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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (3,319)

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"ओबीओ परिवार के समस्त सदस्यों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ..."

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied yesterday to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3293 yesterday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर'

"आ. भाई क्रिष्ण मिश्रा जी, गजल का प्रयास अच्छा है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"जी, कुछ और प्ररयास करके देखता हूँ फिर.."

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सादर अभिवादन । उत्साहवर्धन के लिए आभार ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. राजेश दी , सादर अभिवादन । स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई जी, पुनः उपस्थिति व मार्गदर्शन के लिए आभार । मैं परीज़ाद वाले शेर में यह कहना…"

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268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, यदि इस बारे में उदाहरण सहित कुछ विस्तार से बताएँ तो आगे से उपय…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई। एक संशय है क्या…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई दिनेश जी, सादर आभार।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई दिनेश जी, गजल का प्रयास अच्छा है । हार्दिक बधाई । भाई समर जी की सलाह से निखार…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127

268 on Saturday
Reply by Samar kabeer

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अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"धन्यवाद लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी, मेरी तरफ़ से भी आपको और सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक…"
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"ओबीओ परिवार के समस्त सदस्यों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ..."
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DR ARUN KUMAR SHASTRI commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"गजल में आपकी सादगी का गुमां मुझको हुआ है //लम्हा लम्हा हरफ ब हरफ बानगी से जुडा हुआ है…"
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"बहुत शुक्रिय: प्रिय ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"रूह के पार मुझको बुलाती रही' क्या कहने.. आ. भाई समर जी।"
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"भाई गुरप्रीत सिंह जी आदाब, बहुत अर्से बाद ओबीओ पर आपको देख कर ख़ुशी हुई ।"
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Gurpreet Singh jammu commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"/रूह*हर दर्द अपना भुलाती रही// यूँ कहें तो:- 'रूह के पार मुझको बुलाती रही वाह वाह आदरणीय समर…"
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Gurpreet Singh jammu commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"आदरणीया रचना भाटिया जी नमस्कार। बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल का प्रयास आपकी तरफ से । पहले दोंनों अशआर बहुत…"
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"//रूह*हर दर्द अपना भुलाती रही// यूँ कहें तो:- 'रूह के पार मुझको बुलाती रही'"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"आ. रचना बहन सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई। मेरे हिसाब से मिसरा यह करें तो अधिक…"
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Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् सुधारने की कोशिश की है। देखें क्या सहीह है ? एक आवाज़ कानों…"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई 'मुसाफ़िर' जी आदाब, सहवन बग़ैर तख़ल्लुस मक़्ते की जगह मतला टाईप हो…"
yesterday

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