For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's Discussions (190)

Discussions Replied To (190) Replies Latest Activity

"आ. खान साहब बेहतरीन कथा हुई है। कभी कभी अत्याचारी भी अपना अन्त खुद ही तय कर लेता है।…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ विजय शंकर जी आपको बहुत बहुत बधाई। बहुत ही सीमित और सन्तुलित शब्दों का प्रयोग करते…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ. अर्चना जी ,उत्साहवर्धन हेतु धन्यवाद "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ.बहुत बहुत आभार आपका"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ.  प्रतिभा जी , आदाब ,पहली रचना " ताल नैनीताल " पति पत्नी के रिश्तों को एक अफसानवी…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"प्रदीप जी, आपने सही कहा ,समसामयिक विषयों को साहित्य में छूना भी कभी- कभी गुनाह करने…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ. सुनील जी , आपकी कहानियाँ तो अक्शर पढ़ते ही हैं।  आपको लिखने का हक़ है।  आपने लघुकथा…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आ. आरिफ जी ,दोनों लघुकथाओं में आपने बहुत ही सीमित शब्दों में अपनी बात कह दी।" दामन "…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

" पहली रचना " विजेता " एक दम हट कर है। किसी दिव्याँग का पिता होकर अपने दिल में दबी अप…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मिश्रा जी पासबुक और भूख पढ़ीं। पासबुक से आप एक सन्देश देना चाह रहे थे परन्तु वह सशक्त…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Apr 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-25 (रजत जयंती)

1100 May 1, 2017
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Monday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Sunday
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
Sunday
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
Saturday
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
Saturday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
Saturday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
Saturday
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
Saturday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"
Saturday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service