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kanta roy's Discussions (2,219)

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"वाह  !  नई  चर्चा  नई चीज ...कमाल  है ! बहुत  खूब  रंग  देखा  आज  हमने ' तज़मीन ' का…"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत खूब !"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पेश आते हैं तो दुश्मन की तरह जां लुटा बैठे थे हम जिनके लिये ।..... वाह ! बहुत खूब कह…"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"क्यूँ मिला न चैन दो दिन के लिए अब नहीं चाहत मसाकिन के लिए ....अति सुंदर ! बधाई आपको…"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"माँ दुआएँ बाँधती ताबीज में कीलती है काल निसदिन के लिए------- अद्भुत बात कही है आपने…"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह ! हर शेर का रंग यहाँ अलग है , एक नया मिजाज देखने को मिला है । बहुत बहुत बधाई आपक…"

kanta roy replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"क्या  करूँ  , सारे  काफिये  इनके ,किनके  पर  ही  लटक  गए  है  , कुछ सेट ही  नहीं  कर…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जिंदगी इक ख्वाब था जिनके लिए रस्म है अब जिंदगी इनके लिए आदमी में आदमीयत खो गई पी गय…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"अब उसे काबिल कहें या बेवकूफ़ चल पड़ा वो तैरने तिनके लिये------ बहुत  ही  जिगर  वाला  श…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जो परिंदे आजकल गुमनाम हैंउनको पालें आप कुछ दिन के लिए....वाह ! वाह ! बहुत  ही  शानदा…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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