For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वेदिका's Discussions (1,371)

Discussions Replied To (1041) Replies Latest Activity

"बहुत जबरदस्त घनाक्षरी छंद रचा आपने आदरणीय अलबेला खत्री जी! बहुत बहुत शुभकामनाएं आपको "

वेदिका replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"बहुत मार्मिक प्रार्थना ...मर्म स्पर्शी निवेदन  बहुत बहुत शुभकामनायें आदरणीय गणेश जी!…"

वेदिका replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"क्या सच में सौरभ जी! आपने तो एकदम हौसला बुलंद कर दिया बहुत ख़ुशी हुयी ,,,,प्रयास सफल…"

वेदिका replied Apr 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"चुस्त ख़याल के लिए शुक्रिया शशि पुरवार साहिबा"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"अशोक रक्ताले साहब ...शुक्रिया आप मुझगम़दीदा को गम़गुस्सार साबित हुए"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"लेकिन बागी साहब, जो आपने जो हर्फ़ बोल्ड किये है उनका ...मतलब क्या हुआ"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"तश्रीफ़ और तसल्ली के लिए शुक्रिया  शशि पुरवार साहिबा"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"बहुत बहुत शुक्रिया बागी साहब ...हौसला अफज़ाई का ....गजल पे नज़र करके नाचार नाउम्मीद की…"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"वाह वाह आदरणीय सौरभ जी! तुस्सी छा गये हो गज़ल बिच ,,,,:)))मेरे तनबदन में खुश्बू.. कहो…"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

"वाह वाह विशाल चर्चित जी!कभी तुम हो दूर मुझसे कभी मैं हूँ दूर तुमसेअभी जो मिला है मौक…"

वेदिका replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service