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"अपने भीतर कभी झांकता ही नहींहर घड़ी पूछता है ख़ुदा कौन है------वाह ! क्या खूब शेर कही…"

kanta roy replied Feb 26, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
Reply by shree suneel

"वाह ! वाह ! वाह ! ..... सुफियाना गजल और पीर के साथ दिलजले का वास्ता , क्या कहने है स…"

kanta roy replied Feb 26, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
Reply by shree suneel

"दिल दिया यार को सोचता कौन है इस जहाँ में भला आप सा कौन है आईना आईना खेलता कौन है मे…"

kanta roy replied Feb 26, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
Reply by shree suneel

"वाह ! बहुत खूब परिभाषित हुई है यहां कुहासा आपकी इन प्रस्तुत पंक्तियों में आदरणीय बैज…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"कोहरे तुम मन कीहर उस दीवारसे हट जाओजो हमें पिघलने से रोकती है|---------अप्रतिम भावों…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हो बावरे गए दिन, शुक-पिक करें हैं शोर,लो आ गया वसन्त , मन में छाई नव सी भोर -----वाह…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"इस ‘बनक ठनक‘ का कनक पुष्प कलुषित न कर दे.... उस, दिव्य सुधा के प्रवाह को....। अपनी,…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"धुंध में मौसमकुछ और सुहाना लगता है ,दूर कहीं बजता हुआ हो संगीततो वो भी पास , कितना न…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आभार आपको ह्रदय से आदरणीया नयना  जी "

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मात्रायें सही है शायद (नई अभ्यासी हूँ )आदरणीय शहज़ाद जी , "कोहरे "और " दंगल" में बस ल…"

kanta roy replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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Ashok Kumar Raktale posted a blog post

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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
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Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
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Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
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