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योगराज प्रभाकर
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
12 Replies

(1). आ० महेंद्र कुमार जी   मृग-मरीचिका‘‘प्यार से कोई आदमी कैसे डर सकता है?’’ यही वो सवाल था जिसने उसे उस पागल को केस स्टडी बनाने पर मजबूर कर दिया। जब वह पहली बार उससे मिली तो वो ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Dr Ashutosh Mishra Jun 3.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
6 Replies

(1). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी उपाय------------------------------ब्रह्म ज्योतिषी के आगे हाथ बढ़ाते हुए -" इन रेखाओं को देखकर बताइए आखिर ये क्या कहती है ? "ब्रह्म ज्योतिषी ने जैसे ही उसके हाथों की रेखाओं को…Continue

Started this discussion. Last reply by Mahendra Kumar May 14.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-36 में स्वीकृत लघुकथाएं
8 Replies

(1).  आ० तेजवीर सिंह जी  क़ुदरत की मार  कल लगने वाली साप्ताहिक हाट के लिये,  भीकम अपने खेत की सब्जियों पर एक नज़र मार कर देख रहा था कि कौन कौन सी सब्जियाँ हाट में ले जाने के लिये तैयार हैं। फिर उसने…Continue

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Apr 9.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 में स्वीकृत रचनाएँ
7 Replies

(1). आ० सुनील वर्मा जी. विलयन सेवानिवृत्त देवदत्त बाबू। उम्र के उस ढलान बिंदु पर खड़ा हुआ आदमी जहाँ गाड़ी चलती नही लुढ़कती है। अक्सर अपने कमाये ज्ञान को कंधे पर लिए ऐसे घूमते रहते कि जैसे नये लहसुन…Continue

Started this discussion. Last reply by Omprakash Kshatriya Mar 1.

 

