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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल - क़यामत का मंज़र दिखाने लगे हैं
"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। एक बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ बधाई कुबूल कीजिये। सादर"
Tuesday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post कुण्डलिया छंद
"आद0 अग्रज समर कबीर जी सादर प्रणाम। रचना पर आपकी उपस्थिति का बेसब्री से इन्तिजार रहता है। आपकी प्रतिक्रिया परिष्करण के लिए बेहद सटीक होती है। आभार आपका। सादर"
Tuesday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 सतविंद्र कुमार राणा जी सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर बढ़िया दोहावली लिखा आपने, बधाई स्वीकार कीजिये।"
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 विवेक जी सादर अभिवादन। इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार कीजिये"
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 शेख शहज़ाद उस्मानी साहब सादर अभिवादन। कल के निर्णय पर आपकी बेहद भावुक रचना को पढ़कर मुझे आपके और करीब आने का मौका मिला। रचना के लिए बधाई स्वीकार कीजिये। "
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 विवेक पांडेय 'द्विज' जी सादर अभिवादन। प्रदत्त विषयानुकूल बढ़िया दोहावली छंद हुआ है। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर"
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 नमिता सुंदर जी सादर अभिवादन। बढ़िया प्रस्तुति आपकी। बधाई स्वीकार कीजिये।"
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। रचना पोस्ट करने के बाद से ही आपका मुझे ििइंतजआर रहता है क्योंकि जो बारीक नजर आप रचनाओं पर डालते हैं उससे रचना परिष्करण में बहुत मदद मिलती है। बहुत बहुत आभार आपका। मूल रचना में सुधार कर लिया है"
Nov 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 डॉ भैया सादर अभिवादन। बेहतरीन रचना पर कोटिश बधाई स्वीकार कीजिये।"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"भैया सादर प्रणाम। हौसलाफजाई का कोटिश आभार आपका। सादर"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। रचना पर उपस्थिति और हौसलाफजाई का दिल से शुक्रिया। सादर"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 विवेक पांडेय जी सादर अभिवादन। रचना पर वक़्त देने और अपनी मनोहारी प्रतिक्रिया से हमें नवाज़ने के लिए कोटिश आभार"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 लक्ष्मण जी सादर अभिवादन। रचना पर आपने वक़्त दिया, और हौसलाफजाई की,, बहुत बहुत आभार आपका"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"आद0 लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर अभिवादन। बढिया दोहावली प्रदत्त विषय पर आपने लिखी। बधाई स्वीकार कीजिये। "
Nov 9
Samar kabeer commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post कुण्डलिया छंद
"जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,अच्छे कुण्डलिया छन्द लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 9
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109
"दिल से दिल के बीच हो, प्यार स्नेह भरपूर स्वर्ग लगे फिर तो धरा, द्वेष दम्भ अति दूर द्वेष दम्भ अति दूर, न हो अन्याय घृणा छल युवा बुजुर्ग जवान, रखें मन अपना उज्ज्वल आपस में सौहार्द, बनाएँ हम सब मिल के रिश्ते वो अनमोल, बने जो दिल से दिल के।। मुझको आती…"
Nov 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Blog

कुण्डलिया छंद

घर में किसी बुजुर्ग ने, दिया आप को नाम

नाम बड़ा अब कीजिये, करके अच्छे काम

करके अच्छे काम, बढ़े कद जिससे अपना

जग हित हो हर श्वांस, बड़ा ही देखें सपना

पद वैभव सम्मान, ख्याति हो दुनिया भर में

उत्तम जन कुलश्रेष्ठ, आप ही हों हर घर में।।

जह्र फिजा में है घुला, नगर शहर या गाँव

बाग बगीचे काट कर, खोजे मानव छाँव

खोजे मानव छाँव, भला अब कैसे पाए

जब खुद गड्ढा खोद, उसी में गिरता जाए

धुन्ध धुँआ बारूद, बहें मिल खूब हवा में

कैसे लें अब साँस, घुला जब…

Continue

Posted on November 7, 2019 at 10:30pm — 6 Comments

कुण्डलिया (लोक पर्व "छठ पूजा")

अर्चन करने सूर्य का, चले व्रती सब घाट

छठ माँ के वरदान से, दमके खूब ललाट

दमके खूब ललाट, प्रकृति से ऊर्जा मिलती

हो निर्जल उपवास, मगर मुख आभा खिलती

शाम सुबह देें अर्घ्य, करें यश बल का अर्जन

चार दिनों का पर्व, करें सब मन से अर्चन।।

पूजा दीनानाथ की, डाला छठ के नाम

अस्त-उदय जब सूर्य हों, करते सभी प्रणाम

करते सभी प्रणाम, पहुँच कर नदी किनारे

भरकर दउरा सूप, अर्घ्य दें हर्षित सारे

प्रकृति प्रेम का पर्व, नहीं है जग में दूजा

अन्न…

Continue

Posted on November 2, 2019 at 10:00pm — 6 Comments

कुण्डलिया (रख आश्रम माँ बाप को)

आता है जब न्यूज़ में, होता कष्ट अपार

रख आश्रम माँ बाप को, बेटा हुआ फरार

बेटा हुआ फरार, तनिक भी क्षोभ न जिसका

होगा वह भी वृद्ध, कभी पर भान न इसका

रिश्तों का इतिहास, स्वयम् को दुहराता है

ख़ुद पे गिरती गाज़, समझ में तब आता है।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on November 1, 2019 at 11:11am — 9 Comments

महाभुजंगप्रयात सवैया में मेरी पंचम रचना

गरीबी मिटे औ कटे विघ्न बाधा, तमन्ना! बने स्वर्ग सा देश प्यारा
पले विश्व बंधुत्व की भावना औ, बने आदमी आदमी का सहारा
यहाँ सत्य का ही रहे बोलबाला, सदा के लिये झूठ से हो किनारा
निरोगी प्रतापी प्रभावी सभी हों, बने स्वाभिमानी लगे एक नारा।।

(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on May 10, 2019 at 6:30pm — 5 Comments

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At 7:03pm on April 11, 2019, Vivek Pandey Dwij said…
आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी आभार आप को इस उत्साह वर्धन के लिए।
At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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