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नादिर ख़ान
  • Male
  • Bilaspur,chhattisgarh
  • India
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"हौसला अफजाई का शुक्रिया आदरणीय अशोक कुमार साहब ....."
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"सार्थक रचना हेतु बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब ......"
31 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"क्षणिकाएँ (द्वीतीय प्रस्तुति) 1. आवाज़ों का शोर दौड़ती भागती भीड़ तेज़ होती मासूमों की चीखें मृत्यु का जश्न मनाते विचार शून्य लोग लगा रहे हैं ग्रहण अपने सम्मान पर ..... 2. टूटता बिखरता समाज बढ़ रहा है धीरे धीरे मृत्यु की ओर ... मृत्यु ! स्वयं के विवेक…"
1 hour ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरनीय अशोक कुमार जी सुंदर छांदिक रचना के लिए मुबारकबाद स्वीकारें । "
6 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय  डॉ छोटेलाल सिंह जी प्रदत्त विषय पर आपने खूबसूरत  दोहे  कहे, बहुत बधाई इस उत्तम रचनाकर्म हेतु|"
yesterday
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"जनाब मोहम्मद आरिफ साहब उम्दा रचनाकर्म के लिए  मुबारकबाद ....... "
yesterday
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"सम्मान स्वयं का बखान श्रेष्ठता का गुरूर रात दिन की उठा पटक कीचड़ उछालने का शौक गिराकर आगे निकल जाने की होड़ सिर्फ और सिर्फ पाने की चाह आधुनिकता के नाम पर दम तोड़ती मर्यादायें डराकर धमकाकर बेईमानी से हड़प लेने की प्रवृत्ति कभी न खत्म होने वाली…"
yesterday
नादिर ख़ान commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७३ एक मज़ाहिया ग़ज़ल
"क्योंकि लंबी थी बहुत रस्मो क़वायद पे बहसख़त्म होती नहीं ख़ुद, हमने ख़तम कर डाला... बहुत समझदारी वाली बात कही साहब  उम्दा गज़ल कही आदरणीय राज़ साहब मुबारकबाद स्वीकारें । "
Nov 25
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"इसलाह के लिए शुक्रिया जनाब तस्दीक साहब "
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"तहे दिल से आपका शुक्रिया आदरणीय गजेंद्र साहब "
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"बहुत बहुत शुक्रिया जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आपको  अशआर पसंद आए ।"
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"शुक्रिया अफ़रोज साहब"
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"आदरणीय राज साहब गज़ल मे शिरकत और हौसला अफजाई का शुक्रिया ।"
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"हौसला अफजाई के लिए तहे  दिल से शुक्रिया आदरणीय नवीन मणी जी ।"
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय विनय कुमार जी ...."
Nov 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब अजय तिवारी साहब गज़ल पर आपकी उपस्थिति बायसे मुसर्र्त है "
Nov 24

Profile Information

Gender
Male
City State
Bilaspur,chhattisgarh
Native Place
Bhilai Nager,Chhattisgarh
Profession
govt. employee
About me
simplicity

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नादिर ख़ान's Blog

झूम के देखो सावन आया ....

खुशियों की सौगातें लाया

झूम के देखो सावन आया

 

चंचल सोख़ हवा इतराई

बारिश की बौछारें लाई

महक उठा अब मन का आँगन

भीनी भीनी सी खुशबू छाई

 

देख छटा हर मन हर्षाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

 

मन की बगिया महक रही है

पंछी बन के चहक रही है

इच्छाओं को पंख मिल गए

दिल की धड़कन बहक रही है

 

मौसम में है खुमार छाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

धरती बाहों को…

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Posted on August 14, 2018 at 11:21pm — 6 Comments

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

      (122  122  122  122)

कोई बात दिल में छुपाते नहीं हैं

मगर आँसुओं को दिखाते नहीं हैं

 

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

मिले ज़ख्म कितने गिनाते नहीं हैं

 

ये बातें हैं दिल की सुनो तुम भी…

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Posted on February 18, 2018 at 8:00pm — 6 Comments

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

(1222 1222 122)

जिन्हें आने की फुरसत ही नहीं है

उन्हे मिलने की हसरत ही नहीं है

 

अगर तुझमें शराफत ही नहीं है

मुझे तेरी ज़रूरत ही नहीं है

 

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

ये इंसानों की फ़ितरत ही नहीं है

 

उगलते हैं ज़ुबाँ से आग अपनी

बची इनमें शराफत ही नहीं है

 

चलो छोड़ो जुदा थी राह अपनी

हमें तुमसे शिकायत ही नहीं है

 

असल मुद्दों से ही भटकाये रखना

सियासत की रिवायत ही नहीं…

Continue

Posted on February 4, 2018 at 6:31pm — 10 Comments

हाइकू

1

इंसानी भूल

लापरवाह लोग

धूल ही धूल

2

प्यारी सी धुन

सुबह का मौसम

प्यार से सुन 

3…

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Posted on December 29, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 10:50pm on April 20, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय नादिर जी आपका दोस्त बनना मेरे लिए सुखद अहसास वाला है सादर
At 9:34pm on February 3, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आदरणीय नादिर खान सर, ओबीओ परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 5:50pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

 आपका हार्दिक आभार आदरणीय  

At 10:05pm on April 3, 2014, Mukesh Verma "Chiragh" said…

नादिर जी
आपको मित्र रूप मे पाकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खुश रहिए.. धन्यवाद

At 1:08pm on January 4, 2014, Razia mirza said…

बहोत बहोत शुक्रिया ओ बी ओ परिवार में मुझे शामिल करने के लिये।

At 7:58pm on November 20, 2013, annapurna bajpai said…

हमारे ओबीओ परिवार एवं मेरी मित्र मंडली मे आपका हार्दिक स्वागत है । 

At 7:07pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

मित्रता स्वीकार के लिए हार्दिक धन्यवाद! 

At 11:51pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 12:55pm on February 3, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

सालगिरह मुबारक हो, अपका और हमारा स्नेह और सहयोग बना रहे, यही दुआ करते है 

At 3:08pm on December 9, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

बे ज़ार= अप्रसन्न, क्रोधी 

 
 
 

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Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"पाकर झूठा सम्मानकद बढ़ता ही गयामगर अपनी हीनज़रों में गिरता गया ।  ........आदरणीय मोहम्मद…"
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"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी,  प्रोत्साहन हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
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"आदरणीय नादिर खान साहब सादर, प्रदत्त विषय पर दोनों ही क्षणिकाएँ सुंदर रची हैं आपने. हार्दिक बधाई…"
34 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"द्वितीय पेशकश भी बहुत ही उम्दा । हार्दिक बधाई आदरणीय नादिर ख़ान साहब ।"
36 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"समय का सम्मान कीजै वरना पछतायेंगे आप, बीते पल को कभी वापस नहीं ला पायेंगे आप, .......वाह…"
36 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"बहुत ही लाजवाब मुक्तक । हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय दयाराम मेथानी जी ।"
38 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय नादिर खान साहब आपको प्रस्तुत रचना सुन्दर लगी मेरा सृजन कार्य सफल हुआ. आपका अतिशय आभार. सादर."
40 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
40 minutes ago

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