज़ल पे आपकी उपस्थित एवं इस्लाह के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया...आपका दोनों…"
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

कोरोना को हराना है।

हमने तो अब  ये ठाना हैकोरोना   को   हराना  हैअब  साथ  न  छूटेगा  ये वादा   हमें   निभाना …See More
yesterday
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: माँ
"शुक्रिया आदरणीय जनाब अमीर जी हौसला अफ़ज़ाई व मार्गदर्शन के लिये आभार टोके 22 तो 1 दख 2 लं 2 दा 2 ज…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (किसी की याद में...)
"जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post गरीबी ........
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, बहुत उम्दा नज़्म ख़ल्क़ हुई है। बहुत मुबारक हो। सादर।"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service