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Chetan Prakash's Discussions (714)

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"जी, आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' मेरी  प्रस्तुति को आपकी बहुमूल्य प्रशंसा मिली,…"

Chetan Prakash replied Apr 13, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-173

82 Apr 14, 2025
Reply by गिरिराज भंडारी

"आदरणीया, सु श्री प्रतिभा पाण्डे जी, नमन ! आपका आभारी हूँ, ग़ज़ल को आपकी अनुशंसा प्रा…"

Chetan Prakash replied Apr 13, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-173

82 Apr 14, 2025
Reply by गिरिराज भंडारी

"आ. गिरीश भण्डारी जी, नमन, आप ने मक़ते कै शे'र में  मेरा ध्यान आकर्षित किया, बंधुवर, …"

Chetan Prakash replied Apr 13, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-173

82 Apr 14, 2025
Reply by गिरिराज भंडारी

"एक ग़ज़ल  221    1221   1221    12 ये ज़िन्दगी  अहबाब कोई बंदगी है होती कभी गुलदान…"

Chetan Prakash replied Apr 13, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-173

82 Apr 14, 2025
Reply by गिरिराज भंडारी

"टक आ.अजय गुप्ता 'अजेय ग़ज़ल का अच्छा प्रयास किया, आप ने ! शेष आ.अमित जी कह हक चुके ह…"

Chetan Prakash replied Mar 29, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आज है आदमी का नकार आदमी महज़ है वो पैक़र क्षार- क्षार आदमी दे चुका ईसा को सूली सुकर…"

Chetan Prakash replied Mar 29, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ.लक्ष्मण सिंह ' मुसाफिर' ग़ज़ल का मतला , कमज़ोर  लगा और, शायद रब्त में नहीं हैं ! द…"

Chetan Prakash replied Mar 29, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदाब,  नीलेश शेवगांवकर साहब,  खूबसूरत ग़ज़ल हुई,  बधाई स्वीकार करें ! आदरणीय अमित जी…"

Chetan Prakash replied Mar 29, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"होली के रंग  : घनाक्षरी छंद  बरसत गुलाल कहीं और कहीं अबीर है ब्रज में तो चहुँओर हो…"

Chetan Prakash replied Mar 15, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-172

13 Mar 16, 2025
Reply by Sushil Sarna

"आ. आपने कदाचित मंच की नियमावली  नहीं पढ़ी। आपकी प्रस्तुति अमान्य है।  "रचना पोस्ट कर…"

Chetan Prakash replied Feb 16, 2025 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-171

12 Feb 17, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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