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Chetan Prakash's Discussions (714)

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"221    2121    1221    212    किस को बताऊँ दोस्त  मैं क्या याद आ गया ये   ज़िन्दगी …"

Chetan Prakash replied Oct 25, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-184

76 Oct 26, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"हर कहानी को कई रूप रुहानी लिखना ज़ाविया दे कहीं हर बात नूरानी लिखना मौलवी हो या वो…"

Chetan Prakash replied Sep 27, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-183

93 Sep 29, 2025
Reply by मिथिलेश वामनकर

"माँ की नहीं धरा कोई तुलना है  माँ तो माँ है, देवी होती है ! माँ जननी है सब कुछ देती…"

Chetan Prakash replied Sep 14, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-178

18 Sep 14, 2025
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय विमलेश वामनकर साहब,  आपके गीत का मुखड़ा या कहूँ, स्थायी मुझे स्पष्ट नहीं हो स…"

Chetan Prakash replied Sep 14, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-178

18 Sep 14, 2025
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय, दयावान मेठानी , गीत,  आपकी रचना नहीं हो पाई, किन्तु माँ के प्रति आपके सुन्दर…"

Chetan Prakash replied Sep 14, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-178

18 Sep 14, 2025
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रयास  अच्छा रहा, और बेहतर हो सकता था, ऐसा आदरणीय श्री तिलक  राज कपूर साहब  बता ही…"

Chetan Prakash replied Aug 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182

96 Aug 24, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"अच्छा  प्रयास रहा आप का किन्तु कपूर साहब के विस्तृत इस्लाह के बाद  कुछ  कहने योग्य र…"

Chetan Prakash replied Aug 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182

96 Aug 24, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"सराहनीय प्रयास रहा आपका, मुझे ग़ज़ल अच्छी लगी, स्वाभाविक है, कपूर साहब की इस्लाह के…"

Chetan Prakash replied Aug 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182

96 Aug 24, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"आपका धन्यवाद,  आदरणीय भाई लक्ष्मण धानी मुसाफिर साहब  !"

Chetan Prakash replied Aug 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182

96 Aug 24, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"साधुवाद,  आपको सु श्री रिचा यादव जी !"

Chetan Prakash replied Aug 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182

96 Aug 24, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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