For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

sanjiv verma 'salil'
  • Male
  • jabalpur, madhya pradesh
  • India
Share

Sanjiv verma 'salil''s Friends

  • बृजेश नीरज
  • Aarti Sharma
  • upasna siag
  • shubhra sharma
  • आशीष नैथानी 'सलिल'
  • पीयूष द्विवेदी भारत
  • Neelkamal Vaishnaw
  • सूबे सिंह सुजान
  • राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
  • कुमार गौरव अजीतेन्दु
  • Dr.Prachi Singh
  • Sarita Sinha
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
  • Bishwajit yadav
  • Atendra Kumar Singh "Ravi"

sanjiv verma 'salil''s Discussions

चौपाल: सार्वजानिक घटनाएँ और हमारा आचरण

चौपाल:सार्वजानिक घटनाएँ और हमारा आचरणज्योति सिंह पांडे (छद्म नाम दामिनी) प्रकरण के साथ प्रेस, नागरिकों, नेताओं और पुलिस के असंयमित आचरण की कई बानगियाँ सामने आईं। हर चैनेल ने तथ्य पर चटपटेपन से परोसने…Continue

Tags: sanjiv, 'salil', conduct, social, charcha

Started Jan 9, 2013

अखबारों और दूरदर्शनी खबरियों का दायित्व
2 Replies

चर्चा: अखबारों और दूरदर्शनी खबरियों का दायित्व  कवरेज में जनता के असभ्य व्यवहार को कवरेज देकर भीड़ को उकसाया है। लाइव कवरेज के नाम पर अधिकांश टीवी चैनलों में संपादकीय नीति अनुपस्थित थी। मसलन् सरकारी…Continue

Tags: dayitv, ka, mediya, charcha

Started this discussion. Last reply by sanjiv verma 'salil' Dec 30, 2012.

विचार-विमर्श नारी प्रताड़ना का दंड? संजीव 'सलिल'
11 Replies

विचार-विमर्श नारी प्रताड़ना का दंड?संजीव 'सलिल'*दिल्ली ही नहीं अन्यत्र भी भारत हो या अन्य विकसित, विकासशील या पिछड़े देश, भाषा-भूषा, धर्म, मजहब, आर्थिक स्तर, शैक्षणिक स्तर, वैज्ञानिक उन्नति या अवनति…Continue

Tags: sanjiv, 'salil', utpeedan, naree, vinarsh

Started this discussion. Last reply by sanjiv verma 'salil' Dec 26, 2012.

रोचक चर्चा : कौन परिंदा?, कौन परिंदी??... -विजय कौशल, संजीव 'सलिल'
2 Replies

रोचक चर्चा : कौन परिंदा?, कौन परिंदी??... -विजय कौशल, संजीव 'सलिल' *  * कौन परिंदा?, कौन परिंदी? मेरे मन में उठा सवाल.किससे पूछूं?, कौन बताये? सबने दिया प्रश्न यह टाल..मदद करी तस्वीर ने मेरी,बिन बूझे…Continue

Tags: humour, hasya.

Started this discussion. Last reply by Kavita Verma Oct 30, 2011.

 

sanjiv verma 'salil''s Page

Profile Information

City State
jabalpr 482001, madhya pradesh, india
Native Place
jabalpr 482001, madhya pradesh, india
Profession
civil engineer
About me
nathing special

sanjiv verma 'salil''s Photos

  • Add Photos
  • View All

Sanjiv verma 'salil''s Blog

दोहा मुक्तिका: नेह निनादित नर्मदा संजीव 'सलिल'

दोहा मुक्तिका:

नेह निनादित नर्मदा

संजीव 'सलिल'

*

नेह निनादित नर्मदा, नवल निरंतर धार.

भवसागर से मुक्ति हित, प्रवहित धरा-सिंगार..



नर्तित 'सलिल'-तरंग में, बिम्बित मोहक नार.

खिलखिल हँस हर ताप हर, हर को रही पुकार..



विधि-हरि-हर तट पर करें, तप- हों भव के पार.

नाग असुर नर सुर करें, मैया की जयकार..



सघन वनों के पर्ण हैं, अनगिन बन्दनवार.

जल-थल-नभचर कर रहे, विनय करो उद्धार..



ऊषा-संध्या का दिया, तुमने रूप निखार.

तीर…

Continue

Posted on February 27, 2013 at 6:30am — 26 Comments

लघुकथा: बड़ा / संजीव 'सलिल'

लघुकथा: बड़ा
*
बरसों की नौकरी के बाद पदोन्नति मिली.

