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shubhra sharma
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Shubhranshu Pandey commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"आदरणीया शुभ्रा जी, सुन्दर कथा. देश भक्ति की भावना को हर व्यक्ति में दिखाने की सुन्दर कोशिश की गयी. कथा के कसावट पर सुधीजन अपने विचार रखेंगे. सादर."
Jan 31, 2014
Dr Ashutosh Mishra commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"शुभ्राजी ..क्या जज्वा है ..यह देश यूं ही सलामत नही है ..देश प्रेम से बढ़कर कोई प्रेम नहीं ..अत्यंत सार्थक अभिव्यक्ति ..सार्थक कथा के लिए तहे दिल बधायी कवूल करें ..सादर "
Jan 28, 2014
Baidyanath Saarthi commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"बहुत ही बढ़िया ...सार्थक कथा !"
Jan 28, 2014
बृजेश नीरज commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"अच्छी है! आपको हार्दिक बधाई! दूसरी पंक्ति में व्याकरण दोष है! सादर!"
Jan 27, 2014
Meena Pathak commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"बहुत सुन्दर .... अनुपम "
Jan 27, 2014
shubhra sharma commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"आदरणीय अखिलेश जी , आपके अभिव्यक्ति हेतु बहुत बहुत धन्यवाद"
Jan 26, 2014
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा -बहुरूपिया
"सच्चे देश भक्ति की भावना अभाव और गरीबी में जी रहे व्यक्तियों में ही बची है । जो ज्यादा पढ़ा लिखा है वह वह उतना ही अंग्रेजी परस्त हो गया है,  देश को लूटने खसोटने में लगा है। लेकिन आश्चर्य यह कि ऐसे  लोग ही  इस देश में न सिर्फ राज कर रहे…"
Jan 26, 2014
shubhra sharma posted a blog post

लघुकथा -बहुरूपिया

हनुमान के रूप मे लोगों से भिक्षा माँग गुजर बसर कर रहे बहुरूपिये पर बङे आतंक वादी गिरोह के लिए काम करने वालों की नजर पङी।उनका आदमी बहुरूपिये से गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड स्थल पर कमंडल बम जगह जगह रखकर दहशत फैलाने के लिए सबसे उपयुक्त और सुरक्षित आदमी समझकर एकांत मे डील करने के लिए बात की।आदमी-बाबा ! आपको केवल दस से पंद्रह जगहों पर कमंडल रखने है , बदले मे इतने पैसे मिलेंगे कि आपको रूप बदलकर भीख माँगने की जरूरत नहीं पङेगी ।बाबा- (कुछ रूक कर) बेटा ! पेट के लिए गरीबी मे बहुरूपिया बन सकता हं , भीख…See More
Jan 25, 2014
shubhra sharma is now friends with RAMESH YADAV and Baidyanath Saarthi
Jan 11, 2014
Baidyanath Saarthi commented on shubhra sharma's blog post लघु कथा - झूठ
"बहुत बढ़िया व सफल लघु कथा "
Dec 28, 2013
Shubhranshu Pandey commented on shubhra sharma's blog post लघु कथा - लिहाज (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')
"आदरणीय शुभ्रा जी  जब गुरु जी ही ऎसी दूकानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं..... तो चेला तो चीनी होता ही है...गुरु जी की झिझक मिटा कर चला गया. गुरु को शिक्षा के साथ साथ आचार, विचार, व्यवहार,संस्कार सभी का संप्रेषण उचित ढंग से करना…"
Sep 16, 2013
अरुन शर्मा 'अनन्त' commented on shubhra sharma's blog post लघु कथा - लिहाज (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')
"यही यथार्थ है कलियुग का यह सबसे बड़ा प्रमाण है आदरणीया बिलकुल सटीक लघुकथा है बहुत बहुत बधाई"
Sep 6, 2013
shubhra sharma commented on बृजेश नीरज's blog post हमारी हिन्दी
"आदरणीय ब्रजेश नीरज जी , आपने अपनी भावपूरित कविता से मातृभाषा हिंदी को जो मान दिया है ,तहे दिल  से बहुत बहुत बधाई "
Sep 6, 2013
shubhra sharma commented on Meena Pathak's blog post एक कोमल एहसास
"आदरणीया मीना  जी , आपने अपनी कविता में माँ की ममता को उड़ेल कर रख दी है , बहुत बहुत बधाई "
Sep 6, 2013
shubhra sharma commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा - अनुष्ठान (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')
" आदरणीय अभिनव    जी , कथा के मर्म तक पहुँच उत्साह्वार्धन  हेतु हार्दिक धन्यवाद "
Sep 6, 2013
shubhra sharma commented on shubhra sharma's blog post लघुकथा - अनुष्ठान (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')
" आदरणीया  वंदना   जी , कथा को मान  हेतु हार्दिक धन्यवाद "
Sep 6, 2013

