For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ganesh Jee "Bagi"'s Discussions (8,124)

Discussions Replied To (5843) Replies Latest Activity

"अच्छी ग़ज़ल हुई है इमरान भाई,वक्त कटता नहीं …………… यह शेर बहुत ही बढ़िया हुआ है, दाद कुब…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"//इंतिज़ारी का मज़ा तो है मगरलम्हा लम्हा अब सदी होने लगी// वाह वाह, बहुत ही खूबसूरत शे…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"//जी हुज़ूरी जब सधी होने लगी भीत पुख़्ता रेत की होने लगी// बेहतरीन मतला हुआ है, एकदम स…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"क्या कहने आदरणीय आपने मुशायरे में एक bench मार्क निर्धारित कर दी है, एक एक शेर मानों…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया मोहिनी जी, बहुत ही अच्छी रचना हुई है, बधाई पेषित है ."

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"प्रदत्त विषयों के घेरों में सुन्दर प्रयास हुआ है, बधाई आदरणीय चौथमल जैन साहब ."

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"//एक बचपन के दूर जाने से, खत्म होना ही था ये अफसाना// वाह बहुत ही प्यार शेर, अच्छी…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"- ओ भले दिन ! अब तमन्ना है अधर से सूर्य छूलें बह चलें मिलजुल दिशाएँ भेदते सब उंगलियो…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय अखिलेश भाई साहब, प्रस्तुति पर बधाई किन्तु ये दोहें आपकी क्षमता के अनुरूप नहीं…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"आहा ! क्या कहना और फिर मुकरना, चार मुकरियां और चार रंग, इन रंगबिरंगी शुरुआत और इस प्…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Feb 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
21 minutes ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
9 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service