अधिकारी की कुर्सी पर बैठक मैं खुद को सहकर्मियों से ऊँचा मानकर डांट-डपटकर ठीक से काम करने की नसीहत दे घर आया. देखा नन्ही बिटिया कुर्सी पर खड़ी होकर ताली बजाकर कह रही है 'देखो, मैं सबसे अधिक बड़ी हो गयी.'

जमीन पर बैठे सभी बड़े उसे देख हँस रहे हैं. मुझे कार्यालय में सहकर्मियों के चेहरों की मुस्कराहट याद आई और तना हुआ सिर झुक गया.

*****

Posted on February 20, 2013 at 6:30pm — 5 Comments

ढपोरशंख (लघुकथा) / संजीव ’सलिल’

सामयिक लघुकथा:

ढपोरशंख                                                                             '

                                                                                       *

कल राहुल के पिता उसके जन्म के बाद घर छोड़कर सन्यासी हो गए थे, बहुत तप किया और बुद्ध बने. राहुल की माँ ने उसे बहुत अरमानों से पाला-पोसा बड़ा किया पर इतिहास में कहीं राहुल का कोई योगदान नहीं दीखता.



 आज राहुल के किशोर होते ही उसके पिता आतंकवादियों द्वारा मारे गए. राहुल की माँ ने उसे…

Continue

Posted on February 17, 2013 at 10:00am — 16 Comments

गीत : ... सच है संजीव 'सलिल'

*

कुछ प्रश्नों का कोई भी औचित्य नहीं होता यह सच है.

फिर भी समय-यक्ष प्रश्नों से प्राण-पांडवी रहा बेधता...

*

ढाई आखर की पोथी से हमने संग-संग पाठ पढ़े हैं.

शंकाओं के चक्रव्यूह भेदे, विश्वासी किले गढ़े है..

मिलन-क्षणों में मन-मंदिर में एक-दूसरे को पाया है.

मुक्त भाव से निजता तजकर, प्रेम-पन्थ को अपनाया है..

ज्यों की त्यों हो कर्म चदरिया मर्म धर्म का इतना जाना-

दूर किया अंतर से अंतर, भुला पावना-देना सच है..



कुछ प्रश्नों का कोई भी औचित्य…

Continue

Posted on February 16, 2013 at 7:30pm — 10 Comments

Comment Wall (41 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:03pm on March 9, 2013, om sapra said…

bhai sanjiv verma "salil" ji ,

Namasty,

aapki rachnayen dekhi - pasand aayi

badhai ho,

delhi ke prof. kuldip salil, (English professor, Hans Raj College, Delhi University) bhi bahut bare shayar hain, aap bhi salil hain, shayad aap un se parichit hoen.

kabhi dlehi aap ayen to avashay milen,

-om sapra, delhi-9 

09818180932

At 11:56pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 10:53am on January 6, 2013, shubhra sharma said…

सलिल जी इतनी  सुन्दर अभिव्यक्ति एवं हौसला बढ़ाने के लिए आपको नमस्कार के साथ धन्यवाद

At 10:01am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आदरणीय संजीव वर्मा 'सलिल' सर, आपको सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ......

At 8:46pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…

चंदा मामा आओ न,
तारे भी संग लाओ ना।
गिल्ली-डंडा कल खेलें-
आज पतंग उड़ाओ ना।।

आदरणीय श्री सलिल जी आपके "शिशु गीत " को माह की श्रेष्ठ रचना का पुरस्कार प्रदान किये जाने पर हार्दिक बधाई !!

At 8:17pm on December 9, 2012, Abhinav Arun said…

आदरणीय श्री सलिल जी आपके "शिशु गीत " को माह की श्रेष्ठ रचना का पुरस्कार प्रदान किये जाने पर हार्दिक बधाई !! आपकी हर कृति हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है सादर नमन आपका !!

At 6:33pm on December 7, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आदरणीय संजीव सर, सर्वश्रेष्ठ रचना चुने जाने की हार्दिक बधाई स्वीकारें

At 2:15pm on December 6, 2012, MAHIMA SHREE said…

आदरणीय संजीव   सर , सादर  नमस्कार ..

"महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना पुरस्कार" से सम्मानित होने के लिए आपको हार्दिक  बधाई और शुभकामनाएं/

At 1:19pm on December 6, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

आदरणीय संजीव जी,

सादर प्रणाम!

शिशु गीत सलिला को माह नवम्बर की सर्वश्रेष्ठ कृति का सम्मान मिलने पर आपको हार्दिक बधाई.

