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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Page

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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 प्रतिभा पांडेय जी सादर अभिवादन। विषयानुकूल बेहतरीन सृजन पर आपको कोटिश बधाइयां।"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 भाई सतविंदर जी सादर अभिवादन। विषयानुकूल बेहतरीन सृजन पर हार्दिक बधाई देता हूँ"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। विषयानुकूल बेहतरीन दोहे रचे आपने, बधाई स्वीकार कीजिए"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 शेख शहज़ाद उस्मानी साहब सादर अभिवादन। सावन विषय को लेकर सामयिक विषयो के साथ बड़ा सुंदर तारतम्य बिठाया है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 अशोक कुमार रक्ताले जी सादर अभिवादन। विषयानुकूल बेहतरीन रचना पर कोटिश बधाइयां निवेदित है"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"वाह वाह वाह, क्या बढिया सुधार किया आपने, अच्छा लगा।"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 प्रतिभा पांडेय जी सादर अभिवादन, आपकी प्रतिक्रिया से बल मिला है। सादर आभार आपका।"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। रचना पर आपकी प्रतिक्रिया से बड़ा पुरस्कार क्या हो सकता है। आपने रचना को गहराई से देखा, और अपनी बहुमूल्य टिप्पणी से हमें अवगत कराया, उसके लिए सादर आभार।"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 भाई सतविंद्र जी सादर अभिवादन। रचना पर आपकी उपस्थिति और आत्मिक प्रतिक्रिया का हृदय तल से आभार"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर अभिवादन। रचना पर उपस्थिति और आत्मिक प्रतिक्रिया के लिए हृदय तल से आभार"
Saturday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 विजय प्रकाश शर्मा जी सादर अभिवादन। आपकी रचना से पहली बार रूबरू हो रहा हूँ। विषयानुकूल इस सृजन पर कोटिश बधाइयां निवेदित है।"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 बासुदेव अग्रवाल नमन जी सादर नमन। आपने प्रदत्त विषय पर माहिया में बेहतरीन रचना सृजित की है। बहुत बहुत बधाई।"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी सादर अभिवादन। रचना पर आपकी आत्मिक प्रतिक्रिया का हृदयतल से आभार।"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आद0 रचना भाटिया जी सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर बढ़िया दोहावली हुई है। तथापि इसको फिर से देखियेगा। सूखे खेत माँग रहे, पानी की बौछार इस सृजन पर आपको कोटिश बधाइयां"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Dr.Prachi Singh's blog post ..ऐसा हो तो फिर क्या होगा (गीत) ~ डॉ. प्राची
"आद0 प्राची सिंह जी सादर अभिवादन। बेहतरीन गीत लिखा है आपने। बधाई स्वीकार कीजिए"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post ये भँव तिरी तो कमान लगे----ग़ज़ल
"आद0 पंकज कुमार मिश्र जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल का अच्छा प्रयास किया है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये। शेष आद0 समर साहब की इस्लाह तो बाकमाल"
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Blog

महाभुजंगप्रयात सवैया में मेरी पंचम रचना

गरीबी मिटे औ कटे विघ्न बाधा, तमन्ना! बने स्वर्ग सा देश प्यारा
पले विश्व बंधुत्व की भावना औ, बने आदमी आदमी का सहारा
यहाँ सत्य का ही रहे बोलबाला, सदा के लिये झूठ से हो किनारा
निरोगी प्रतापी प्रभावी सभी हों, बने स्वाभिमानी लगे एक नारा।।

(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on May 10, 2019 at 6:30pm — 5 Comments

महाभुजंगप्रयात छंद में मेरी चतुर्थ रचना

करे वोट से चोट जो हैं लुटेरे, खरे मानकों पे चुनें आप नेता

खड़ा सामने भ्रात हो या भतीजा, भले जो लगे आपको वो चहेता

नहीं वोट देना उसे ज़िन्दगी में, कभी आपको जो नहीं मान देता

सदा जो करे पूर्ण निःस्वार्थ सेवा, उसे ही यहाँ पे बनाएँ विजेता।1।

कहीं जाति की है लड़ाई बड़ी तो, कहीं सिर्फ है धर्म का बोलबाला

इसे मुल्क में भूल जाएं सभी तो, चुनावी लड़ाई बने यज्ञशाला

अकर्मी विधर्मी तथा भ्रष्ट जो है, वही देश का है निकाले दिवाला

चुनें वोट दे के उसी आदमी को, दिखे जो प्रतापी…

Continue

Posted on May 4, 2019 at 9:41pm — 7 Comments

महाभुजंगप्रयात छंद में मेरी तृतीय रचना

खड़ा आपके सामने हाथ जोड़े, लिए स्नेह आशीष की कामना को
करूँ शिल्पकारी सदा छंद की मैं, न छोड़ूँ नवाचार की साधना को
लिखूँ फूल को भी लिखूँ शूल को भी, लिखूँ पूर्ण निष्पक्ष हो भावना को
कभी भूल से भी नहीं राह भूलूँ, लिखूँ मैं सदा राष्ट्र की वेदना को

शिल्प -यगण ×8

(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on May 1, 2019 at 6:38pm — 6 Comments

महाभुजंगप्रयात छंद में मेरी दूसरी रचना

धरें वेशभूषा तपस्वी सरीखा, जियें किन्तु जो ऐश की जिंदगानी
सने हाथ हैं खून से भी उन्हीं के, सदा बोलते जो यहाँ छद्म बानी
पता ही नहीं मूल क्या ज़िन्दगी का, लगे एक सा जिन्हें आग पानी
उन्हें आप यूँ ही मनस्वी न बोलो, जुबाँ से भले वे लगें आत्म ज्ञानी।।

शिल्प -यगण ×8

(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on April 28, 2019 at 2:36pm — 6 Comments

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At 7:03pm on April 11, 2019, Vivek Pandey Dwij said…
आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी आभार आप को इस उत्साह वर्धन के लिए।
At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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