Profile Information

Gender
Female
City State
patna
Native Place
allahabad
Profession
HOUSEWIFE
About me
I M A SIMPLE WOMAN. B.A- ALLAHABAD UNIVERSITY, M.A -KANPUR UNIVERSITY, B.ED- MAGADH UNIVERSITY, DIPLOMA IN COMMERCIAL ART- RAJARSHI TONDON UNIVERSITY

Shubhra sharma's Blog

लघुकथा -बहुरूपिया

हनुमान के रूप मे लोगों से भिक्षा माँग गुजर बसर कर रहे बहुरूपिये पर बङे आतंक वादी गिरोह के लिए काम करने वालों की नजर पङी।उनका आदमी बहुरूपिये से गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड स्थल पर कमंडल बम जगह जगह रखकर दहशत फैलाने के लिए सबसे उपयुक्त और सुरक्षित आदमी समझकर एकांत मे डील करने के लिए बात की।

आदमी-बाबा ! आपको केवल दस से पंद्रह जगहों पर कमंडल रखने है , बदले मे इतने पैसे मिलेंगे कि आपको रूप बदलकर भीख माँगने की जरूरत नहीं पङेगी ।

बाबा- (कुछ रूक कर) बेटा ! पेट के लिए गरीबी मे बहुरूपिया बन… Continue

Posted on January 25, 2014 at 5:23pm — 8 Comments

लघु कथा - लिहाज (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')

राधे श्याम जी पान की दूकान पर हाथ में सिगरेट छुपाये खड़े थे | तभी आठ -नौ साल का लड़का राजा दूकान से गुटखा खरीद खा कर चल दिया |

एक महोदय दुकानदार से -जब अठारह साल से कम उम्र के लोगों को तंबाकू पदार्थ ना देने का बोर्ड लगाये हैं फिर भी आपने क्यों दे दिया ?

दुकानदार -मुझे क्या मालूम की ये अपने लिए ले रहा है या घर के बड़ों के लिए | और यदि जान भी जाएँ कि ये खुद खायेगा तब भी मैं नहीं दूंगा तो किसी और दूकान से ले लेगा , मैं नुकसान में क्यों रहूँ ,खीं -खीं करते हुए बोला…

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Posted on September 5, 2013 at 12:12pm — 8 Comments

लघुकथा - अनुष्ठान (शुभ्रा शर्मा 'शुभ ')

बहुत उपचार के बाद भी चित्रा की गोद सूनी थी |पूरा परिवार चिंतित रहता था |चित्रा यज्ञं हवन के लिए पति राजेश पर दवाब देती तो नोक-झोक हो जाती थी |राजेश को पूजा पाठ पर विश्वास नहीं था | काफी मेहनत के बाद चित्रा की माँ अपने भगवान् तुल्य गुरूजी मायाराम बाबू से मिली |गुरूजी चित्रा के कुंडली में संतान के घर में अनिष्टकारी ग्रह देख एक ग्रह शांति का ख़ास अनुष्ठान कराने के लिए उनके घर आने को राजी हो गए |चित्रा भी उत्साहित हो गुरूजी की आवभगत की सारी तैयारियाँ कर ली थी | गुरूजी और चित्रा को पूजा…

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Posted on September 2, 2013 at 12:17pm — 22 Comments

कविता - आरजू



सुहानी सुबह में

खिली थी नन्ही कली

बगिया गुलजार थी

मेरी मौजूदगी से

आने जाने वाले

रोक न पाते खुद को

नाजुक थी कोमल थी

महका करती थी

माली ने सींचा था

खून पसीने से

देखा था सपना

सजोगी कभी आराध्य पर

कभी शहीदों के सीने पर

फूल भी गौरवान्वित थी

अपनी इस कली पर

कर रही थी रक्षा कांटे भी

पते ढक कर सुलाती थी

कली तो अभी कली थी

उसने खुद के लिए कुछ

सोचा भी नहीं था

लापरवाह थी भविष्य से…

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Posted on August 30, 2013 at 5:30pm — 14 Comments

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At 8:18am on August 15, 2013, D P Mathur said…

आदरणीया शुभ्रा जी , रचना पसंद करने के लिए आपका तहेदिल से आभार और धन्यवाद !

At 7:52am on August 13, 2013, रौशन जसवाल विक्षिप्‍त said…

आपका आभार 

At 12:49pm on January 6, 2013, अरुन शर्मा 'अनन्त' said…

जन्म दिवस की ढेरों बधाई व शुभकामनायें. सादर अरुन शर्मा

At 10:59am on January 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 9:22am on December 30, 2012, sanjiv verma 'salil' said…

शुभ्रा हो हर भोर, सांझ हो सुफला, अपनी यही कामना.
नर-नारी सद्भाव सहित हों साथ सदा है नेक कामना..
कोई किसी पर क्यों हो भारी?, दूर हो सके मारा-मारी.
हर आपद-विदा को जीतें, 'सलिल' साथ मिल करें सामना..

At 3:52pm on December 19, 2012, अरुन शर्मा 'अनन्त' said…

ओ बी ओ में आपका स्वागत है आदरणीया

 
 
 

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