At 12:20pm on December 6, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

आपकी तो हर रचना सुन्दर भाव अभिव्यक्ति लिए पढने में आनंद देने वाली होती है

और फिर शिशु गीत सलिला से तो बल साहित्य और समरद्ध हुआ है, यह प्रबंधक 

मंडल के निर्णय से और पुष्ट हो गया । मेरी हार्दिक बधाई स्वीकारे भाई संजीव वर्मा 'सलिल' जी  

 

 

At 11:53am on December 6, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय श्री संजीव वर्मा "सलिल" जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की रचना "शिशु गीत सलिला १" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना पुरस्कार के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको पुरस्कार राशि रु ५५१/- और प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस नामित कृपया आप अपना नाम (चेक / ड्राफ्ट निर्गत हेतु), तथा पत्राचार का पता व् फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी

At 6:47pm on November 17, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आदरणीय आचार्यवर, आपके सहर्ष और उदार अनुमोदन पर हृदय से धन्यवाद.

आपने ’अपरूप’ की वैज्ञानिक परिभाषा उद्धृत कर मेरे कहे को स्वर और मेरी टिप्पणी-रचना को मान दिया है. इसी तथ्य को में संकेतों में कह चुका था. किन्तु, इशारे तो किन्हीं और के लिये मान्य हुआ करते हैं.

At 10:23am on July 21, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

ब्रह्मसृष्टि का सार समाहित, सम्मुख विष्णु अलौकिक माया.

गीत आपका सरस्वती सा, इसमें जीवन सिंधु समाया..

निर्मल तन मन ज्ञान गंग से, प्रेषित करता हृदय बधाई- 

स्वीकारें यह काव्य सुमन प्रभु, रूप आपका यह मन भाया..

खेतों में अब छंद उगेंगें, प्रखर शिल्प की धूप खिली है

आसों की चिड़िया का कलरव, सुनकर गहरी नींद खुली है..

At 7:12pm on August 20, 2011, Rash Bihari Ravi said…

janamdin mubarak ho sir ji

At 12:50pm on August 20, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 8:42am on April 19, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Shree,Sanjiv varma salil saheb,Chaahe koyal need mein,nij ande de kaag|Shishu na madhur swar bolataa gaaye karkash raag|| vaah... vaah..vaah.sahab aapne to dil ke taron ko janjanakar rakha diya.aabhaar 
At 12:54pm on March 28, 2011, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

 

आदरणीय आचार्य जी,
प्रणाम


At 2:27pm on March 8, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Shree,Sanjiv  Verma "Salil" Sahib Ji,Aap Dvaaraa Housalaa-Afzai Ke Liye Bahut Bahut Dhanyvaad.
At 1:25pm on December 13, 2010, Abhinav Arun said…
आदरणीय सलिल जी अभिवादन ! आपके समालोचना और समीक्षा के शब्द मेरे लिए आशीर्वाद  स्वरुप हैं | मैं इनका पूरा ध्यान रखूंगा | आप यूं ही स्मरण दिलातें रहें  |
At 5:27pm on December 12, 2010, Lata R.Ojha said…

आदरणीय सलिल जी प्रणाम, 

मुझे आपने मित्रता के योग्य समझा,धन्यवाद :) 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 103 in the group चित्र से काव्य तक
"आयोजन में सुधिजनों का स्वागत है."
3 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब मैं सदैव आपका बेहद शुक्रगुज़ार रहूंगा आपका मार्गदर्शन मेरे लिए…"
4 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना जी। मेरी क्षणिकाओं पर आपकी सुन्दर-सकारात्मक टिप्पणी समेरे लिए हर्ष हर्ष व्…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय ऊषा जी दिल को छूती क्षणिकाएँ ... दिल से बधाई।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब .... सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
13 hours ago
Usha posted a blog post

कैसा घर-संसार?

दोनों पति-पत्नि अपने लव-कुश के साथ खुश थे। माताजी और पिताजी इस छोटे से परिवार में खुश तो थे लेकिन…See More
16 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

122 122 122 122न जाने किधर जा रही ये डगर है ।सुना है मुहब्बत का लम्बा सफर है ।।मेरी चाहतों का हुआ…See More
16 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी। बेहद ख़ुशी हुई कि आपको मेरी क्षणिकाएँ पसंद आयी। नया सोचने व् लिखने के लिए…"
18 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुश्री उषा जी , बहुत ही प्रभावशाली क्षणिकाएं बनी हैं , व्यंग भी है , तंज भी है। बधाई , सादर।"
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post अपनी अपनी धुन(लघुकथा)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
yesterday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्द: कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service