For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

chandramauli pachrangia
  • Male
  • Chirawa, jhunjhunu, rajasthan
  • India
Share on Facebook MySpace

Chandramauli pachrangia's Friends

  • Devendra Pandey
  • वेदिका
  • shubhra sharma
  • Dr.Prachi Singh
 

गया प्याज सौ के पार तो जाएगी सरकार! व्यंग्य -चंद्रमौलि पचरंगिया पहले 20 फिर 40 और फिर 60 और 80 अभी 90 तक पहुंच गए भाव। जी हां ये हाल फिलहाल प्याज के हो रहे हैं।प्याज लोगों की आंखों में आंसू लाने का काम कर रहा है। पहले डीजल और फिर पेट्रोल के भावों ने खाया ताव।इसके बाद बारी आई प

Profile Information

Gender
Male
City State
chirawa, rajasthan
Native Place
chirawa
Profession
reporter
About me
Copy editor etv rajasthan

Chandramauli pachrangia's Blog

बस यूं ही

बस यूं ही

इत्तेफाक से



कभी हम मिले

कभी वो मिले

कुछ हम चले

कुछ वो चले



बस यूं ही

इत्तेफाक से



कभी हम बोले

कभी वो बोले

कभी हम सुने

कभी वो सुने



बस यूं ही

इत्तेफाक से



कभी हम देखें

कभी वो देखे

कुछ हम खुलें

कुछ वो खुलें



बस यूं ही

इत्तेफाक से



कभी हम सहे

कभी वो सहे

कहीं हम मुड़े

कहीं वो मुड़े



बस यूं ही

इत्तेफाक से



कुछ हम… Continue

Posted on December 9, 2016 at 12:19pm — 2 Comments

एक बेटी सो गई

सांस उसकी थम गई

एक बेटी सो गई।

पर अब जागा हिंदूस्तां

हर आंख नम हो गई।।

मैं सजा दिलाना चाहती हूं

उन दरिंदों को मां।

ताकि अपवित्र ना हो

फिर कोई दामिनी मां।।

हौंसला बुलंद देखा

कुछ पलों के होश में।

देशवासी न्याय मांगे

हर कोई आक्रोश में।।

तेरा बलिदान हमेशा याद रहेगा

अब मेरा हिंदूस्तां नहीं सहेगा।

यू हीं घूमते रहे गर दरिंदे

तो आक्रोश यूं ही कायम रहेगा।।

चिंगारी जो जल चुकी है

अब नहीं बुझने देना।

बेटी की मौत औ

अपमान का…

Continue

Posted on January 11, 2013 at 8:33pm — 4 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:39pm on January 19, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
15 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
18 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service