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mirza javed baig
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mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"सुख़न नवाज़ी का बहुत बहुत शुक्रिया जनाब अमित कुमार साहिब"
Dec 29, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"जनाब पंकज जी आदाब , उम्दा अशआर के लिए दिली मुबारक बाद"
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"जनाब आरिफ़ साहिब आदाब  बहुत उम्दा ग़ज़ल के लिए दिली मुबारक बाद  दरिया बन गया ,,,,,,, ,इस शैर के लिए ख़ुसूसी वाहहहहहह"
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"मुहतरम जनाब समर साहिब आदाब , बहुत उम्दा उम्दा अशआर से नवाज़ने के लिए शुक्रिया के साथ दिली मुबारक बाद "
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"जनाब महेंद्र कुमार जी आदाब,  उम्दा ग़ज़ल हुई मुबारक बाद "
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"जनाब अशफ़ाक साहिब , उम्दा प्रयास के लिए दिली मुबारक बाद  शायद आपने सिर्फ मिसरा नोट कर लिया था  आगे क़वाफ़िये क्या क्या दिए गए हैं ये नहीं पढ़ा"
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"ख़ारज़ारों का ये रस्ता भी शगुफ़्ता बन गया !साथ तेरा जब मिला गुलशन ये सहरा बन गया। इसमें इक मूरत बिठा ली थी बिना सोचे हुए! देखते ही देखते ये दिल शिवाला बन गया। दिल पे लगने वाले सारे ज़ख़्म जब यकजा किए! नक़्श उनसे एसा उभरा तेरा चहरा बन गया। तर्ज़ पे…"
Dec 28, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"शानदार मुशायरा हुआ बहुत कुछ सीखने को मिला  मँच के तमाम साथियों को बहुत बहुत मुबारकबाद "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब लक्शमणधामी जी आदाब ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत मुबारक बाद "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब क़मर जोनपूरी साहिब आदाब दाद ओ तहसीन से नवाज़ने का बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"मोहतरमा अंजलि जी आदाब  आपकी नवाज़िश का दिली शुक्रिया अदा करता हूं "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब अजय तिवारी जी आदाब  सुख़न नवाज़ी और हौसला अफजाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब रवि शुक्ला जी आदाब  उम्दा ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत मुबारक बाद "
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"वाहहह बहुत खूब  जनाब गजेंद्र जी दाद हाज़िर है"
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"वाह वाह बहुत खूब जनाब अनीस शेख साहिब"
Nov 24, 2018
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101
"जनाब संतोष जी आदाब ग़ज़ल में शिरकत कर के ख़ूबसूरत दादो तेहसीन से नवाज़ने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 24, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
ujjan (m.p)ा
Native Place
ujjain
Profession
building contractor

Comment Wall (3 comments)

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At 7:03am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

At 5:26pm on October 5, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

मंचीय मित्रता सूची में शामिल होने पर हार्दिक आभार और बधाई। सुस्वागतम अभिनंदन मुहतरम जनाब मिर्ज़ा जावेद बेग साहिब।

At 12:10pm on August 13, 2018, Samar kabeer said…

जनाब मिर्ज़ा जावेद बैग साहिब आदाब,ओबीओ के मंच पर आपका स्वागत है ।

Mirza javed baig's Blog

सबस्टिट्यूट (कहानी)

रमीज़ अपनी क्रिकेट टीम का बहतरीन विकेट कीपर बल्लेबाज होते हुए भी लगातार अपनी टीम के साथ नहीं खेल सका वजह थी टीम में पहले से एक सीनियर विकेट कीपर बल्लेबाज मोजूद था जब जब वो अनफ़िट होता या किसी और वजह से नहीं खेल पाता तब ही रमीज़ को टीम में खेलने का मोक़ा मिलता और रमीज़ उस मौक़े का भरपूर फायदा उठाते हुए उम्दा से उम्दा प्रदर्शन करता लेकिन बावजूद इसके भी सीनियर खिलाड़ी के आते ही अगले मेचों में फिर पहले की तरह रमीज़ को पेवेलियन में बेठकर मेच देखना पड़ता!

वक़्त गुज़रता रहा अब रमीज़ ने…

Continue

Posted on November 9, 2018 at 10:00pm — 11 Comments

नज़्म (मेरे अब्बू) मरहूम के नाम

  1. किस क़दर तल्ख़ियां हैं दुनिया में

नीम रिश्तों में जेसे दर आया

हर तरफ़ तीरगी सी फेली है

रूह घायल है और सहमी है

अपका साथ अब न होने से 

ज़िन्दगी जैसे एक मक़तल है 

और मक़तल में मैं अकेला हूं

ज़िन्दगी की तवील राहों में

ख़ुद को बेआसरा सा पाता हूँ 

साथ एसे में राहबर भी नहीं 

दिल की मेहफ़िल में रोशनी भी नहीं 

रूह में कोई ताज़गी भी नहीं 

मैं हूँ बेआसरा सा सहरा में

ढ़ूंढ़ता हूं वही…

Continue

Posted on October 3, 2018 at 12:30am — 24 Comments

मिर्ज़ा ग़ालिब की ज़मीन में एक कोशिश ।

'भर के आँखों में नमी लहज-ए-साइल बाँधा ।

उनसे मिलने जो चला साथ ग़म ए दिल बाँधा ।

उनकी तशबीह सितारों से न अशआर में दी ।

उनके रुख़सार पै जो तिल था उसे तिल बाँधा ।

मैं भँवर से तो निकल आया मगर मैरे लिए ।

एक तूफ़ान भी उसने लबे साहिल बाँधा ।

हौसले पस्त हुए पल में मिरे क़ातिल के ।

तीर के सामने जब सीन-ए- बिस्मिल बाँधा ।

लुत्फ़ अंदोज़ है "जावेद"तग़ज़्ज़ल कितना ।

हमने मोज़ू ए…

Continue

Posted on August 31, 2018 at 12:59am — 12 Comments

 
 
 

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