For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr T R Sukul's Discussions (972)

Discussions Replied To (820) Replies Latest Activity

"विनम्र आभार आदरणीय।"

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"विनम्र आभार आदरणीया।"

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"विनम्र आभार आदरणीया। "

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आप को यह रचना अच्छी लगी इसके लिए विनम्र आभार प्रकट करता हूँ। जहाँ तक अन्य रचन…"

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"विनम्र आभार आदरणीया।"

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"मरीचिका ====== कल, ए काल !मैं, तेरे साथ ही आया था।वादा था, साथ साथ चलने का , चलते रह…"

Dr T R Sukul replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"पका आम ‘‘वैसे ही इस साल आम कम फले हैं और ये तोते, गिलहरियाॅं सब खाए जा रहे हैं’’ कहत…"

Dr T R Sukul replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"अन्तिम क्षण ------------- उस दिव्य चेतना के उन्मुक्त प्रवाह में छिटके,कुछ कण, मेरी झ…"

Dr T R Sukul replied Jun 15, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92

275 Jun 17, 2018
Reply by ASHISH SHRIVASTAVA

"डर‘‘ क्यों दादा ! उस दूकान पर नौकरी करने वाले ये सज्जन कौन हैं, उम्र के अंतिम समय मे…"

Dr T R Sukul replied May 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 (विषय: "डर")

373 May 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"क्या लक्ष्य भी उसका है कोई? भाव भूषित अलंकृत सुरंगों से, अंक में लघु सरोवर तरंगों…"

Dr T R Sukul replied May 11, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91

222 May 12, 2018
Reply by Satyanarayan Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
13 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service