For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नादिर ख़ान
  • Male
  • Bilaspur,chhattisgarh
  • India
Share

नादिर ख़ान's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Anuj
  • Mahendra Kumar
  • Tasdiq Ahmed Khan
  • Samar kabeer
  • harivallabh sharma
  • Mukesh Verma "Chiragh"
  • nazir ahmad ansari(Nazir NAZAR)
  • गिरिराज भंडारी
  • शिज्जु "शकूर"
  • Kedia Chhirag
  • Dr Ashutosh Mishra
  • बृजेश नीरज
  • bhushan singh
  • Chandresh Kumar Chhatlani
 

नादिर ख़ान's Page

Latest Activity

नादिर ख़ान commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _मेरे हबीब सिर्फ तू क़ुरबत की बात कर
"खिदमत तो वाल दैन की तू ने कभी न की नादां ज़ुबान से न तू जन्नत की बात कर | खूबसूरत गजल के लिए मुबारकबाद जनाब तसदीक साहब  दूसरे शेर मे एक हसीन की जगह इक हसीन होना चाहिए था टायपिंग मिस्टेक लग रहा है "
Jun 6
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"चंद लोगों की सियासत के नतीजे में यहाँहोने वाला है बहुत ख़ून ख़राबा देखो.... बेहतरीन  गिरह भी बहुत  उम्दा  लगायी है आदरणीय समर साहब  एक और खूबसूरत  गज़ल के लिए मुबारकबाद ......"
May 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"बहुत उम्दा राय है जनाब समर साहब मज़ा आ गया इस टिप्स पे ... "
May 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"रोज़ उठता है किसी सच का जनाज़ा देखो झूठ बैठा है यहाँ बन के दरोगा देखो   हो रहा रोज़ नया एक तमाशा देखो हाल संसद का हुआ ऐसा निराला देखो   मेरी आँखों में  कभी डूब के सपना देखो कितनी प्यारी है मेरी जान ये दुनिया देखो   एक नशा झूम के…"
May 26
नादिर ख़ान commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-ग़ालिब की ज़मीन पर
"वाह वाह पढ़कर आनंद आ गया ....  बेहतरीन ग़ज़ल कही आदरणीय नीलेश जी आपने .... "
May 15
नादिर ख़ान commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- पड़ गयी जब से आपकी आदत
"चन्द साथी जो बेवफ़ा न हुए,   अश्क, ग़म, याद, बेबसी, आदत.... क्या खूब लिखते है आदरणीय नीलेश जी, हमारे यहाँ तो अकाल पड़ा हुआ है और आपके यहाँ झमाझम बारिश हो रही है |"
May 4
नादिर ख़ान commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post एक ग़ज़ल -कठुआ की आसिफ़ा में नाम
"आदरणीय नीलेश जी गजल के माध्यम से आपने समाज के प्रति अपनी  ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया आपकी जागरूपता और संवेदन शीलता को सलाम ...... मै  भी एक बेटी का पिता हूँ गुस्सा आना लाज़मी है हमने दिल्ली के निर्भया केस से भी सबक नहीं लिया इसीलिए ऐसे…"
Apr 16
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, मैंने जो महसूस किया आपकी प्रस्तुति फ़ेस बूक मे किए गए किसी कोमेंट्स की तरह नज़र आ रही है, अगर आप अपनी प्रस्तुति से मुतमइन हैं तो आपको मुबारकबाद ..... मैंने कल भी कोमेंट्स में प्रस्तुति शब्द का इस्तेमाल किया था ... मैंने…"
Apr 14
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी जापानी विधा पर बढियाँ सार्थक प्रस्तुति हेतु मुबारकबाद। ..."
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"माफ़ कीजियेगा अजय गुप्ता जी, यह प्रस्तुति इस मंच पे कत्तई शोभा नहीं देती फेस बुक लुक नज़र आ रहा है | माज़रत के साथ ......"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"जनाब तस्दीक साहब हमेशा की तरह उम्दा ग़ज़ल से मंच को नवाज़ा आपने। .. बहुत बहुत मुबारकबाद।"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी बहुत उम्दा लय बद्ध, छंद रचना लिखी आपने, मुबारकबाद स्वीकारें।"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आदरणीया कनक जी उम्दा रचना के लिए दिली मुबारकबाद ........बाकि ब्रजेन्द्रनाथ जी से सहमत हूँ "
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"सम्बन्धों की सेज पर खुशबुओं कोसुगन्ध भरे फूलों से खूब महकाना है।पूर्वाग्रहो के हर्फों से उकेरी गयी चादर कोसरहद के पार कहीं दूर फेंक आना है।रिश्तों की डोर को, हवाले मत करो गांठ केकि तोड़ना आसान है, जोड़ना कठिन है। आदरणीय ब्रजेन्द्र नाथ…"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आदरणीय ब्रजेन्द्र नाथ साहब उत्साह वर्धक टिप्पणी के लिए बहुत शुक्रिया ...."
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-90
"आपकी हौसला अफजाई का शुक्रिया जनाब डॉ छोटेलाल सिंह साहब .... लेखन सार्थक हुआ .... "
Apr 13

Profile Information

Gender
Male
City State
Bilaspur,chhattisgarh
Native Place
Bhilai Nager,Chhattisgarh
Profession
govt. employee
About me
simplicity