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Sushil Sarna commented on योगराज प्रभाकर's blog post ग़ज़ल - आग यूँ ही नहीं लगी होगी
"आह मज़लूम ने भरी होगी. आग यूँ ही नहीं लगी होगीI एक गोली कहीं चली होगी.एक दुनिया उजड़ गई होगीI आदरणीय योगराज सर , सीधे दिल को छूते अशआर .... अंतर्भावों की शानदार अभिव्यक्ति .... ये ग़ज़ल शानदार अहसासों का हुजूम है। ..... हार्दिक बधाई सर।"
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post जमूरे (लघुकथा)
"फ़िल्मी जगत में लेखन के कड़वे सच को अभिव्यक्त करती बेहतरीन लघुकथा. इस कथा में पात्रों का जो सहज संवाद है वो अद्भुत है. जैसे:  //"तुम अभी इस लाइन में नए हो, इसको कहते हैं कहानी में ट्विस्टI"// //"सार वार गया तेल लेने!// आपकी इस…"
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post कसक (लघुकथा)
"जिसने अन्न उगाया वो वहीं रह गया और जिसने उस अन्न को बेचा वो कहाँ से कहाँ पहुँच गया. किसानों की व्यथा को कसक के माध्यम से क्या ख़ूब उभारा है आपने. मेरी तरफ़ से भी हार्दिक बधाई प्रेषित है सर. सादर."
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post कुल्हाड़िआँ और दस्ते: लघुकथा:
"//"हम उन्हें सपने बेचेंगेI उन्हीं सपनो की चकाचौंध से उन्हें अँधा करेंगेI और फिर उसी अंधेपन का फायदा उठाकर सोने की चिड़िआ का एक एक पंख नोच लेंगेI"// सच में, आज भी यही हो रहा है. और जिन्हें हमने निगरानी के लिए बिठा रखा था, वही…"
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post अपनी अपनी भूख (लघुकथा)
"वाह! किसी के पास खाने को है तो उसे भूख नहीं लगती और किसी को भूख लगती है तो उसके पास खाने को नहीं है. इस लाजवाब लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए सर. सादर."
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post दिल (लघुकथा)
"बहुत ही मार्मिक और दिल को छू लेने वाली लघुकथा है सर. वाक़ई माँ, माँ ही होती है. मेरी तरफ़ से भी हार्दिक बधाई प्रेषित सर. सादर."
Jun 9
Mahendra Kumar commented on योगराज प्रभाकर's blog post ग़ज़ल - आग यूँ ही नहीं लगी होगी
"बहुत ही शानदार ग़ज़ल है सर. हर शेर लाजवाब है. //आज तक भी है अनगढ़ा पत्थर,जिसको छैनी बुरी लगी होगीI// यह शेर तनकीद को नाकाबिल-ए-बर्दाश्त समझने वाले नवहस्ताक्षरों को याद रखना चाहिए. //दर्द से आज तक हो नावाकिफ,यार! तुम से न शायरी होगीI // पूर्णतः…"
Jun 9
Dr Ashutosh Mishra replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"आदरणीय योगराज सर लघु कथा पर आपके लेख को पढ़कर और लघु कथा गोष्ठी पर नियमित रचनाये पढ़कर ही कई प्रयास किये आज दूसरी बार रचना को संकलन में शामिल पाकर बहुत खुश हूँ आदरणीय मनन जी ने आयोजन के बाद हौसला अफजाई की ये तो बहुत अच्छा लगा आप सबके साथ लघु कथा का ये…"
Jun 3
Dr Ashutosh Mishra replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"आदरणीय योगराज सर लघु कथा पर आपके लेख को पढ़कर और लघु कथा गोष्ठी पर नियमित रचनाये पढ़कर ही कई प्रयास किये आज दूसरी बार रचना को संकलन मइं शामिल पाकर बहुत खुश हूँ आदरणीय मनन जी ने आयोजन के बाद हौसला अफजाई की ये तो बहुत अच्छा लगा आप सबके साथ लघु कथा का ये…"
Jun 3
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक - ३८ के कुशल संचालन, श्रेष्ठ संपादन एवम त्वरित संकलन/ प्रकाशन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी।"
Jun 2
Barkha Shukla replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय महेंद्र जी ,आभार ,सादर "
Jun 1
Nita Kasar replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"लघुकथा गोष्ठी के सफल आयोजन ,संचालन के लिये आपको व पूरी ओ बी ओ टीम को बधाईयां व शुभकामनायें ।कथा को संकलन में स्थान देने के लिये तहेदिल से शुक्रिया ,सादर आभार ।"
Jun 1
Mahendra Kumar replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"हमेशा की तरह एक और लघुकथा गोष्ठी के सफल सञ्चालन और तीव्र संकलन की हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीय योगराज प्रभाकर सर. साथ ही सभी लेखकों को भी बहुत-बहुत बधाई. कल अपनी रचना में आयी अंतिम छह टिप्पणियों का प्रत्युत्तर मैं नहीं दे पाया था जिसके लिए मैं…"
Jun 1
Tasdiq Ahmed Khan replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"मुहतरम जनाब योगराज साहिब  , ओ बी ओ ला इव लघुकथा गोष्ठी अंक _38 के त्वरित संकलन और कामयाब संचालन के लिए मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं |"
Jun 1
Omprakash Kshatriya replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"आदरणीय भाई साहब नमस्कार.3 घंटे लगातार परेशां होने के बाद भी नेट नहीं चला और लघुकथा पोस्ट नहीं हो पाई. यह सोच कर निराश हो गया था. शिलांग यात्रा से लौट रहा था इसलिए आतेजाते नेटवर्क में लघुकथा पोस्ट कर पाया. मगर किसी की लघुकथा पढ़ नहीं पाया. अब संकलन के…"
Jun 1
Barkha Shukla replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
"आदरणीय तेज़ जी ,आदरणीय नीता जी ,आदरणीय योगराज सर जी ,बहुत बहुत धन्यवाद रचना पसंद करने के लिए ,कल धन्यवाद प्रेषित नहीं कर पायी थी ,आभार ,सादर "
Jun 1

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 16 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 14 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (79 comments)

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At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

 
 
 

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बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीय  vijay nikore  जी हृदय तल से आभार आपका "
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"आदरणीय रक्षिता जी, नमस्कार।  बहुत ही हृदयस्पर्शी रचना है । प्रस्तुति के लिए बधाई ।  "
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