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वेदना संवेदना अपाटव कपट
को त्याग बढ़ चली हूँ मैं
हर तिमिर की आहटों का पथ
बदल अब ना रुकी हूँ मैं
साथ दो न प्राण लो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

निश्चल हृदय की वेदना को
छुपते हुए क्यों ले चली मैं
प्राण ये चंचल अलौकिक
सोचते तुझको प्रतिदिन
आह विरह का त्यजन कर
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

अपरिमित अजेय का पल
मृदुल मन में ले चली मैं
तुम हो दीपक जलो प्रतिपल
प्रकाश गौरव  बन चलो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

मौन कर हर वितथ पनघट
साथ नौका की धार ले चली मैं
मृत्यु की परछाई में सुने हर
पथ की आस ले चली मैं
दूर से ही साथ दो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

--- दीप्ति शर्मा

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Comment by deepti sharma on September 5, 2012 at 9:49pm

आदरणीय Tanu Thadani  जी 

बहुत बहुत आभार ....यूँ ही मार्गदर्शन करते रहें शुक्रिया

Comment by tanu thadani on September 2, 2012 at 4:09pm

भाव -पूर्ण  सुन्दर  रचना ....

Comment by deepti sharma on September 2, 2012 at 12:01pm

आदरणीय सूबे सिंह सूजान जी ... आदरणीय राजेन्द्र सिंह कुँवर फरियादी जी 

बहुत बहुत आभार ....यूँ ही मार्गदर्शन करते रहें शुक्रिया

Comment by राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' on August 23, 2012 at 11:16am

बहुत बहुत बधाई हमारी शुभकामनायें 

Comment by सूबे सिंह सुजान on August 19, 2012 at 1:54pm

बधाई,दीप्ति जी,

अपरिमित अजेय का पल
मृदुल मन में ले चली मैं
तुम हो दीपक जलो प्रतिपल
प्रकाश गौरव  बन चलो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये।।

............

तुम हो दीपक जलो प्रतिपल............यह बात कुछ खास है

Comment by deepti sharma on August 17, 2012 at 3:09pm

आदरणीय सतीश  जी..   ,,, बहुत बहुत  शुक्रिया ,, अपना आशीष यूँ ही बनाये रखियेगा .. आभारी हूँ .

Comment by deepti sharma on August 17, 2012 at 3:08pm

आदरणीय गणेश  जी..   ,,, बहुत बहुत  शुक्रिया ,, अपना आशीष यूँ ही बनाये रखियेगा .. आभारी हूँ

Comment by deepti sharma on August 17, 2012 at 3:07pm

आदरणीय हरीश  जी..   ,,, बहुत बहुत  शुक्रिया ,, अपना आशीष यूँ ही बनाये रखियेगा .. आभारी हूँ

Comment by deepti sharma on August 17, 2012 at 3:06pm

आदरणीय अविनाश  जी..   ,,, बहुत बहुत  शुक्रिया ,, अपना आशीष यूँ ही बनाये रखियेगा .. आभारी हूँ .

Comment by satish mapatpuri on August 8, 2012 at 2:14am

वाह ... बहुत खूब .... खुबसूरत ख्याल ..... सुन्दर कहन ....... बेहतर पेशकश ...... बधाई दीप्ति जी ..... खुबसूरत रचना के लिए और माह के सर्वश्रेष्ठ रचनाकार के लिए

कृपया ध्यान दे...

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