नादिर ख़ान's Photos

  • Add Photos
  • View All

नादिर ख़ान's Blog

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

      (122  122  122  122)

कोई बात दिल में छुपाते नहीं हैं

मगर आँसुओं को दिखाते नहीं हैं

 

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

मिले ज़ख्म कितने गिनाते नहीं हैं

 

ये बातें हैं दिल की सुनो तुम भी…

Continue

Posted on February 18, 2018 at 8:00pm — 6 Comments

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

(1222 1222 122)

जिन्हें आने की फुरसत ही नहीं है

उन्हे मिलने की हसरत ही नहीं है

 

अगर तुझमें शराफत ही नहीं है

मुझे तेरी ज़रूरत ही नहीं है

 

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

ये इंसानों की फ़ितरत ही नहीं है

 

उगलते हैं ज़ुबाँ से आग अपनी

बची इनमें शराफत ही नहीं है

 

चलो छोड़ो जुदा थी राह अपनी

हमें तुमसे शिकायत ही नहीं है

 

असल मुद्दों से ही भटकाये रखना

सियासत की रिवायत ही नहीं…

Continue

Posted on February 4, 2018 at 6:31pm — 10 Comments

हाइकू

1

इंसानी भूल

लापरवाह लोग

धूल ही धूल

2

प्यारी सी धुन

सुबह का मौसम

प्यार से सुन 

3…

Continue

Posted on December 29, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

क्षणिकाएँ

1.

शायद आज बच जाओ

साम दाम दण्ड भेद से

मगर एक कैमरा

नज़र रखे है

हर करतूत पर

बिना साम दाम दण्ड भेद के .....

 

2.

मत उलझाइये खेल

मत कीजिये घाल-मेल

सीधी है ... सीधी ही रहने दीजिये

जिंदगी की रेल

 

3.

उठ रहे हैं बच्चे

सूरज के जागने से पहले

ठिठुर रहे हैं बच्चे

पीठ में बोझ लिए

झेल रह हैं बच्चे

भविष्य का दण्ड…

Continue

Posted on December 25, 2017 at 1:30pm — 10 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:50pm on April 20, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय नादिर जी आपका दोस्त बनना मेरे लिए सुखद अहसास वाला है सादर
At 9:34pm on February 3, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आदरणीय नादिर खान सर, ओबीओ परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 5:50pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

 आपका हार्दिक आभार आदरणीय  

At 10:05pm on April 3, 2014, Mukesh Verma "Chiragh" said…

नादिर जी
आपको मित्र रूप मे पाकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खुश रहिए.. धन्यवाद

At 1:08pm on January 4, 2014, Razia mirza said…

बहोत बहोत शुक्रिया ओ बी ओ परिवार में मुझे शामिल करने के लिये।

At 7:58pm on November 20, 2013, annapurna bajpai said…

हमारे ओबीओ परिवार एवं मेरी मित्र मंडली मे आपका हार्दिक स्वागत है । 

At 7:07pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

मित्रता स्वीकार के लिए हार्दिक धन्यवाद! 

At 11:51pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 12:55pm on February 3, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

सालगिरह मुबारक हो, अपका और हमारा स्नेह और सहयोग बना रहे, यही दुआ करते है 

At 3:08pm on December 9, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

बे ज़ार= अप्रसन्न, क्रोधी 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on babitagupta's blog post पिता वट वृक्ष की तरह होते हैं........[सामाजिक सरोकार]
"बहुत सुंदर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
gumnaam pithoragarhi commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हिमगिरी की आँखे नम हैं(कविता)
"वाह बहुत खूब......"
1 hour ago
gumnaam pithoragarhi commented on Sushil Sarna's blog post स्वप्न ....
"वाकई सपने धीरे धीरे रूप बदलते हैं......"
1 hour ago
gumnaam pithoragarhi commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"शानदार गीत के लिए बधाई........."
1 hour ago
gumnaam pithoragarhi commented on Mohammed Arif's blog post कविता--कश्मीर अभी ज़िंदा है भाग-1
"वर्तमान की एकदम सही तस्वीर.....बधाई"
1 hour ago
gumnaam pithoragarhi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह बहुत खूब ग़ज़ल कही है..... भाईजी।"
1 hour ago
Mohit mishra (mukt) posted a blog post

हिमगिरी की आँखे नम हैं(कविता)

हिमगिरि की आँखे नम हैं|पुनः कुठाराघात सह रहीं,माँ भारती कुछ वर्षों से ।पीड़ादायी दंश दे रहे ,नवल…See More
2 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Sushil Sarna's blog post स्वप्न ....
"चूजे से सपनो में देखा है जिनको उनको पंख लग गए, और वे सब.... जीवन का यथार्थ है| बहुत सुंदर लिखा है…"
2 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"सुंदर गीत लिखा है आपने आदर्निया बसंत कुमार जी, बधाई स्वीकारें|"
2 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Mohammed Arif's blog post कविता--कश्मीर अभी ज़िंदा है भाग-1
"नमस्ते आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब, बहुत प्रभावशाली कविता लिखी है आपने, हार्दिक बधाई आपको|"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post पतझड़ -  लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय बबिता गुप्ता जी।"
3 hours ago
Tapan Dubey commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"kya baat sir bahut khub "
4 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service