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"मैं जानती हूँ कि ये ग़ज़ल सच में बस एक प्रयास भर है। बहुत डर के साथ यहाँ मंच पर प्रस्त…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
Reply by shree suneel

"देशकाल की समस्याओं को  केंद्र में रखकर एक अलग ही फ़िज़ा दिखाई दी है यहाँ ।  आपकी यह  ग़…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"लोग रोते रहे ख्वाह-मखाह जिस्म पर, मैं तो ज़िन्दा हुआ, फिर ..मरा कौन है?------वाह ! क्…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"ग़ज़ल कहन की साइंसी जानकारियों से अभी मैं महरूम हूँ। शेर के भाव पढ़कर ही बस झूम उठती हू…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"बहुत खूब आदरणीय मनन कुमार जी , बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। ..बधाई प्रेषित है। "

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"हा हा हा हा ..........भारतीय रेल की परिस्थितियों की बयानियाँ यहां बहुत ही गज़ब की हुई…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"ज़ोरे तूफां समुन्दर से कहता फिराकश्तिये नूह का नाखुदा कौन है------बहुत खूब कही है आपन…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"वाह ! बहुत खूब ग़ज़ल हुई है आपकी आदरणीय तस्दीक जी।  बधाई प्रेषित है "

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"आपका साथ कब से मयस्सर नहींफिर मेरे साथ ये आप-सा कौन है------ वाह ! हम तो यहाँ पूर्ण…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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"ज़ुल्म की इन्तहा हो गयी देखियेअब गलत को गलत बोलता कौन है।----बहुत गहरी बात कही है आपन…"

kanta roy replied Feb 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
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*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
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