For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Asif zaidi's Discussions (474)

Discussions Replied To (455) Replies Latest Activity

"   आदरणीय Manan Kumar singh जी बहुत बहुत बधाई बढ़िया भाषा का  प्रदर्शन सादर ।"

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   आदरणीया KALPANA BHATT ('रौनक़') जी बहुत बहुत बधाई स्वीकार किजिए अच्छी लघुकथा अच्छा…"

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   मोहतरम Sheikh Shahzad Usmani साहब बहुत ख़ूब मुबारकबाद ने अंदाज़ की बहतर लघुकथा जन…"

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   आदरणीय TEJ VEER SINGH जी बहुत बहुत बधाई बहुत बढ़िया लघुकथा बहतर विषय सादर । "

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   आदरणीय अजय गुप्ता जी बहुत बहुत बधाई बहुत शानदार लघुकथा सबको आमेज़,सादर   "

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   आदरणीय Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' जी प्रथम प्रस्तुति की  बहुत बहुत बधाई सुंदर…"

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

" *अनवर साहब घर में घुसते ही बोले। "अरे बेटी'(शाहीन) तुम यहीं हो"? "जी सलीम(दामाद) मु…"

Asif zaidi replied Oct 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-55 (विषय: घर संसार)

100 Nov 1, 2019
Reply by योगराज प्रभाकर

"   जनाब बासुदेव अग्रवाल 'नमन' साहब बहुत ख़ूब उम्दा ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद ।"

Asif zaidi replied Oct 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112

172 Oct 26, 2019
Reply by Md. Anis arman

"   आदरणीया 'अमीत जी"  "

Asif zaidi replied Oct 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112

172 Oct 26, 2019
Reply by Md. Anis arman

"  मोहतरम Amit Kumar "Amit" साहब बहुत बहुत शुक्रिया जनाब ।"

Asif zaidi replied Oct 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112

172 Oct 26, 2019
Reply by Md. Anis arman

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
13 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service