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RAHUL MEIN BAHUT DOSH HAI.............

JANE WOH KISKA THA SAAYA JISE CHUNE KO,
HUM BHATAKTE RAHE AWARA HAWAO KI TARAH.
PYAAR KE WASTE PYASHA HAI YE DIL SADIO SE,
AB TOH BARSO KOI SAAWAN KI GHATAO KI TARAH.
HAR ANDHERE SE SUBAH BANKAR GUJAR JAUNGA,
TERA AANCHAL JO RAHE SAR PE DUWAO KI TARAH.
AAJ PALKO MEIN MUJHE KHWAAB BANAKAR CHUPA LO,
KAL MAI KHO JAUNGA GUMNAAM GUFAO KI TARAH.
MUJHE SULJHANE MEIN TUM KHUD HI ULAJH JAOGE,
MERI ZINDGI HAI SADHU KI JATAO KI TARAH.
JI HAAN RAHUL MEIN BAHUT DOSH
HAI PHIR BHI,
MAAF KAR DO USE BACHO KI KHATAO KI TARAH."

Views: 388

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Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on May 7, 2010 at 9:04pm
bahut badhiya rahul jee...sahi me lajawab rachna hai ye aapki.....
aisehi likhte rahe......aage bhi aapki rachnaon ka intezaar rahega....

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 7, 2010 at 8:35pm
वाह वाह राहुल जी, क्या खूब कहा है:

// हर अँधेरे से सुबह बनकर गुज़र जाऊंगा
तेरा आँचल जो रहे सर पे दुआयों कि तरह !

मुझे सुलझाने में तुम खुद ही उलझ जायोगे
मेरी ज़िन्दगी है साधु की जटायों कि तरह ! //

अंदाज़-ए-बयां अच्छा है, ख्यालों में पुख्तगी है और लफ़्ज़ों का चुनाव सटीक है ! सफ़र जारी रखिये - मंजिल बहुत ज्यादा दूर नहीं ! और मेरा विश्वास करें, राहुल में कोई भी दोष नहीं, भगवान आपकी कलम को हमेशा सच कहने की शक्ति दे !

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