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santosh khirwadkar
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santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"धन्यवाद  आ.बृजेश जी !!!!"
Apr 18
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"शुक्रिया भाई श्री निलेश जी !!!"
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"वाह वाह आदरणीय..बेहतरीन ग़ज़ल"
Apr 18
Nilesh Shevgaonkar commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"आ. संतोष दादा,अच्छी ग़ज़ल हुई हैबधाई "
Apr 18
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"शुक्रिया आ.महाजन साहब"
Apr 18
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"धन्यवाद आ.आशुतोष जी !!!!!"
Apr 18
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"आभार आदरणीया नीलम जी !!!!"
Apr 18
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"धन्यवाद आ.त्रिपाठी जी !!!!"
Apr 18
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"धन्यवाद आ.डॉ.सिंग साहब!!!"
Apr 18
Harash Mahajan commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"हम वफ़ाओं की वो तस्वीर सँभाले हुए हैं।।.....वाह !! आ० संतोष जी सूंदर प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई ।"
Apr 18
Dr Ashutosh Mishra commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"आदरणीय भाई संतोष जी दिल के जज्वातों को बखूभी पिरोया है आपने इस ग़ज़ल में इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर "
Apr 18
Neelam Upadhyaya commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"आदरणीय संतोष जी बहुत सुंदर ग़ज़ल की प्रस्तुति । बहुत बहुत मुबारकबाद ।"
Apr 18
Naveen Mani Tripathi commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"आ0 संतोष जी बहुत सुंदर ग़ज़ल के लिए बधाई  मुझे हर शेर अच्छा लगा ।"
Apr 17
डॉ छोटेलाल सिंह commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"आदरणीय सन्तोष जी आपकी गजल भावनाओं से ओत प्रोत है बेहतरीन गजल लिखने के लिए बहुत बहुत बधाई"
Apr 17
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"प्रणाम आदरणीय समर साहब....तहेदिल से शुक्रिया!!!"
Apr 17
Samar kabeer commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"जनाब संतोष जी आदाब,बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Apr 17

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal
Native Place
Indore
Profession
Govt service
About me
National table-tennis player/coach

Santosh khirwadkar's Blog

गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष

अरकान:-

फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन

गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर सँभाले हुए हैं,

दिल को बहलाने की तदबीर सँभाले हुए हैं।।

बाँध रक्खा है हमें जिसने अभी तक जानाँ,

हम महब्बत की वो ज़ंजीर सँभाले हुए हैं।।

देखते रहते हैं अजदाद के चहरे जिसमें,

हम वफ़ाओं की वो तस्वीर सँभाले हुए हैं।।

जिन लकीरों में नजूमी ने कहा था,तू है,

दोनों हाथों में वो तक़दीर सँभाले हुए हैं।।

वस्ल की शब…

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Posted on April 17, 2018 at 11:21am — 16 Comments

खुली आँखें हैं और सोया हुआ हूँ ...संतोष

अरकान:-

मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन फ़ऊलुन

खुली आँखें हैं,पर सोया हुआ हूँ

तुम्हारी याद में डूबा हुआ हूँ।।



बदन इक दिन छुआ था तुमने मेरा

उसी दिन से बहुत महका हुआ हूँ।।



मुझे पागल समझती है ये दुनिया

तसव्वुर में तेरे खोया हुआ हूँ।।



जहाँ तुम छोड़कर मुझको गये थे

उसी रस्ते पे मैं बैठा हुआ हूँ।।



ख़ुदा का है करम 'संतोष' मुझ पर

हर इक महफ़िल पे मैं छाया हुआ हूँ।।

#संतोष_खिरवड़कर

(मौलिक एवं…

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Posted on March 29, 2018 at 4:30pm — 12 Comments

ज़िंदगी से दूर कब तक.....संतोष

अरकान:फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फाइलुन

ज़िन्दगी से दूर कब तक जाओगे,

किस तरह सच्चाई को झुटलाओगे।।

सादगी इतनी मियाँ अच्छी नहीं,

ज़िन्दगी में रोज़ धोका खाओगे।।

तल्ख़ यादें दिल से मिटती ही नहीं,

ज़िन्दगी में चैन कैसे पाओगे।।

तुम ग़मों को मात देना सीख लो,

अश्क पीकर कब तलक ग़म खाओगे।। 

अपनी कमज़ोरी को ज़ाहिर मत करो,

वरना हर सौदे में घाटा खाओगे।।

(मौलिक एवं…

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Posted on March 12, 2018 at 11:00pm — 15 Comments

तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”

 

फ़ाइलातुन फ़ईलातुन फ़ईलातुन फ़ेलुन

तेरे नज़दीक ही हर वक़्त भटकता क्यों हूँ

तू बता फूल के जैसा मैं महकता क्यों हूँ

मैं न रातों का हूँ जुगनू न कोई तारा पर

उसकी आँखों में मगर फिर भी चमकता क्यों हूँ

इस पहेली का कोई हल तो बताओ यारो

हिज्र की रातों में आतिश सा दहकता क्यों हूँ

घर बनाया है तेरे दिल में उसी दिन से सनम

सारी दुनिया की निगाहों में खटकता क्यों हूँ

हासिदों को बड़ी तश्वीश है इसकी…

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Posted on January 20, 2018 at 11:21am — 8 Comments

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