For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna's Discussions (1,418)

Discussions Replied To (1182) Replies Latest Activity

"आदरणीय अखिलेश जी प्रस्तुति के भावों को अपने स्नेह से शोभित करने का हार्दिक आभार "

Sushil Sarna replied Apr 15, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर कबीर साहिब आपके शीरीं अल्फ़ाज़ों की मुंतज़िर मेरी प्रस्तुति आपका तहे दिल से…"

Sushil Sarna replied Apr 15, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय योगराज सर ,आदाब ... रचना में निहित भावों को स्वीकृति देती आपकी प्रशंसात्मक प्…"

Sushil Sarna replied Apr 15, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेश कुमारी जी प्रस्तुति के भावों को अपना आत्मीय मान देने का हार्दिक आभार।"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया प्रतिभा जी प्रस्तुति में निहित भावों को अपनी स्वीकृति देती प्रशंसात्मक प्रति…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मो. आरिफ साहिब रचना के भावों को आत्मीय मान देने का हार्दिक आभार। "

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वो अजान दे बुला रहा हैये घंटों से टन टन करता Iशोर शराबे में प्रभु छूटाआज दुखी है खुद…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"देख रहा तू आज कल, हर इंसां को प्यार से ।वंचित हम क्यों रह गये, तेरे इस उपकार से ।। व…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"फेर लिया था मैंने अपने चेहरे को जब तुमने मेरे अनुरोध पर अपनी पलकों को झुकाकर मेरी त…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय राणा प्रताप सर जन्मदिन की शुभकमनाएं स्वीकारें सर ।"

Sushil Sarna replied Apr 6, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
7 hours ago
Admin posted discussions
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Feb 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Feb 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service