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Neelam Upadhyaya's Discussions (600)

Discussions Replied To (423) Replies Latest Activity

"आचार्य जी, हमारे पूरे परिवार की तरफ से आपको जन्म दिन की हार्दिक बधाई । इस अवसर पर हम…"

Neelam Upadhyaya replied Aug 20, 2010 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"बागी जी के पुत्र अमन बाबू के जन्म दिन के अवसर पर हमार पूरे परिवार की तरफ से हार्दिक…"

Neelam Upadhyaya replied Aug 20, 2010 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"bahut hi badhiya nirnay hai aur swagat yogya hai."

Neelam Upadhyaya replied Aug 16, 2010 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"Vijay Pathak ji janmdin ki hardik badhayi."

Neelam Upadhyaya replied Jul 26, 2010 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"Baban Pandey ji ki shadi ke saalgirah par dhero badhayee."

Neelam Upadhyaya replied Jul 13, 2010 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

मुख्य प्रबंधक

"जी, इस बंद से हमें महंगाई से तो बिल्कुल निजात नहीं मिलने वाला । बल्कि इसका उल्टा ही…"

Neelam Upadhyaya replied Jul 6, 2010 to क्या खोया क्या पाया भारत बंद से ?

21 Nov 1, 2023
Reply by Aarav roy

"Prabhakar ji, samaj ki ek kupratha par chot karti huye bahut hi badhiya kavita hai."

Neelam Upadhyaya replied Jul 2, 2010 to ब्राह्मण

12 Aug 2, 2010
Reply by Manoj Kumar Jha

सदस्य टीम प्रबंधन

"कहावत:- जानेले चीलम जिनका चढ़ेला अंगारी मूल भाषा:- भोजपुरी अर्थ/प्रयोग:- जिसे कष्ट…"

Neelam Upadhyaya replied Jun 25, 2010 to कुछ लुप्त प्राय कहावतें

16 Dec 30, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"कहावत:-. लोहा के सस्तई से सियार गढ़वले टांगा मूल भाषा:- भोजपुरी अर्थ/प्रयोग:- जब…"

Neelam Upadhyaya replied Jun 23, 2010 to कुछ लुप्त प्राय कहावतें

16 Dec 30, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"Dushyant ji, namaskaar. Nayee job ke liye aapko hardik badhayee. Hamari shubhkamna…"

Neelam Upadhyaya replied Jun 22, 2010 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

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सदस्य टीम प्रबंधन
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"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
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Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
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२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
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