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MAHIMA SHREE's Discussions (1,151)

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"क़ायदों को बखूबी निभाया, मगर,तेरे वादे को मुश्किल निभाना हुआ- ख़ुद जले या बुझा दे उसे…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"फिर वही ख़त, किताबें,वही गुफ़्तगूवक़्त ज्यूँ प्यार का फिर तराना हुआ   ये ख़बर आयी है, आज…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"हसरतें हाथ धरती पे मलती रहीं चाँद का बाम बैठे चिढ़ाना हुआ   साँस पर बंदिशे तारी होने…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"खुल के जब भी मेरा मुस्कुराना हुआतब से दुशमन ये सारा जमाना हुआजब तेरी याद का दिल में…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"है कठिन दौर अब ऐ खुदा सब्र दे  नेकियों का चलन अब पुराना हुआ   जाने अल्लाह को क्या है…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"एक झटके में तूने हिला दी जड़ें इसलिये तू सभी का निशाना हुआ   वक्त रुकता नही है किसी…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"वाह वाह !! बेजोड़ .... हर एक शेर लाजवाब ..आदरणीय सौरभ सर हार्दिक बधाई स्वीकार करें .…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"ये तकाज़ा है इस दर्द का जानकरमेरा अंदाज़ भी शायराना हुआ |   भूख ने रातभर आँख लगने न दी…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"तेरा अंदाज़ क्यों फलसफाना हुआतू भी क्या शायरी का दीवाना हुआ   छटपटाता रहा आँख में रात…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"फूल रख कर किताबों में देना उसेछोडि़ये, अब उसे भी ज़माना हुआ।कौन ठहरा यहॉं पर सदा के…"

MAHIMA SHREE replied Dec 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
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