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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 में शामिल सभी लघुकथाएँ
1 Reply

(1) . डॉ० टी.आर सुकुल जीघड़ी.उस समय की चौथी क्लास तक पढ़े ‘भदईं’, गाॅंव के कुछ इने-गिने पढ़े लिखे लोगों में माने जाते थे। शहर के किसी बीड़ी उद्योगपति ने गाॅंव में खोली कंपनी की ब्राॅंच में भदईं को मुनीम…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Aug 11, 2019.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-51 में शामिल सभी लघुकथाएँ
1 Reply

(1) . बबिता गुप्ता जी मुसाफ़िर दोपहर के समय वृद्धाश्रम में सभी महिलाएँ कुनकुनी धूप का आनंद ले रही थी। कोई अख़बार, किताब पढ़कर अपना समय व्यतीत कर रहा था, तो कोई दूरदर्शन देख या रेडियो पर महिला जगत…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Aug 11, 2019.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-50 में शामिल सभी लघुकथाएँ
2 Replies

(1) . महेंद्र कुमार जीट्रॉली की समस्या.सालों पहले पूछा गया सवाल आज सच बनकर उसकी ज़िन्दगी के सामने खड़ा था। “रेलवे ट्रैक पर एक अनियन्त्रित ट्रॉली तेज़ गति से आ रही है। जिस ट्रैक पर ट्रॉली आ रही है उसपर…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Aug 11, 2019.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-49 में शामिल सभी लघुकथाएँ

(1). बबीता गुप्ता जी करत-करत अभ्यास के........राजू का विद्यालय के वार्षिक कार्यक्रम में सम्मान,उसके गणित विषय के साथ इंटर परीक्षा में पूरे राज्य में अव्वल स्थान प्राप्त किया था,विशेष अतिथि राज्यपाल…Continue

Started Aug 8, 2019

 

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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आयोजन में प्रतिभागिता हेतु सभी सुधीजनों का हार्दिक आभार."
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बहुत ही बढ़िया लघुकथा कही है भाई सतविन्द्र राणा जी. बधाई स्वीकार करें."
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"भाई गणेश बाग़ी जी, वह लघुकथा भाई रवि प्रभाकर जी की है, जिसका शीर्षक है 'दंश' जो ओबीओ पर 24 जून 2014 को प्रकाशित हुई थी. http://openbooksonline.com/profiles/blogs/5170231:BlogPost:552026 ;"
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"अच्छी लघुकथा है कही है भाई उस्मानी जी. प्रदत्त विषय के साथ पूर्ण न्याय हुआ है. हार्दिक बधाई स्वीकारें. मेरी राय में लघुकथा का पहला पैरा उलझा हुआ भी है और ग़ैर-ज़रूरी भी. अगर लघुकथा दूसरे पैरे से शुरू की जाती तो इसका प्रभाव, सन्देश और सम्प्रेष्ण…"
yesterday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"क्या कहने हैं आ० मनन कुमार सिंह भी जी, वाह वाह वाह! एकदम आत्मा से निकली हुई रचना हैl इस एक लघुकथा के माध्यम से कितने सटीक निशाने लगा दिए आपने, कमाल हैl आपने यांत्रिक लेखन की भी बात की और उथले लेखन पर भी चोट कीl आपने रचनाकारों पर भी निशाना साधा और…"
yesterday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बहुत ही साधारण सी लघुकथा है जो प्रदत्त विषय के आसपास भी नजर नहीं आ रहीl ऊपर से भाषा/वर्तनी की बहुत-सी त्रुटियों के कारण रचना प्रभाव नहीं छोड़ पाईl लघुकथा में सबकुछ आप ही ने कह दिया, इसमें यदि विवरण के स्थान पर कुछ संवाद होते तो बात बन सकती थीl…"
yesterday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बहुत कमाल का विषय चुना है आ० तेजवीर सिंह जी, वाह! बुजुर्गों के वृद्धाश्रम जाने के अनेकों कारण पढ़े-सुने थे, लेकिन आपने लीक से एकदम हटकर लिखा हैl संवाद शैली में लिखी इस उत्तम लघुकथा हेतु मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करेंl "
yesterday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"रिश्ते भले ही खून के न हों, लेकिन कहीं-न-कहीं किन्हीं मर्यादायों से अवश्य बंधे होते हैंl इस लघुकथा में भी मालकिन और नौकरानी का रिश्ता कुछ ऐसा ही हैl दोनों ही अंदर से इस बात के लिए एहसानमंद हैं कि मुसीबत के समय वे एक-दूसरे के काम आए थेl आपकी यह…"
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आत्मकथ्यात्मक शैली में लघुकथा कहने का प्रयास हुआ है. कथानक बेहद उम्दा, लेकिन प्रस्तुति व सम्प्रेषण बेहद साधारण रह गया डॉ० मोहन बेगोवाल जी जिसकी वजह से रचना प्रभाव नहीं डाल सकी. आपकी इस लघुकथा में उपर्युक्त कमियों के साथ-साथ भाषा/वर्तनी संबंधी…"
Saturday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आपकी रचना की पंक्चुएशन थोड़ी दुरुस्त की है आ० अर्चना तिवारी जी, बताइएगा सम्प्रेषण कुछ बेहतर हुआ कि नहीं. गरिमा.“मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ, और सबकी छोड़ मैं अम्माँ तक को भुला सकता हूँ।”रेवती ने हँसते हुए कहा, “अरे! नौकरी…"
Saturday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"ज़रा देखकर बताएँ आ० बबिता गुप्ता जी, सम्प्रेषण कुछ बेहतर हुआ कि नहीं? . मर्यादा प्लेटफ़ॉर्म पर रेलगाड़ी पर चढ़ने की अफ़रा-तफ़री मची हुई थी। यकायक भागती भीड़ किसी बच्चे के रोने की आवाज़ के ध्यानाकर्षण से उसी तरफ़ ठिठक गई। चिरनिद्रा में लेटी बेजान महिला पर…"
Saturday

