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Rita Gupta's Discussions (320)

Discussions Replied To (320) Replies Latest Activity

"धन्यवाद आपको पसंद आई "

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदरणीय विनय जी धन्यवाद ,कथा का मर्म समझने के लिए ."

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"आभार श्रीमान हरि प्रकाश जी "

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"धन्यवाद कांता जी .हमसब पहचान पत्र  बनाने की यंत्रणा से जरूर गुजरे होंगे . यहाँ मैंने…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"धन्यवाद श्रीमान चंद्रेश कुमार जी ,आपने सही कहा ये मुठ्ठी भर अकर्मण्य लोग पूरे तंत्र…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"आप शायद कहेंगे  कि स्त्री हूँ इसलिए ऐसी प्रतिक्रिया दे रहीं हूँ .पर क्यूँ एक स्त्री…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"फरिश्तों की कोई जात नहीं होती ,इस बात को रेखांकित करती हुई उत्कृष्ट रचना का रसपान सु…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"बहुत सुंदर  कथा मिथिलेश जी . भिखारी  की प्रतिक्रिया बिलकुल अंगूर खट्टे हैं वाली है .…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

" पहचान  शीर्षक – नागरिक “आ गए ,बनवा लिया पहचान पत्र ?”पसीने से तर ब तर रामाशीष बाब…"

Rita Gupta replied May 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-2 (विषय: पहचान)

882 May 31, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"वाह ! इतने मानिक मोती हीरे जवाहरात . लघु कथाओं के इस संकलन को पढ़ मुझे आज बहुत कुछ सी…"

Rita Gupta replied May 28, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-01 की सभी स्वीकृत लघुकथाओं का संकलन

58 Mar 5, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

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