For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

rajesh kumari's Discussions (9,804)

Discussions Replied To (7515) Replies Latest Activity

"वक़्त वो आया कि फिर  हर हद हमारे बीच की अमिट सरहद हो गयी----वाह्ह्ह्हह्ह  बहुत अच्छी…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"वाह्ह्ह्ह वाह्ह्ह बहुत शानदार ग़ज़ल कही है आद० सचिन देव भैया दिल से बधाई लीजिये "

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"भाई जी सही पकड़ा .कम से कम आपका ध्यान तो गया |"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"बहुत अच्छे अशआर निकालें हैं आद० डॉ० गोपाल भाई जी  ये एक शानदार ग़ज़ल बनते बनते रह गई ,…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"आद० मनन कुमार जी बहुत सुंदर ग़ज़ल हुई है  उड़ते पंछी रोज गगन मेंकुछ तो होती उनकी भी हद।…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"प्रकृति ने तो दुनिया बहुत सुंदर बनाई थी मानव नामक ये जीव भी बहुत सुंदर बनाया था किन्…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"प्रदत्त विषय पर मन के उद्दगार खूब कलम बद्ध किये हैं आद० कालीपद प्रसाद जी बहुत बहुत ब…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"दिखाता है वही होता है जो सच सदाक़त से है पुर दर्पन की सरहद ।-------वाह्ह्ह्हह  बेहतरी…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"प्रदत्त विषय पर बहुत बढिया रुबाई छंद मुक्तक लिखे हैं आद० वासुदेव अग्रवाल जी ये शब्द…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"हदें हैं अपनी जगह,सरहदें अपनी जगह।मुद्दे साथ चले,रुतबे अपनी जगह।-----सही कहा आपने  आ…"

rajesh kumari replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Feb 4
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service