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योगराज प्रभाकर and Prem Kumar are now friends
May 9

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114
"//उम्मीद की  किरणों से तम छंटता रहा |// यही उम्मीद तो जीवन का आधार है. बहुत ही सुंदर गीतिका रची है आ० सत्यनारायण सिंह जी. ढेरों-ढेर बधाई प्रेषित है."
Apr 12

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114
"दोनों रचनाएँ प्रदत्त विषयानुकूल एवं प्रभावशाली हैं आ० अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी. हार्दिक बधाई स्वीकार करें."
Apr 12

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114
"अति सुंदर गीत है आ० अशोक कुमार रक्ताले जी. हार्दिक बधाई स्वीकार करें."
Apr 12

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114
"अति सुंदर गीतिका, हार्दिक बधाई डॉ गोपाल कृष्ण भट्ट जी."
Apr 12

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 18 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 14 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (84 comments)

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At 9:52am on November 18, 2019, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।

At 3:10pm on November 18, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

आदरणीय मंच संचालक महोदय श्री  योगराज प्रभाकर साहिब जन्मदिन की  सालगिरह पर हार्दिक  बधाई और शुभकामनाएँ।

At 1:36pm on November 18, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीय योगराज प्रभाकर साहब, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको स्वस्थ एवं ख़ुशहाल रखे. सादर. 

At 12:14pm on November 18, 2018, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें।प्रभु आपकी समस्त मनोकामनायें पूर्ण करें।माता रानी का सदैव आशीर्वाद मिले। जीवन में सुख, शाँति,समृद्धि और सेहत से मालामाल रहें।सदैव उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 5:54pm on September 15, 2018, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० अनुज . आशा है ई स्वस्थ और सानान्न्द होंगे . अवगत कराना है कि मोबाईल पर चार बार असफल कोशिश के बाद  यहाँ सन्देश निवेदित कर रहा हूँ . सूची है कि ओ बी ओ लखनऊ-चैप्टर , प्रतिवर्ष की  भांति इस वर्ष माह नवम्बर 2018 में वार्षिक कार्यक्रम करने हेतु परिकरबद्ध  है और तदनुसार डॉ. शरदिंदु मुकर्जी के संरक्षण में वार्षिक पत्रिका ‘सिसृक्षा’ के अगले अंक का प्रकाशन भी होना है  . इसके लिए  शुभकामना सन्देश के साथ साथ रचनायें  भी  अपेक्षित  हैं  . कृपया अपनी रचना / शुभकामना  सदेश  25 सितम्बर तक srivastavagopalnarain @gmail.com पर अवश्य भेज दें ,  कार्यक्रम तिथि की सूचना शीघ्र ही दी जायेगी . सादर . सानुरोध---------------------- गोपाल नारायण श्रीवास्तव 

At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
 
 
 

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