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"आदरणीय निलेश जी, हसरत ने यही नहीं कई और टैक्स लगाए हैं जिसे हम-आप-अब आज तक अदा कर रह…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय नादिर साहब,  आजमाता का 'आ' गिराया नहीं जा सकता  शब्द का पहला अक्षर कभी नहीं ग…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय समर साहब, शिकस्ते नारवा को इसकेआविष्कारक हसरत मोहानी ने सिर्फ अरकान के नज़रिए…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय निलेश जी, 'शिकस्ते नारवा'  का एक अक्सर कोट किया जाने वाला उदाहरण इकबाल का ये…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय समर साहब, 'खातिर ही' को दो अलग टुकड़ों में नहीं रखा जा सकता इन्हें किसे एक टूक…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय तस्दीक साहब, उम्दा ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई. किसी एक शेर को सबसे अच्छा कहना तो…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय वासुदेव जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई. 'माना कि ये दुनिया नायब है, हर न…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीया अंजली जी,  'सांसों में बिखरता हूँ'     बिखरती हूँ क्यों नहीं? ग़ज़ल में स्त्री…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय सुरेन्द्र जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई. लेकिन अब आपसे इस से आगे की…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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"आदरणीय राम अवध जी,  ग़ज़ल जल्दी में कही गयी लगती है. फिर भी कुछ शेर ऐसे है जो सिर्फ आप…"

Ajay Tiwari replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
Sunday

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
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vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Jan 14

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